• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

कोरोना मरीजों ने थूका तो इस राज्य में चलेगा हत्या की कोशिश का मुकदमा

|

नई दिल्ली- पिछले कुछ दिनों में ऐसे कई वीडियो सामने आए हैं, जिसके आधार पर दावा किया गया है कि कुछ लोग जानबूझकर कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों के जरिए इस महामारी को फैलाने की कोशिशों में जुटे हुए हैं। फलों और नोटों पर थूक लगाने, पुलिस वालों और डॉक्टरों पर थूकने जैसे कई जघन्य मामले देश के संज्ञान में हैं। ऐसे बदतमीज और सनकी लोगों की नकेल कसने के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार ने बेहद सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। अब राज्य में अगर कोई कोविड-19 पॉजिटिव मरीज इस तरह वायरस फैलाता हुआ नजर आएगा तो उसके खिलाफ हत्या की कोशिश का केस दर्ज किया जाएगा।

थूकने वाले कोरोना संक्रमितों पर हत्या की कोशिश का केस चलेगा

थूकने वाले कोरोना संक्रमितों पर हत्या की कोशिश का केस चलेगा

हिमाचल प्रदेश के डीजीपी सीता राम मरडी ने कहा है कि अगर कोई कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज किसी दूसरे व्यक्ति पर थूकता है तो उसके खिलाफ हत्या की कोशिश का मुकदमा दर्ज किया जाएगा। राज्य सरकार ने ये कदम कांगड़ा की घटना को देखते हुए उठाया है, जहां दोभा गांव में 63 साल की एक कोरोना पॉजिटिव महिला ने उस वक्त स्वास्थ्यकर्मियों पर थूक फेंक दिया था, जब वे उसे अस्पताल ले जा रहे थे। गौरतलब है कि हिमाचल में कोविड-19 का ये पहला मामला था। जानकारी के मुताबिक पिछले रविवार को भी वहां एक कोरोना मरीज ने किसी पर थूक फेक दिया था। एक वीडियो संदेश में डीजीपी मरडी ने कहा है, 'यदि कोई कोरोना वायरस मरीज दूसरे व्यक्ति पर थूकता है तो उस पर आईपीसी की धारा 307 के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाएगा.....और यदि पीड़ित व्यक्ति संक्रमित होकर बाद में मर जाता है तो आरोपी पर हत्या का केस चलाया जाएगा।'

थूकने से संक्रमित हो सकता है दूसरा शख्स

थूकने से संक्रमित हो सकता है दूसरा शख्स

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी उस महिला को उसके घर से टांडा के अस्पताल में बनाए गए आइसोलेशन वॉर्ड में शिफ्ट कर रहे थे, तभी उसने उनपर थूक दिया था। जब महिला को 20 मार्च को हुए टेस्ट में पॉजिटिव पाया गया तो उसे जबरन आइसोलेशन सेंटर में ले जाना पड़ा था। हालांकि, अब उसकी स्थिति में सुधार हुआ है। उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 188 और 270 के तहत केस दर्ज किया गया था। डॉक्टरों का कहना है कि खांसने और छींकते वक्त जो मुंह और नाक से ड्रॉप्लेट्स निकलती हैं, उसी से दूसरे में कोरोना संक्रमण फैलता है और सोशल डिस्टेंसिंग की सलाह देने की वजह भी यही है।

कोरोना संक्रमितों के थूकने के कई मामले सामने आए हैं

कोरोना संक्रमितों के थूकने के कई मामले सामने आए हैं

दरअसल, जब से दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज से तबलीगी जमात के लोगों को जबरन निकाला गया है और उन्हें जगह-जगह क्वारंटीन किया जा रहा है, संदिग्धों और संक्रमितों की ओर से इस तरह से दूसरों को संक्रमित करने के मकसद से थूकने के कई मामले सामने आ चुके हैं। गाजियाबाद में तो क्वारंटीन के दौरान इन जमातियों ने न केवल स्वास्थ्यकर्मियों पर थूक दिया था, बल्कि नर्सों के सामने नंगे घूमना शुरू कर दिया था। कई जगह पुलिस वालों पर भी थूकने की जानकारी सामने आई है। निजामुद्दीन से जब जमातियों को बस में ले जाया जा रहा था तब मीडियाकर्मियों पर भी थूकने के आरोप लगे थे। भारत में ही नहीं दूसरों को संक्रमित करने के मकसद से से कोरोना मरीजों की ओर जानबूझकर थूकने या धमकी देने के ऐसे मामले ब्रिटेन जैसे देशों में भी सामने आ चुके हैं।

संक्रमण छिपाने वालों पर भी सख्ती

संक्रमण छिपाने वालों पर भी सख्ती

बता दें कि हिमाचल प्रदेश में रविवार को तबलीगी जमात के 64 लोगों को सेल्फ क्वारंटीन में भेजा गया है। ये वो लोग हैं जो या तो पिछले महीने निजामुद्दीन मरकज में शामिल हुए थे या फिर वहां गए जमातियों के संपर्क में आए थे। ये सारे के सारे तब पुलिस को सूचना देकर क्वारंटीन में जाने को तैयार हुए जब हिमाचल प्रदेश पुलिस ने उन्हें सख्ती का अल्टीमेटम दिया। बाद में डीजीपी ने बताया कि इन 64 में से 12 निजामुद्दीन मरकज में शामिल हुए थे और 52 वहां जाने वाले जमातियों के संपर्क में आए थे। राज्य में कुल मिलाकर जमात के 400 लोग अब तक क्वारंटीन में हैं। गौरतलब है कि रविवार को पुलिस ने अल्टीमेटम दिया था कि जो लोग जान-बूझकर कोविड-19 हॉटस्पॉट की अपनी ट्रैवल हिस्ट्री छिपाएंगे उनके खिलाफ हत्या की कोशिश का केस दर्ज किया जाएगा। इसके बाद 64 जमाती सामने आए थे।

हिमाचल में सारे संक्रमितों का निजामुद्दीन कनेक्शन

हिमाचल में सारे संक्रमितों का निजामुद्दीन कनेक्शन

इस बीच हिमाचल पुलिस तबलीगी जमात के उस सदस्य के सारे संपर्कों की तलाश में जुटी है, जिसकी रिपोर्ट रविवार को पॉजिटिव आई थी। डीजीपी के मुताबिक उस ट्रेन और ट्रांसपोर्ट के दूसरे साधनों की पहचान हो गई है, जिनके जरिए वह दिल्ली से कांगड़ा स्थित अपने गांव गंगथ पहुंचा। राज्य में इस समय कम से कम 7 लोग कोरोना पॉजिटिव हैं और सारे के सारे तबलीगी जमात के हैं। इन सबको शिमला के आईजीएमसी और टांडा के आरपीजीएमसी में भर्ती कराया गया है।

इसे भी पढ़ें- उज्जैन में सर्वे के लिए गई मेडिकल टीम के साथ अभद्रता, लोगों ने दी धमकी

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
In Himachal Pradesh If Covid-19 patients spitting in open will tried for attempt to murder
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X