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India-China tension: बॉर्डर पर सेना, वायुसेना और नौसेना हाई अलर्ट पर, पीएम मोदी ने किया चीन को आगाह

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नई दिल्ली। सोमवार रात पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में जो कुछ हुआ है, उससे पूरा देश सकते में है। जिस तरह से चीन ने भारत को धोखा दिया, उस पर किसी को भी यकीन नहीं हो पा रहा है। चीनी जवानों के साथ हुए हिंसक टकराव में 20 सैनिक शहीद हो गए। सूत्रों की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक इस घटना के बाद इंडियन आर्मी, एयरफोर्स और यहां तक कि नेवी भी हाई अलर्ट पर है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन को आगाह किया है कि भारत किसी भी तरह का जवाब देने में सक्षम है, स्थि‍तियां चाहे जैसी हों।

पीएम मोदी ने कब-कब जवानों के बीच पहुंचकर सबको चौंकाया ?

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    India China Tension: PM Modi की चेतावनी के बाद तीनों सेना हाई अलर्ट पर | वनइंडिया हिंदी
    सेनाओं को दिए गए एक्‍शन के आदेश

    सेनाओं को दिए गए एक्‍शन के आदेश

    रक्षा सूत्रों के हवाले से जो खबर आ रही है उसमें मुताबिक सेना, वायुसेना और नौसेना को हाई अलर्ट पर कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि चीन के साथ अब कोई भी मिलिट्री वार्ता नहीं हो रही है। सरकार की तरफ से सेनाओं का आदेश दे दिए गए हैं कि वो स्थितियों के मुताबिक एक्‍शन लें। सोमवार को चीन के साथ वार्ता हुई लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल सका था। इस मीटिंग के बाद भी खबरें थी कि सेना को सरकार की तरफ से अपने मुताबिक एक्‍शन लेने के निर्देश दे दिए गए थे। सेना को कहा गया था कि वह अपनी जरूरत के हिसाब से सही फैसले ले।

    अचानक किया कर्नल पर हमला

    अचानक किया कर्नल पर हमला

    सोमवार को रात करीब 11:30 बजे चीनी सैनिक अचानक हिंसक हो गए थे। कर्नल बाबू ने उसी शाम चीनी कर्नल के साथ मीटिंग की थी। सूत्रों के मुताबिक कर्नल बाबू पर चीनी सैनिकों ने लोहे की छड़ से हमला किया था। इसके अलावा उन पर कांटों वाले डंडों से भी हमला किया गया था। इसके बाद कई घंटों तक जवान निहत्‍थे लड़ते रहे। मंगलवार तड़के यही स्थिति थी और सीनियर कमांडर्स ने सुबह सात बजे हालात का जायजा लिया है। सूत्रों की मानें तो करीब 43 चीनी जवान भी इसमें मारे गए हैं। जबकि अमेरिकी इंटेलीजेंस रिपोर्ट की मानें तो इस टकराव में 35 चीनी जवान मारे गए हैं।

    14 जून को भी हुई थी पत्‍थरबाजी

    14 जून को भी हुई थी पत्‍थरबाजी

    इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक रविवार यानी 14 जून को भी कुछ जगहों पर पत्‍थरबाजी चीन की तरफ से हुई थी। भारतीय सेना की पेट्रोल टीम सोमवार को चीनी पक्ष के साथ बातचीत कर रही थी। इस टीम को कर्नल संतोष बाबू लीड कर रहे थे और यह 16 बिहार रेजीमेंट की टीम थी। चीनी सेना ने पीछे हटने से मना कर दिया और जानकर हालातों को जटिल कर दिया। चीनी जवानों ने भारतीय जवानों पर बड़े-बड़े पत्‍थर, कांटों के तारों से लिपटे पत्‍थर और कील लगे डंडों से हमला किया। भारत की तरफ से भी इसका पूरा जवाब दिया गया। भारत के सूत्रों का कहना है कि इस दौरान कोई भी हथियार प्रयोग नहीं था और ज्‍यादातर चोटें चीन की तरफ से हुई पत्‍थरबाजी की वजह से ही जवानों को आईं।

