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भारत ने बना लिया है चीन को करारा जवाब देने का मन? सेना को घातक हथियार खरीदने के लिए इमरजेंसी फंड जारी

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नई दिल्ली। भारत-चीन सेना में 15 जून की रात हुए हिंसक झड़प के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है। सर्वदलीय बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीनी सेना के खिलाफ हर तरह की कार्रवाई के लिए भारतीय जवानों को खुली छूट दे दी है, इसके अलावा केंद्र सरकार की तरफ से युद्ध की तैयारी के लिए सुरक्षाबलों को इमरजेंसी फंड जारी किया गया है। बता दें कि चीनी सेना के साथ हुई हिंसक झड़प में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए थे जिसके बाद से देश के हर नागरिक में बदले की आग झुलस रही है। पीएम मोदी भी जवानों की शहादत व्यर्थ ना जाने की बात कह चुके हैं।

सुरक्षाबलों को इमरजेंसी फंड जारी

सुरक्षाबलों को इमरजेंसी फंड जारी

चीन को सबक सीखाने के लिए अब भारत सरकार ने कमर कस ली है। सीमा विवाद के बीच केंद्र सरकार ने तीनों सेनाओं (जल, थल, नभ) को घातक हथियार और गोला-बारूद की खरीद के लिए 500 करोड़ रुपये के आपात फंड को मंजूरी दी है। इस आदेश के बाद तीनों सेना अपनी जरूरत के हिसाब से 500 करोड़ रुपये तक के घातक हथ‍ियार और गोला बारूद खरीद सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन के साथ लगने वाली सीमा पर तैनात सैनिकों की जरूरत को देखते हुए भी यह फैसला लिया गया है।

एलएसी पर बड़ी संख्या में भारतीय सेना की तैनाती

एलएसी पर बड़ी संख्या में भारतीय सेना की तैनाती

पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास बड़ी संख्या में चीनी सेना की तैनाती के जवाब में भारतीय सैनिकों की तैनाती के बाद सरकार की ओर से आपात स्थिति में सेना को विशेष शक्ति देने की जरूरत को महसूस किया गया जिसके बाद हथियारों को खरीदने के लिए इमरजेंसी फंड जारी किया गया है। बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब सरकार ने सेना को इमरजेंसी फंड दिया हो, इससे पहले उरी हमले और बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद भी सरकार ने सुरक्षाबलों को इसी तरह की वित्तीय शक्तियां दी थीं।

1962 के युद्ध में चीन ने किया था विश्वासघात

1962 के युद्ध में चीन ने किया था विश्वासघात

चीन के साथ लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद में भारत ने हमेशा बातचीत के साथ समस्या को हल करने की पहल की है। 1962 के युद्ध में भी चीन ने भारत के साथ विश्वासघात करते हुए युद्ध का ऐलान कर दिया था, लेकिन पीएम मोदी ने चीन को चेतावनी देते हुए कहा है कि हम किसी भी सैन्य कार्रवाई का जवाब देने की क्षमता रखते हैं। चीन से तनाव बढ़ने की स्थिति में सरकार की ओर से सेनाओं को यह छूट शॉर्ट नोटिस पर खुद को तैयार रखने के लिहाज से दी गई है।

पूर्वी लद्दाख में 6 हफ्तों से है तनाव

पूर्वी लद्दाख में 6 हफ्तों से है तनाव

बता दें कि पूर्वी लद्दाख के कई इलाकों में भारतीय और चीनी सेना के बीच कई जगहों पर पिछले 6 हफ्तों से तनाव बरकरार है। लेकिन, इस तनाव के बीच 15 जून की रात गलवान वैली में चीनी पीएलए के जवानों के हमले में जिस तरह 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए और करीब 76 जख्मी हो गए, उसके बाद से वहां पर हालात लगातार विस्फोटक बने हुए हैं। चीन की पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी ने ये तो माना है कि उसके सैनिक भी इस खूनी झड़प में शहीद हुए हैं, लेकिन चीन ने अभी तक यह नहीं बताया कि उसके कितने जवान इस घटना में मारे गए हैं।

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    English summary
    India-China tension: Center government releases emergency fund to buy lethal weapons to army
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