Jharkhand: सरयू राय से हारे सीएम रघुवर दास, 15 हजार मतों से हुए पराजित
नई दिल्ली। झारखंड विधानसभा के नतीजे भले ही कांग्रेस के पक्ष में गए हो लेकिन इस सब के बीच सबसे ज्यादा चर्चा जमशेदपुर पूर्व सीट की हो रही है। यहां पूर्व सीएम रघुवर दास का मुकाबला अपनी ही कैबिनेट के पूर्व सहयोगी रहे सरयू राय से था। सरयू राय ने सीएम रघुवर दास को इस सीट से करीब 15833 मतों से हराया है। वे 1995 से लगातार जमशेदपुर पूर्व सीट जीत रहे हैं। नरेंद्र मोदी और अमित शाह दोनों ने जमशेदपुर पूर्व में जनसभाएं की थीं। रघुवर दास की हार पर कुमार विश्वास ने ट्वीट कर कहा कि "सरयू" की धवल धार में रघुवर डूब गए।

झारखंड में सरयू राय की छवि भ्रष्टाचार के खिलाफ खड़े नेता की रही है। संयुक्त बिहार में उनकी गिनती चारा घोटाला को उजागर करने वाले नेता के तौर पर रही थी। झारखंड में उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा के कार्यकाल में हुए घोटालों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। आखिरकार मधु कोड़ा को जेल जाना पड़ा। सरयू राय 2005 में जमशेदपुर (पश्चिम) सीट से पहली दफा विधायक बने थे। रघुवर दास जमशेदपुर (पूर्व) सीट से लगातार 25 साल विधायक रहे हैं।
सरयू राय को संघ के पुराने नेताओं में गिना जाता है। सरयू राय 1967 में संघ से जुड़े थे। 1977 उन्हें संघ से राजनीति में भेजा गया था। संगठन के लिहाज से वो रघुवर दास से काफी सीनियर थे। इस चुनाव में रघुवर दास ने अपने तरीके से सरयू राय के साथ स्कोर बराबर करने की ठानी। सरयू का टिकट काट दिया गया। रघुवर दास और सरयू राय में आपसी झगड़ा 2016 से ही चला आ रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने अपनी प्रतिष्ठा बनाकर उनका टिकट काटा था।
रघुवर दास अपनी पार्टी के अकेले ऐसे नेता नहीं जो चुनाव हारे हैं। उनके आलाव कई और मंत्रियों को हार का सामना करना पड़ा था। हेमंत सोरेन के मुकाबले भाजपा ने मंत्री डॉ. लुइस मरांडी को उतारा था। 2014 में लुइस ने करीब 5 हजार मतों से हेमंत को हराया था। ऐसे में इस सीट पर हेमंत की साख दांव पर लगी हुई थी।












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