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भारत-आस्ट्रेलिया रणनीतिक संबंधों पर टिकी है सबकी नजर, दोनों देश 4 जून को करेंगे शिखर वार्ता

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नई दिल्ली। कोरोनावायरस महामारी पर वैश्विक रूप से घिरे चीन द्वारा एलएसी के निकट भारतीय सीमा क्षेत्र में भारत द्वारा निर्माणाधीन मार्ग पर गतिरोध पैदा के बीच आगामी 4 जून को भारत और आस्ट्रेलिया वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए शिखर स्तरीय बैठक करने जा रहे हैं। दोनों देशों के द्विपक्षीय वार्ता में दोनों देशों के बीच एक अहम समझौता होने की उम्मीद है। यही कारण है कि चीन के संदर्भ में दोनों देशों के बीच रणनीतिक समझौते पर पूरी दुनिया की नजर है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलियाई प्रधान मंत्री स्कॉट मॉरिसन आगामी चार जून को एक वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन करेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार दोनों नेताओं के बीच भारत-ऑस्ट्रेलिया शिखर सम्मेलन में आपसी हित के मुद्दों पर चर्चा होगी। इसके साथ दोनों नेता सैन्य रसद और विज्ञान और प्रौद्योगिकी सहित कई द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर करेंगे।

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भारत के ऑस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त बैरी ओ फैरेल ने कहा कि दोनों देशों के बीच होने वाली शिखर-स्तरीय बैठक के बाद दोनों देशों के संबंध और अधिक ऊंचाई पर पहुंचेंगे। हालांकि पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच जारी गतिरोध पर आस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त ने कहा कि भारत और चीन सीमा (LAC) मुद्दे को दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय रूप से हल किया जाना चाहिए।

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गौरतलब है नोवल कोरोनावायरस को लेकर लगातार घिरा चीन पूरी दुनिया में लगातार अलग-थलग पड़ता दिख रहा है, तो दूसरी ओर भारत लगातार अपनी कूटनीतिक ताकत को बढ़ाने में लगा है। ग्रुप-7 की मीटिंग को टलना और ग्रुप-7 में भारत समेत आस्ट्रेलिया, रूस और दक्षिण कोरिया को अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा आमंत्रित करने की सुगबुगाहट एशिया में ही नहीं, बल्कि विश्व में भारत की स्थिति को मजबूत करती हैं। यह इसलिए भी है, क्योंकि चीन समूह ग्रुप-7 या ग्रुप-8 का हिस्सा नहीं हैं।

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अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा टाला गया 46वां जी-7 शिखर सम्मेलन

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा टाला गया 46वां जी-7 शिखर सम्मेलन

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा टाला गया 46वां जी-7 शिखर सम्मेलन, जो कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 10 जून से 12 जून तक प्रस्तावित था। राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से 46वां जी-7 शिखर सम्मेलन का टालना साफ संकेत करता हैं कि अमेरिका एशिया में चीन की बादशाहत को कमजोर करना चाहता है और आस्ट्रेलिया और भारत दोनों को जी-7 में शामिल होने के आसार चीन की घबराहट का कारण बन सकता है।

ऑस्ट्रेलिया के PM स्कॉट मॉरिसन ने समोसे के साथ तस्वीर पोस्ट की

ऑस्ट्रेलिया के PM स्कॉट मॉरिसन ने समोसे के साथ तस्वीर पोस्ट की

गत रविवार को ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन द्वारा समोसे के साथ तस्वीर पोस्ट करना और दोनों देशों के बीच आयोजित होने जा रहे शिखर स्तरीय बैठक से पहले भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ सेल्फी विद समोसा को साझा करना दर्शाता है कि आस्ट्रेलिया और भारत के संबंधों में प्रगाढ़ता की ओर हैं। वहीं, जवाब में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा यह कहना है कि Covid-19 को हराने के बाद साथ मिलकर समोसे का आनंद लेने के कई मायने लगाए जा रहे हैं।

ऑस्ट्रेलियाई PM स्कॉट मॉरिसन ने जी-7 में शामिल होने में खुशी जताई है

ऑस्ट्रेलियाई PM स्कॉट मॉरिसन ने जी-7 में शामिल होने में खुशी जताई है

उधर, आस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त बैरी ओ फैरेल ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा ग्रुप-7 देशों में आस्ट्रेलिया समेत चार देशों को आमंत्रण करने के संकेत पर प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने भी जी-7 में शामिल होने में खुशी जताई है और कहा कि यह निकाय मजबूत हैं, दुनिया के लिए बेहतर है।

अगर आस्ट्रेलिया और भारत दोनों अगर ग्रुप-7 में शामिल होते है तो...

अगर आस्ट्रेलिया और भारत दोनों अगर ग्रुप-7 में शामिल होते है तो...

जैसे संकेत मिल रहे हैं और अगर आस्ट्रेलिया और भारत दोनों अगर ग्रुप-7 में शामिल होते है तो नई वैश्विक व्यवस्था में भारत की भूमिका अहम हो सकता है। अभी हाल में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जी - 7 देशो के समूह को जी - 11 मे बदलने का संकेत देना इसकी तस्दीक है, जिसमें जी-7 में भारत को आमंत्रि करने की बात कही गई है और अगर भारत इस ताकतवर ग्रुप में शामिल होता है, तो उसकी कूटनीतिक अहमियत काफी बढ़ जाएगी।

भारत, ऑस्ट्रेलिया, रूस व दक्षिण कोरिया को जी-7 में आमंत्रित के संकेत

भारत, ऑस्ट्रेलिया, रूस व दक्षिण कोरिया को जी-7 में आमंत्रित के संकेत

अमेरिका के सहयोग से भारत पहले भी कई अहम रणनीतिक समूहों में शामिल हो चुका है। जी -7 मे अभी अमेरिका के साथ कनाडा, फ्रांस जर्मनी, इटली, जापान और यूके शामिल हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह जी-7 सम्मेलन को फिलहाल सितंबर तक टालने जा रहे हैं, क्योंकि जी-7 सम्मेलन से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति भारत, ऑस्ट्रेलिया, रूस और दक्षिण कोरिया को बैठक के लिए आमंत्रित करना चाहते हैं।

कोरोना से निपटने के लिए मोदी की अपील पर हुई जी-20 देशों की बैठक

कोरोना से निपटने के लिए मोदी की अपील पर हुई जी-20 देशों की बैठक

इससे पहले कोरोना से निपटने के लिए मोदी की अपील पर हुई जी-20 देशों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मॉरिसन और मोदी की बातचीत हुई थी। पिछले साल जून में जापान के ओसाका में हुए जी-20 समिट में भी पीएम मोदी और मॉरिसन ने हिस्सा लिया था, जिसमें ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री मॉरिसन और मोदी के बीच अच्छे संबंध देखने को मिले थे और समिट के बाद आस्ट्रेलियाई पीएम मॉरिसन ने पीएम मोदी के साथ सेल्फी भी ली थी।

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English summary
Prime Minister Narendra Modi and Australian Prime Minister Scott Morrison will hold a bilateral summit on 4 June via a video conferencing. According to the Ministry of External Affairs, issues of mutual interest will be discussed between the two leaders at the India-Australia Summit. With this, the two leaders will sign several bilateral agreements including military logistics and science and technology.
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