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Ladakh: 'एक इंच जमीन नहीं गंवाई', भारत-चीन डिसएंगेजमेंट को लेकर बोले सेना प्रमुख नरवणे

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नई दिल्ली। सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने मंगलवार को जोर देकर कहा कि भारत ने एलएसी पर एक इंच भी जमीन नहीं गंवाई है और भारत की स्थिति उसी जगह पर बनी हुई है जहां पिछले साल विवाद के शुरू होने के पहले थी। जनरल नरवणे भारत-चीन डिसएंगेजमेंट पर बात कर रहे थे।

हम जहां पहले थे वहीं आज भी- नरवणे

हम जहां पहले थे वहीं आज भी- नरवणे

समाचार एजेंसी एनआई से बात करते हुए सेना प्रमुख नरवणे ने कहा कि "हमने कोई भी क्षेत्र नहीं खोया है, हम उसी जगह पर हैं जहां पर ये सारी चीजें (विवाद) शुरू होने के पहले थे.. एक भी इंच जमीन नहीं गंवाई है।"

भारत और चीन के बीच एलएसी पर उस समय तनाव की शुरुआत हुई थी जब चीनी सैनिकों ने एलएसी के पास भारतीय इलाके में घुसपैठ शुरू की थी जिसका भारतीय जवानों ने मजबूती के साथ प्रतिरोध किया था। इसके बाद जून में दोनों देशों के सैनिक एक दूसरे से भिड़ गए थे जिसमें भारत के 20 जवानों की मौत हुई थी। वहीं चीन ने भी 40 से अधिक सैनिक गंवाए थे। इसके बाद दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने आई थीं और तब से ही दोनों देश के सैनिक और टैंक इलाके में जमे हुए हैं। हालांकि शुरुआत में चीन ने अपने सैनिकों की मौत को लेकर कोई बयान नहीं दिया लेकिन पिछले महीने उसने सैनिकों की मौत की बात तो मानी थी और उनके नाम भी बताए थे।

    India China Disengagement पर पहली बार आया Army Chief Naravane का बयान | वनइंडिया हिंदी
    पिछले महीने ही हुई थी डिसएंगेजमेंट प्रक्रिया

    पिछले महीने ही हुई थी डिसएंगेजमेंट प्रक्रिया

    दोनों देशों के बीच पिछले साल से चल रहे तनाव के बीच पहली सकारात्मक खबर तब आई थी जब भारत और चीन ने 10 दौर की कोर्प्स कमांडर वार्ता और कई दौर की कूटनीतिक चैनलों के जरिए वार्ता के बाद पिछले महीने पैंगोंग झील के किनारे पर डिसएंगेजमेंट पर सहमति बनी। जिसके बाद दोनों देशों ने अपने सैनिक, टैंक और बख्तरबंद वाहनों को इलाके से हटा लिया था। इसी तरह से अब आगे की वार्ता में देपसांग, हॉट स्प्रिंग और गोगरा में डिसएंगेजमेंट की उम्मीद जताई जा रही है।

    भारत ने कहा है कि वह उम्मीद करता है कि चीन लद्दाख के बाकी क्षेत्रों में डिसएंगेजमेंट प्रक्रिया को पूरा करने के लिए मौजूदा द्विपक्षीय परामर्श तंत्र के साथ मिलकर काम करेगा।

    डिसएंगेजमेंट के बाद दोनों देशों के बीच बने वर्किंग मैकेनिज्म फॉर कंसल्टेशन एंड कोऑर्डिनेशन (डब्ल्यूएमसीसी) की बैठक हुई जिसमें ये कहा गया "डिसएंगेजमेंट प्रक्रिया से दोनों पक्षों को सैनिकों के व्यापक डी-एस्केलेशन को देखने और सीमा क्षेत्रों में शांति बहाली की दिशा में काम करने में मदद मिलेगी। दोनों पक्षों ने यह भी सहमति व्यक्त की कि अंतरिम में दो पक्षों को जमीनी स्तर पर स्थिरता बनाए रखना चाहिए और किसी भी अप्रिय घटना को रोकना चाहिए।"

    खतरा टला लेकिन खत्म नहीं हुआ- सेना प्रमुख

    खतरा टला लेकिन खत्म नहीं हुआ- सेना प्रमुख

    पिछले सप्ताह ही सेना प्रमुख ने कहा था कि पैंगोंग झील के पास डिसएंगेजमेंट होने से खतरा कम हुआ है लेकिन पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। इंडिया इकॉनॉमिक कॉन्क्लेव में बोलते हुए सेना प्रमुख ने कहा यह कहना सही नहीं होगा कि चीनी सैनिक अभी भी पूर्वी लद्दाख में उन जगहों पर बैठे हुए हैं जहां पहले भारत का कब्जा था।

    जब जनरल नरवणे से कहा गया कि प्रधानमंत्री के बयान के बारे में पूछा गया कि चीन ने बॉर्डर पर हमारी कोई जमीन नहीं ली है तो उन्होंने कहा "ये पूरी तरह ठीक है।"

    Ladakh Standoff: भारत ने कहा- पूरे लद्दाख में डिसएंगेजमेंट के लिए काम करे चीनLadakh Standoff: भारत ने कहा- पूरे लद्दाख में डिसएंगेजमेंट के लिए काम करे चीन

    English summary
    india china disengagement in ladakh army chief said not an inch lost
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