India State Mourning: पोप फ्रांसिस के निधन पर भारत में 3 दिन का राजकीय शोक, जानें क्या रहेगा बंद?
India State Mourning: भारत सरकार ने पोप फ्रांसिस के निधन पर तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। यह शोक 22 और 23 अप्रैल, और फिर पोप के अंतिम संस्कार वाले दिन मनाया जाएगा।
गृह मंत्रालय ने बताया कि इस दौरान पूरे देश में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और कोई भी आधिकारिक मनोरंजन या सार्वजनिक समारोह नहीं होगा।

पोप फ्रांसिस: दुनिया के लिए एक आध्यात्मिक मार्गदर्शक
88 वर्षीय पोप फ्रांसिस, जो रोमन कैथोलिक चर्च के पहले लैटिन अमेरिकी नेता थे, का 21 अप्रैल को निधन हो गया। अपने 12 साल के कार्यकाल में उन्होंने करुणा, सहिष्णुता और मानवता के संदेश को दुनिया तक पहुंचाया।
उनकी अंतिम सार्वजनिक अपील में उन्होंने धार्मिक स्वतंत्रता, विचार की आज़ादी और सहनशीलता की बात की थी और गाज़ा की स्थिति को 'निंदनीय' बताया था।
पीएम मोदी ने जताया शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पोप के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया और एक्स (Twitter) पर लिखा कि पोप फ्रांसिस को दुनिया भर के लाखों लोग हमेशा करुणा, विनम्रता और आध्यात्मिक साहस के प्रतीक के रूप में याद रखेंगे। उन्होंने बचपन से ही प्रभु ईसा मसीह के आदर्शों को जीया और वंचितों के लिए हमेशा खड़े रहे। पीएम ने उनके साथ अपनी मुलाकात की तस्वीरें भी साझा कीं और बताया कि उन्हें समावेशी विकास के प्रति पोप की प्रतिबद्धता ने प्रेरित किया।
क्या होता है राजकीय शोक? जानिए आसान शब्दों में
राजकीय शोक तब घोषित किया जाता है जब देश किसी महत्वपूर्ण राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय व्यक्ति के निधन पर आधिकारिक रूप से शोक प्रकट करता है।
राजकीय शोक के दौरान क्या-क्या होता है?
1.झंडा आधा झुका दिया जाता है (National Flag at Half Mast):
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पूरे देश या राज्य की सरकारी इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुकाया जाता है।
- केवल स्मरण या श्रद्धांजलि हेतु झंडा झुकाया जाता है, कोई अन्य कार्य नहीं किया जाता।
- सभी प्रकार के सरकारी समारोह, सांस्कृतिक, मनोरंजन और उद्घाटन कार्यक्रम स्थगित या रद्द कर दिए जाते हैं।
- अगर, कोई सार्वजनिक रूप से निर्धारित कार्यक्रम पहले से तय हो, तो उसे भी टालने का प्रयास किया जाता है।
- सिनेमा हॉल, थिएटर और अन्य मनोरंजन से जुड़ी गतिविधियाँ कुछ स्थानों पर बंद रहती हैं।
- टेलीविजन और रेडियो चैनल्स भी उस दिन सांस्कृतिक या मनोरंजन कार्यक्रम नहीं दिखाते, बल्कि श्रद्धांजलि से जुड़ी सामग्री प्रसारित करते हैं।
- आमतौर पर सरकारी दफ्तर और स्कूल/कॉलेज खुले रहते हैं, जब तक कि विशेष आदेश न हों।
- लेकिन किसी शीर्षस्थ नेता के निधन पर इन्हें भी एक दिन के लिए बंद किया जा सकता है।
- राजकीय शोक की घोषणा के साथ, सरकारी सम्मान के साथ अंतिम संस्कार भी किया जाता है - जैसे 21 तोपों की सलामी, बंदूक salute, तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर आदि।
2. आधिकारिक समारोह और सरकारी कार्यक्रम रद्द:
3. मनोरंजन पर रोक (Entertainment Restrictions):
4. सरकारी स्कूल, कॉलेज, ऑफिस:
5. अंतिम संस्कार में सरकारी सम्मान:
भारत के लिए क्यों खास है ये शोक?
भारत एक धार्मिक विविधता वाला देश है, जहां ईसाई समुदाय भी बड़ी संख्या में मौजूद है। पोप फ्रांसिस की वैश्विक भूमिका और भारत के साथ उनके संबंधों को देखते हुए, भारत सरकार ने यह राजकीय शोक सम्मान के रूप में घोषित किया है।












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