वड़ा पाव सेंटर और जलेबी वालों पर मारे जा रहे आयकर के छापे

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नई दिल्ली। पीएम मोदी की तरफ से शुरू की गई अघोषित आय की घोषणा करने की योजना को साकार करने में आयकर विभाग कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता है। इस योजना के तहत 30 तारीख अन्तिम तिथि निर्धारित की गई थी। अंतिम तिथि से करीब 10 दिन पहले आयकर विभाग ने सड़क के किनारे दुकान लगाने वालों से भी अघोषित आय यानी कालाधन घोषित करने को कहा है।

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सिर्फ मुंबई में ही करीब 50 छोटी दुकानों पर छापे मारकर इस स्कीम के तहत अपनी अघोषित आय घोषित करने को कहा है। इन दुकानों में थाणे का एक वड़ा पाव सेंटर, घाटकोपर का एक डोसा सेंटर, अंधेरी का एक सैंडविच सेंटर और दक्षिणी मुंबई का एक जलेबी वाला भी शामिल है।

मुंबई के अलावा अहमदाबाद, दिल्ली और कोलकाता में भी सड़क किनारे दुकानें लगाने वाले लोगों से उनकी अघोषित आय की घोषणा करने को कहा है। यह सारे छापे आयकर विभाग द्वारा पिछले 6 महीनों में जमा आंकड़ों के आधार पर मारे गए हैं।

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जमा किए गए आंकड़ों के आधार पर आयकर विभाग ने एक लाख ऐसे छोटे बिजनेसमैन और दुकानदारों की पहचान की है, जिन पर टैक्स चोरी का शक है। यह भी कहा जा रहा है कि सरकार की तरफ से आयकर विभाग को हर शहर के लिए कुछ टारगेट दिया गया है।

सिर्फ मुंबई और दिल्ली से ही आयकर विभाग को 2500 करोड़ रुपयों का टारगेट दिए गए होने की बात कही जा रही है। मुंबई के जिन पर छापा पड़ा है उन्हें सलाह देते हुए एक चार्टर्ड अकाउंटेंट ने कहा कि पिछले 25 सालों के अनुभव में मैंने ऐसा कभी नहीं देखा कि सड़क किनारे लगने वाली छोटी-छोटी दुकानों पर आयकर विभाग का छापा पड़ा हो।

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एक आयकर अधिकारी के अनुसार यह छापे सिर्फ इसलिए मारे जा रहे हैं ताकि लोगों को अघोषित आय की घोषणा करने की इस योजना के बारे में जागरुक किया जा सके। अधिकारी के अनुसार 30 सितंबर से पहले इस तरह के 1000 छापे मारे जाने हैं।

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English summary
income tax raid on vada pav center and jalebiwala
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