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India-China: LAC खाली करने के लिए चीन ने रखी एक शर्त, भारत ने दिया यह जवाब!

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नई दिल्‍ली। भारत और चीन के बीच अगले कुछ दिनों में पूर्वी लद्दाख में टकराव को टालने के लिए आंठवें दौर की मिलिट्री वार्ता होनी है। लाइन ऑफ एक्‍चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर पिछले छह माह से जारी तनाव को खत्‍म करने के लिए वार्ता से पहले चीन की तरफ से एक शर्त रखी गई है। लेकिन सूत्रों की मानें तो भारत ने इसे मानने से साफ इनकार कर दिया है। पीपुल्‍स लिब्रेशन आर्मी (पीएलए) की तरफ से पैंगोंग त्‍सो के फिंगर 4 से जवानों को हटाने के लिए यह शर्त रखी थी।

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    फिंगर 4 बन जाता अक्‍साई चिन का हिस्‍सा

    फिंगर 4 वह हिस्‍सा जहां तक भारत की सेना पेट्रोलिंग करती थी लेकिन मई माह से ही पीएलए की तरफ से इसमें बाधा डाली गई।अधिकारियों की तरफ से बताया गया है कि पीएलए ने भारत की सेना के सामने शर्त रखी थी कि इंडियन आर्मी सिर्फ फिंगर 3 तक पेट्रोलिंग करेगी। वहीं चीन के जवानों के लिए फिंगर 5 तक पेट्रोलिंग की बात इस शर्त के तहत कही गई। भारत, फिंगर 8 तक एलएसी को मान्‍यता देता है लेकिन चीन इसका विरोध करता आया है। अगर भारत इस शर्त को मान लेता तो इसका सीधा मतलब यही होता कि फिंगर 4 अक्‍साई चिन की सीमा में आ जाता और इंडियन आर्मी को यह हरगिज मंजूर नहीं था। इस पूरे मसले को पीएलए ने और मुश्किल कर दिया है। पीएलए ने फिंगर 8 से फिंगर 4 तक एक सड़क तैयार कर डाली है जबकि इंडियन आर्मी अभी यहां पर सड़क निर्माण कैसे हो, इस पर विचार ही कर रही है। फिंगर 4 पर 5800 मीटर की ऊंचाई पर भारत और चीन के सैनिक अभी तक आमने-सामने है। भारत की तरफ से पैंगोंग त्‍सो के दक्षिण में स्थित रेजांग ला और राकिन ला पास को खाली करने का प्रस्‍ताव पहले ही खारिज कर दिया गया है।

    अक्‍साई चिन में जारी निर्माण

    1597 किलोमीटर की एलएसी पर हालात अभी तक जस के तस हैं। पीएलए ने जवानों को फिर से तैनात कर दिया गया है। सेना सूत्रों के हवाले से इस बात की जानकारी दी गई है। सूत्रों की तरफ से बताया गया है कि पीएलए तिब्‍बत में अक्‍साई चिन और शिनजियांग में नया निर्माण कार्य कर रहा है। यहां पर नए सिरे से जवानों को तैनात किया जा रहा है और साथ ही उपकरणों को तैनात किया जा रहा है। सीनियर मिलिट्री ऑफिसर्स की तरफ से कहा गया है कि उन्‍होंने एलएसी के करीब 10 किलोमीटर दूर अक्‍साई चिन वाले इलाकों में निर्माण कार्य देखा है। अधिकारियों की मानें तो चीन यहां पर जवानों को तैनात कर रख सकता है, रॉकेट रेजीमेंट से लेकर टैंक और आर्टिलरी तक के जवान यहां पर आ सकते हैं। साथ ही जरूरत पड़ने पर पीएलए इसे अस्‍पताल के तौर पर प्रयोग कर सकता है। इसके अलावा एलएसी से 82 किलोमीटर दूर शिनजियांग में भी चीन का निर्माण कार्य देखा गया है।

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    English summary
    India-China faceoff:China puts conditions for the withdrawal of its troops from Finger 4.
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