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India-China Standoff: चीन ने फिर तोड़ा भरोसा, पूर्वी लद्दाख में सैनिकों को बढ़ाने में जुटी PLA

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India China Standoff: लद्दाख। पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर 8 महीने के बाद भी भारत और चीन के बीच तनाव कम नहीं हो रहा है। हो भी कैसे क्योंकि चीनी पक्ष बार-बार समझौतों का उल्लंघन कर भरोसे को कमजोर कर रहा है। अब चीन ने सितम्बर में भारत के साथ हुए समझौते का उल्लंघन किया है।

    India-China Tension: नहीं सुधर रहा चीन, संधि तोड़कर LAC पर सैनिकों का किया जमावड़ा | वनइंडिया हिंदी
    चीनी सेना ने की स्थिति मजबूत

    चीनी सेना ने की स्थिति मजबूत

    इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक पूर्वी लद्दाख में चीनी सेना अपनी स्थिति मजबूत कर चुकी है और बीते कुछ महीनों में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर तनाव वाले क्षेत्रों में चीन ने अपने सैनिकों की संख्या बढ़ाई है। जबकि चार महीने पहले सितम्बर में चीन ने खुद ही प्रस्ताव दिया था कि दोनों पक्षों को तनाव कम करने के लिए संघर्ष वाले क्षेत्र में और सैनिकों को नहीं भेजना चाहिए।

    हाल ही में क्षेत्र की जो जमीनी हकीकत सामने आई है वह बताती है कि पीएलए ने न सिर्फ 21 सितम्बर को छठें दौर की बातचीत के बाद जारी संयुक्त बयान के वादे को तोड़ा है जिससे दोनों पक्षों के बीच फिर से भरोसा कमजोर हुआ है।

    पिछले सितम्बर में जब छठे दौर की बातचीत के बाद दोनों पक्षों ने संयुक्त बयान जारी किया था तो कई महीनों से जारी गतिरोध कम करने की दिशा में बड़े कदम के रूप में देखा गया था। संयुक्त बयान में दोनों पक्षों ने दोनों देशों के नेताओं द्वारा महत्वपूर्ण सहमति को लागू करने पर अपनी सहमति व्यक्त की थी जिसमें कहा गया था कि "दोनों पक्ष पर जमीन पर बातचीत को मजबूत करेंगे और किसी तरह ही गलतफहमी से बचने के लिए मोर्चे और सैनिकों को भेजना बंद करने के साथ ही स्थिति को एकतरफा करने से बचेंगे।" इसमें कहा गया था कि दोनों पक्ष जमीन पर स्थिति को बदलने का ऐसा कोई प्रयास नहीं करेंगे जिससे स्थिति जटिल हो सकती है।

    चीन के कदम से टूटा भारत का भरोसा

    चीन के कदम से टूटा भारत का भरोसा

    सितम्बर के बाद अब तक चार महीने बीत चुके हैं लेकिन इस दौरान भरोसे की जो लकीर आगे बढ़नी चाहिए थी अब वह खत्म हो चुकी है। इंडिया टुडे को सेना के सूत्रों ने बताया है कि चीन की कार्रवाइयों को देखते हुए भारतीय सेना हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठ सकती और सेना ने इसके जवाब में काम करने के सिवा कोई दूसरा विकल्प नहीं था। कुछ क्षेत्रों में चीनी जमावड़े को देखते हुए भारतीय सेना ने भी अपनी स्थिति में परिवर्तन किया है। यही वजह है कि कड़ाके की ठंड के बावजूद दोनों पक्षों की सेनाएं टैंकों और बख्तरबंद वाहनों के साथ एक दूसरे के सबसे करीब डटी हुई हैं।

    सितम्बर में आई मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक चीन उत्तरी लद्दख के देपसांग मैदान में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा था जबकि इंडिया टुडे की अभी की रिपोर्ट के मुताबिक स्थिति बदलने का चीन का हालिया प्रयास दौलत ओल्डी बेग के पास हो रहा है। दौलत ओल्डी बेग लद्दाख में एयर फोर्ट का रणनीतिक बेस है। वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने हाल ही में बेस का दौरा किया था और स्थिति का जायजा लिया था।

    दोनों पक्ष कर रहे 9वें दौर की बातचीत

    दोनों पक्ष कर रहे 9वें दौर की बातचीत

    ये जानकारी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस दौरान भारत और चीन के बीच चुशुल सेक्टर के मोल्डी में 9वें दौर की बातचीत हो रही है। पैंगांग त्सो झील के दक्षिण में स्थित इस क्षेत्र पर भारतीय सेना ने बढ़त हासिल की है और यहां पर अपने बख्तरबंद वाहनों और स्पेशल फोर्स के साथ मजबूती से तैनात है।

    हालांकि तनाव वाले क्षेत्रों पर कई जगह पर चीन को रणनीतिक बढ़त बना रखी है लेकिन भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई ने चीन को कई जगहों पर परेशानी में डाला है। गतिरोध के पीछे भारतीय सेना का दमदारी से जवाब देना भी प्रमुख कारण है। खासतौर पर ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारतीय रणनीति से चीन चिढ़ा हुआ है। एक आकलन यह भी है कि भारतीय सेना ने चीन की चाल को रोक दिया है और चीन अभी यह समझने की कोशिश कर रहा है कि इससे कैसे निपटा जाय।

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    English summary
    India-China Standoff china ramped up pla personnel
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