लोगों ने कोविड नियमों का पालन किया, तो नहीं आएगी कोरोना की तीसरी लहर- डॉ. रणदीप गुलेरिया
नई दिल्ली, अगस्त 15। एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने कोरोना महामारी की तीसरी लहर को लेकर कहा है कि अगर लोग कोविड प्रोटोकॉल का अच्छे से पालन करते हैं तो हो सकता है कि तीसरी लहर आए ही नहीं। शनिवार को रणदीप गुलेरिया विशाखापत्तनम में एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचे थे। यहां उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कोरोना की तीसरी लहर को लेकर कुछ भी कहना अभी मुश्किल है।

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दूसरी लहर की तरह खतरनाक नहीं होगी तीसरी लहर- गुलेरिया
विशाखापत्तनम के गीतम संस्थान में रणदीप गुलेरिया को स्थापना दिवस पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसी दौरान उन्होंने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर अप्रत्याशित है, इसलिए ये कहना मुश्किल है कि तीसरी लहर में वायरस कैसे और कितना प्रभाव डालेगा। गुलेरिया ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि कोरोना की तीसरी लहर दूसरी लहर की तरह घातक होगी।
बच्चों पर अधिक हो सकता है तीसरी लहर का प्रभाव- गुलेरिया
रणदीप गुलेरिया ने तीसरी लहर में बच्चों के सबसे अधिक संक्रमित होने की संभावना को लेकर कहा कि तीसरी लहर में बच्चे सबसे अधिक चपेट में आ सकते हैं, क्योंकि बच्चे अधिक सेंसटिव होते हैं और उनका अभी टीकाकरण भी नहीं हुआ है। गुलेरिया ने बताया कि सीरो सर्वेक्षण के अनुसार 50 प्रतिशत से अधिक बच्चे पहले ही संक्रमित हो चुके हैं और उनमें एंटीबॉडीज हैं।
अगले 1-2 महीने में आ जाएगी बच्चों की वैक्सीन- गुलेरिया
बच्चों की वैक्सीन पर बोलते हुए गुलेरिया ने कहा कि अगले 1 या 2 महीने में बच्चों का भी टीका आ जाएगा। इसके बाद बच्चों का वैक्सीनेशन भी शुरू होगा। गुलेरिया ने कहा कि कोरोना की वैक्सीन ही बच्चों में संक्रमण के गंभीर प्रभाव को कम कर सकती है। उन्होंने कहा कि टीकाकरण के बाद भी लोगों में संक्रमण फैल रहा है, लेकिन वो गंभीर परिणामों के शिकार नहीं हो रहे हैं।












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