भारत की पहली जेंडर-न्यूट्रल HPV वैक्सीन लॉन्च, सर्वाइकल कैंसर से करेगी बचाव
नई दिल्ली, 29 सितंबर: एमएसडी फार्मास्युटिकल्स इंडिया ने बुधवार को भारत की पहली जेंडर-न्यूट्रल ह्यूमन पैपिलोमावायरस/एचपीवी वैक्सीन लॉन्च की। जिसे लड़के/लड़कियों दोनों को दिया जा सकता है। इससे एचपीवी का खतरा काफी हद तक कम हो जाएगा। इस वैक्सीन का नाम GARDASIL 9 रखा गया है। हालांकि ये वैक्सीन कोरोना वैक्सीन की तरह सभी आयु वर्ग के लिए नहीं है। इसे कुछ चुनिंदा आयु वर्ग के लड़के/लड़कियों ले सकते हैं।

एमएसडी-इंडिया रीजन के प्रबंध निदेशक रेहान ए खान ने कहा कि हमने पंजाब और सिक्किम जैसी राज्य सरकारों के साथ काम किया है। अभी कई अन्य राज्यों और निगमों के साथ बात चल रही है। जिससे वो टीकाकरण की उपलब्धता का विस्तार करने की उम्मीद करते हैं। इस वैक्सीन की वजह से सर्वाइकल कैंसर का खतरा काफी हद तक कम हो जाएगा। मौजूदा वक्त की बात करें तो सर्वाइकल कैंसर के कारण भारत में मृत्यु दर दूसरी सबसे अधिक है और एचपीवी इसका सबसे आम कारण है। हर साल 1,22,000 से अधिक महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर का पता चलता है। इसके अलावा 67000 महिलाओं की इसकी वजह से मृत्यु हर साल होती है।
खान के मुताबिक दुनिया में सर्वाइकल कैंसर से होने वाली मौतों में से 25 प्रतिशत से ज्यादा भारत में होती हैं। वैसे तो इसमें 100 से ज्यादा प्रकार के वायरस हैं, लेकिन 13 को ही कैंसर का कारण माना जाता है। सबसे बड़ी बात तो ये है कि इतना खतरा होने के बाद भी एचपीवी टीके राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम का हिस्सा नहीं हैं और इसके बारे में कोई जागरुकता भी नहीं फैलाई जा रही।
कौन-कौन ले सकते हैं वैक्सीन?
अगल लड़कियों को एचपीवी के संपर्क में आने से पहले इस वैक्सीन को दिया जाए, तो सर्वाइकल कैंसर का खतरा कम किया जा सकता है। वहीं एक बार कोई एचपीवी के संपर्क में आ गया, तो ये उतनी प्रभावी नहीं होगी। फिलहाल ये टीका 9-26 वर्ष की आयु वर्ग की लड़कियों और 9-15 वर्ष के आयु वर्ग के लड़कों को दिया जा सकता है। GARDASIL 9 एक नैनो-वैलेंट वैक्सीन है, जिसे इंट्रामस्क्युलर इंजेक्शन के रूप में दिया जाता है, जिसकी कुल 3 खुराक 6 महीने में ली जाती हैं।












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