IEW 2026: वैश्विक ऊर्जा मंच पर भारत का शक्ति प्रदर्शन, 2047 तक 100 GW परमाणु बिजली से रोशन होगा देश
India Energy Week 2026: गोवा में आयोजित इंडिया एनर्जी वीक के चौथे संस्करण के उद्घाटन सत्र में केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने वैश्विक ऊर्जा जगत का स्वागत किया। उन्होंने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि यह प्लेटफॉर्म अब ऊर्जा संवाद के लिए दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण मंचों में से एक बन चुका है।
मंत्री पुरी ने बताया कि इस वर्ष भागीदारी में रिकॉर्ड 36% की वृद्धि हुई है, जिसमें 75,000 से अधिक ऊर्जा पेशेवर और 120 से अधिक देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।

ऊर्जा मांग का नया केंद्र और 'एनर्जी एडिशन' की रणनीति
मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य पर चर्चा करते हुए कहा कि वर्तमान में दुनिया की बढ़ती ऊर्जा मांग का करीब 60% हिस्सा विकासशील एशिया से आ रहा है। उन्होंने एक महत्वपूर्ण सिद्धांत पेश किया कि ऊर्जा का भविष्य केवल पुराने स्रोतों को 'बदलने' (Replacement) के बारे में नहीं, बल्कि नए स्रोतों को 'जोड़ने' (Addition) के बारे में है। उनके अनुसार, जब तक नवीकरणीय ऊर्जा पूरी तरह स्थापित नहीं हो जाती, तब तक पारंपरिक ऊर्जा स्रोत वैश्विक अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए अनिवार्य बने रहेंगे।
आम आदमी को ईंधन की कीमतों से राहत
भारत सरकार की उपलब्धियों को साझा करते हुए मंत्री पुरी ने बताया कि वैश्विक उथल-पुथल के बावजूद, भारत ने अपने नागरिकों को ईंधन की कीमतों के झटकों से बचाए रखा है। उन्होंने जानकारी दी कि दिल्ली में 2025 में ईंधन की कीमतें 2021 के मुकाबले भी कम रहीं।
इसके अलावा, उज्ज्वला योजना के 10 करोड़ से अधिक लाभार्थियों के लिए एलपीजी की कीमतें दुनिया में सबसे कम दरों में से एक (करीब 5.5 - 6 डॉलर प्रति सिलेंडर) पर स्थिर रखी गई हैं। भारत ने इथेनॉल सम्मिश्रण में भी 20% का लक्ष्य हासिल कर लिया है, जिससे भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा की बचत हुई है।
परमाणु ऊर्जा और जहाज निर्माण क्षेत्र में निवेश के अवसर
भविष्य की ऊर्जा सुरक्षा के लिए मंत्री पुरी ने घोषणा की कि भारत ने साल 2047 तक 100 GW परमाणु क्षमता हासिल करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है, जिसके लिए 'SHANTI' जैसा आधुनिक कानूनी ढांचा तैयार किया गया है। साथ ही, उन्होंने देश के जहाज निर्माण (Shipbuilding) क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए 8 बिलियन डॉलर के सरकारी पैकेज का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि तेल और गैस व्यापार के लिए भारत को जल्द ही करीब 60 नए जहाजों की आवश्यकता होगी, जो निवेशकों के लिए 5 बिलियन डॉलर के अवसर पैदा करता है।
वैश्विक सहयोग और आर्थिक समृद्धि का विजन
संबोधन के समापन में हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऊर्जा उपभोक्ता है और 2050 तक वैश्विक ऊर्जा मांग में भारत की हिस्सेदारी बढ़कर करीब 10% हो जाएगी। भारत न केवल अपनी प्रगति के लिए काम कर रहा है, बल्कि दुनिया भर के साझेदारों के साथ मिलकर एक सुरक्षित, लचीला और समावेशी ऊर्जा भविष्य बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है।












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