    पीएम मोदी ने दी चीन को चेतावनी

    पीएम मोदी ने दी चीन को चेतावनी

    पीएम मोदी ने बुधवार को देश को भरोसा दिलाया है कि 20 सैनिकों की शहादत व्‍यर्थ नहीं जाएगी। उन्‍होंने कहा, 'हमारे लिए देश की एकता और संप्रभुता सबसे अहम है। भारत शांति चाहता है लेकिन अगर उसे उकसाया गया तो फिर वह इसका सही जवाब देने की क्षमता भी रखता है।' पीएम मोदी ने आगे कहा, 'जब कभी भी समय आया है, हमनें देश की संप्रभुता और अखंडता को सुरक्षित करने के लिए क्षमताओं और शक्तियों को साबित किया है। बलिदान और संयम हमारा चरित्र है लेकिन वीरता और हिम्‍मत हमारे देश का चरित्र है।' चीनी जवानों ने कुछ भारतीय जवानों को पहाड़ की चोटी से नीचे भी फेंक दिया है। बताया जा रहा है कि हिंसक टकराव करीब तीन घंटे तक जारी रहा।

    चीन ने गलवान घाटी पर जताया अपना हक

    चीन ने गलवान घाटी पर जताया अपना हक

    इस बीच चीन ने तनाव के बीच ही गलवान घाटी पर बड़ा बयान दिया है। चीन के विदेश मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि गलवान घाटी का इलाका चीन की संप्रभुता के तहत आता है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता झाओ लिजियान ने बुधवार को प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में कहा, 'गलवान घाटी हमेशा से ही चीन की संप्रभुता में आता था। भारत की सीमा पर तैनात जवानों ने इसमें उलटफेर की है और हमारे बॉर्डर प्रोटोकॉल्‍स का गंभीर उल्‍लंघन किया है जो सीमा से जुड़े मुद्दों पर है और जिन पर हम कमांडर लेवल वार्ता के दौरान निष्‍कर्ष पर पहुंचे थे। उन्‍होंने आगे कहा, 'हम भारत से कहेंगे वह अपने जवानों को गंभीरता के साथ अनुशासन में रहने के लिए कहे, पहले बाधा डालने वाली और भड़काऊ गतिविधियों को बंद करे, चीन के साथ आए और सही रास्‍ते पर वापस आकर इस मसले को बातचीत के जरिए सुलझाए।'

    चीन ने की स्थिति बदलने की कोशिश

    चीन ने की स्थिति बदलने की कोशिश

    भारत के विदेश मंत्रालय की तरफ से इस हिंसा पर आधिकारिक बयान जारी किया गया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता अनुराग श्रीवास्‍तव की तरफ से कहा गया है कि दोनों पक्षों को नुकसान झेलना पड़ा है। उन्‍होंने दो टूक कहा कि इस हिंसा से बचा जा सकता था अगर चीन उस समझौते को मानता जो छह जून को हुआ था। उन्‍होंने कहा कि हिंसा इसलिए हुई क्‍योंकि चीन की सेना ने एकपक्षीय कार्रवाई में एलएसी की यथास्थिति बदलने की कोशिश की थी। अनुराग श्रीवास्‍तव ने कहा कि दोनों पक्ष के सीनियर कमांडर्स छह जून को मिले थे और उस प्रक्रिया पर रजामंद हुए थे जिसके तहत डि-एस्‍कलेशन होना था। विदेश मंत्रालय के मुताबिक भारत को उम्‍मीद थी कि यह पूरी प्रक्रिया आसानी से अंजाम दी जाएगी लेकिन चीनी पक्ष की तरफ से स्थिति को मुश्किल बना दिया गया।

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    English summary
    India-China tension: Indian Army, Air Force and Navy on high alert, forces can take actions as per the situation.
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