कोरोना संकट के चलते भारतीय अर्थव्यवस्था में दिख सकती है बड़ी गिरावट: वर्ल्ड बैंक
नई दिल्ली। वर्ल्ड बैंक ने वित्तीय वर्ष 2020-21 में भारतीय अर्थव्यवस्था में 3.2 फीसदी कमी आने का अनुमान जताया है। वर्ल्ड बैंक ने सोमवार को अपनी रिपोर्ट 'ग्लोबल इकॉनमिक प्रोस्पेक्ट्स' में ये अनुमान जाहिर किया है। इसमें कहा गया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था में 2020-21 में 3.2 फीसदी का संकुचन आएगा। वर्ल्ड बैंक ने भारत के लिए ग्रोथ रेट अनुमान कम करते हुए कहा है कि भारत की ग्रोथ रेट के 2019-20 वित्त वर्ष में 4.2 फीसदी रहने का अनुमान है लेकिन वित्त वर्ष 2020-21 में आउटपुट में 3.2 फीसदी का संकुचन आएगा।

रिपोर्ट में कोरोना महामारी और लॉकडाउन से अर्थव्यवस्था पर भारी चोट पहुंचने की बात कही गई है। कहा गया है कि इससे भारतीय अर्थव्यवस्था पर काफी गहरी चोट पड़ी है। जिससे उबरने में काफी समय लगेगा।
वर्ल्ड बैंक के अध्यक्ष डेविड मल्पास ने कहा है कि कोरोना महामारी का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर एक दशक तक रह सकता है और इसके असर से दुनिया में 6 करोड़ से ज्यादा लोग अत्यधिक गरीबी की चपेट में आ सकते हैं। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा है कि कोरोना और फिर लॉकडाउन से लाखों लोग रातों-रात सड़क पर आ गए हैं। भारत को लेकर उन्होंने कहा कि टूरिज्म सेक्टर कोरोना वायरस के कारण सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है, इस क्षेत्र को वापस खड़ा करना बड़ी चुनौती होगी।
इससे पहले बीते हफ्ते अपने एक सर्वे में आरबीआई ने वित्त वर्ष 2020-21 में अर्थव्यवस्था में भारी गिरावट की बात कही है। भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से गुरूवार को कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष 2020-21 में भारतीय अर्थव्यवस्था में 1.5 फीसदी की गिरावट आ सकती है। उपभोक्ता विश्वास सर्वे में कहा गया है कि मई, 2020 में उपभोक्ताओं का भरोसा पूरी तरह टूट चुका था और मौजूदा स्थिति इंडेक्स (सीएसआई) अपने ऐतिहासिक निचले स्तर पर आ गया है।












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