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स्वतंत्रता दिवस: लाल किले से पहली बार स्वदेशी तोप ATAGS ने दी सलामी, जानिए क्या है इसकी खासियत

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नई दिल्ली, 15 अगस्त: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हर साल लाल किले पर 21 तोपों की सलामी देते हैं। लाल किले पर सोमवार 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान पहली बार स्वदेश में विकसित तोप ATAGS 21 तोपों की सलामी दी गई है। 21 तोपों की सलामी हर साल ब्रिटिश निर्मित तोपों के माध्यम से दी जाती है, लेकिन सशस्त्र बलों ने 2022 में पहली बार स्वदेशी तोपों से सलामी दी। स्वतंत्रता दिवस पर ऐतिहासिक लाल किले पर तिरंगे को औपचारिक 21-शॉट सलामी के लिए 75 वर्षों में पहली बार भारत में निर्मित तोप का इस्तेमाल किया गया। डीआरडीओ द्वारा विकसित, उन्नत टोड आर्टिलरी गन सिस्टम (ATAGS) का उपयोग पारंपरिक ब्रिटिश मूल के '25 पाउंडर्स' आर्टिलरी गन के साथ किया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ऐतिहासिक स्मारक पर तिरंगा फहराने के तुरंत बाद सलामी दी गई।

Independence Day 2022

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    Independence Day: पहली बार स्वदेशी तोप ATAGS से सलामी, जानिए कितनी है Power| वनइंडिया हिंदी |*News

    जानिए पीएम मोदी ने स्वदेशी तोप ATAGS के बारे में क्या कहा?

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने स्वतंत्रता दिवस भाषण के दौरान केंद्र की आत्मानिर्भर भारत पहल के बारे में बोलते हुए तोपों का उल्लेख भी किया। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, ''आज, आजादी के बाद 75 वर्षों में पहली बार, तिरंगे को दी जाने वाली 21 तोपों की सलामी में मेड-इन-इंडिया आर्टिलरी गन का इस्तेमाल किया गया था। सभी भारतीय इस ध्वनि से प्रेरित और सशक्त होंगे। और इसीलिए, आज, मैं अपने सशस्त्र बलों को संगठित तरीके से अपने कंधों पर आत्मानिभर्ता की जिम्मेदारी निभाने के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं।''

    पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, ''"जिस आवाज को हम हमेशा से सुनना चाहते थे, हम 75 साल बाद सुन रहे हैं। 75 साल बाद यह है कि तिरंगे को पहली बार भारत में बनी बंदूक से लाल किले पर औपचारिक सलामी मिली है।" बता दें कि अब तक, औपचारिक सलामी के लिए ब्रिटिश तोपों का उपयोग किया जाता रहा है। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान पहली बार एमआई-17 हेलीकॉप्टरों ने लाल किले पर फूलों की वर्षा भी की है।

    ATAGS तोप की जानिए खासियत?

    -पहली बार, भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा 21 तोपों की सलामी के लिए उन्नत टोड आर्टिलरी गन सिस्टम (एटीएजीएस) प्रोटोटाइप नामक घरेलू होवित्जर तोप का उपयोग किया गया था।

    -इन स्वदेशी तोप को केंद्र द्वारा संचालित रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा डिजाइन किया गया है।

    -डीआरडीओ द्वारा जारी किए गए विवरण के अनुसार, ATAGS भारत सरकार द्वारा विकसित एक स्वदेशी 155 मिमी x 52 कैलिबर हॉवित्जर तोप है।

    -इस तोप को डीआरडीओ की पुणे स्थित सुविधा आयुध अनुसंधान और विकास प्रतिष्ठान में निर्मित किया गया था।

    -ATAGS परियोजना को डीआरडीओ द्वारा 2013 में भारतीय सेना में पुरानी तोपों को आधुनिक 155 मिमी आर्टिलरी गन से बदलने के लिए शुरू किया गया था।

    -इन तोपों को हाल ही में राजस्थान के पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में इसका सफल परीक्षण किया गया था।

    -इन तोपों को किसी भी स्थान पर ले जाकर तैनात किया जा सकता है।

    -इन तोपों को डीआरडीओ की आर्मामेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट इस्टैबलिशमेंट, टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड, महिंद्रा डिफेंस नेवल सिस्टम और भारत फोर्ज लिमिटेड ने मिलकर बनाया है।

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    English summary
    Independence Day 2022: first Made in India weapons used for salute at Red Fort What is ATAGS
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