विधानसभा में फडणवीस ने एक शेर पढ़कर कही बड़ी बात- मेरे किनारे पर घर मत बसा लेना मैं समंदर हूं......
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नई दिल्ली- महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में इशारों में ही शेर के जरिए कहा है कि वह सत्ता में वापस लौटकर आएंगे। विधानसभा में नेता विपक्ष बनन के बाद उन्होंने कहा कि चुनावों में उनकी पार्टी की स्ट्राइक रेट 70 फीसदी रही, लेकिन जिन पार्टियों की स्ट्राइक रेट 40 फीसदी रही है, उन्हें सरकार बनाने का मौका मिल गया है। फडणवीस ने कहा है कि वह इसे लोकतंत्र के हिस्से के तौर पर स्वीकार करते हैं। इस दौरान उन्होंने वही शेर पढ़ा जो करीब सात वर्ष पहले गृहमंत्री अमित शाह ने दो साल बाद गुजरात लौटने पर पढ़ा था।

फडणवीस को वापसी का भरोसा
दरअसल, मुख्यमंत्री और शिवसेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे ने फडणवीस के नेता विपक्ष नियुक्त किए जाने पर उन्हें धन्यवाद देने के लिए एक प्रस्ताव पेश किया था। इस दौरान उद्धव ने फडणवीस के चुनाव से पहले दोबारा मुख्यमंत्री के रूप में लौटने पर तंज कस दिया। इसके जवाब में फडणवीस ने कहा, "मैंने कहा था कि मैं लौटकर आऊंगा, लेकिन आपको समय-सीमा देना भूल गया। लेकिन, मैं आपको एक चीज आश्वस्त करता हूं, आपको कुछ समय इंतजार करने की जरूरत है........पिछले पांच वर्षों में मैंने कई प्रोजेक्ट्स की घोषणा ही नहीं की है, बल्कि उनमें से कई पर काम भी शुरू किया है। आपको नहीं पता, मैं उनका उद्घाटन करने के लिए लौट सकता हूं। "
मैं समंदर हूं लौटकर वापस आऊंगा- फडणवीस
इस दौरान देवेंद्र फडणवीस ने शायराना अंदाज में कुछ पंक्तियां कहीं, जिसपर सदस्यों ने जमकर मेजें थपथपाकर उनके इस अंदाज की सराहना की। बाद में उन्होंने अपनी पंक्तियों वाले इस विडियो को ट्वीट भी किया-
'मेरा पानी उतरता देख
मेरे किनारे पर घर मत बसा लेना
मैं समंदर हूं
लौटकर वापस आऊंगा !'
यहां बताते चलें कि ये वही शेर है जब दो साल तक गुजरात से बाहर रहकर लौटने के बाद मौजूदा गृहमंत्री अमित शाह ने एक मीटिंग में सुनाया था। उन्हें 2012 के गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले अपने गृह राज्य लौटने की इजाजत मिली थी।
पलट के आऊंगी- अमृता फडणवीस
इससे पहले देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने भी इसी तरह का एक बेहद भावुक ट्वीट किया था। उन्होंने लिखा था- 'पलट के आऊंगी शाखों पे खुशबुएं लेकर, खिजां की जद में हूं मौसम जरा बदलने दे!' बता दें कि अमृता खुद एक गायिका रही हैं। अमृता ने जो लाइनें लिखीं थीं वह एक गजल का हिस्सा है, जिसके आगे की पंक्तियां कुछ इस प्रकार हैं- 'वही रुतबा वही जलाल होगा फिर से...अभी बुरा वक्त है इसको जरा गुजरने दो...' गौरतलब है कि 288 सीटों वाली महाराष्ट्र विधानसभा में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन को क्रमश: 105 और 56 सीटें मिली थीं, जो कि बहुमत के लिए पर्याप्त थीं। देवेंद्र फडणवीस गठबंधन के घोषित सीएम उम्मीदवार थे। लेकिन, चुनाव नतीजों के बाद शिवसेना ढाई-ढाई साल के लिए सीएम पद देने की जिद पर अड़ गई, जिसके चलते इनका गठबंधन टूट गया और आखिरकार शिवसेना ने एनसीपी और कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बना ली।












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