• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

गणतंत्र दिवस: पीएम मोदी इस बार तोड़ेंगे परंपरा, अमर जवान ज्‍योति पर नहीं देंगे शहीदों को श्रद्धांजलि

|

नई दिल्‍ली। 26 जनवरी को 71वें गणतंत्र दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सदियों से चली आ रही एक परंपरा को तोड़ेंगे। इस वर्ष वह जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए अमर जवान ज्‍योति नहीं बल्कि राष्‍ट्रीय युद्ध स्‍मारक पर जाकर श्रद्धांजलि देंगे। इससे पहले हर साल प्रधानमंत्री अमर जवान ज्‍योति पर जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि देते थे। नेशनल वॉर मेमोरियल का उद्घाटन पिछले वर्ष फरवरी में किया गया है। यह स्‍मारक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का साल 2014 के चुनावों के दौरान किया गया एक अहम वादा था।

सबसे पहले पीएम जाएंगे वॉर मेमोरियल

सबसे पहले पीएम जाएंगे वॉर मेमोरियल

गणतंत्र दिवस परेड के डिप्‍टी परेड कमांडर मेजर जनरल अशोक कक्‍कड़ ने बताया, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26 जनवरी की सुबह, राष्‍ट्रीय युद्ध स्‍मारक जाएंगे। कार्यक्रमों की शुरुआत होने से पहले वह यहां पर तीनों सेना प्रमुखों और चीफ ऑफ डिफेंस स्‍टाफ की मौजूदगी में शहीदों को श्रद्धांजलि देंगे।' अधिकारियों की तरफ से बताया गया है कि अमर जवान ज्‍योति पर अब कोई भी रेथ लेयिंग कार्यक्रम नहीं होगा। वॉर मेमोरियल का पहला प्रस्‍ताव साल 1960 में दिया गया था और एनडीए की सरकार ने साल 2015 में इसके निर्माण को मंजूरी दी थी।

जनवरी 1972 से जल रही है ज्‍योति

जनवरी 1972 से जल रही है ज्‍योति

जनवरी 1972 में अमर जवान ज्‍योति का अनावरण उन 3,843 भारतीय शहीद सैनिकों की याद में किया गया था जिन्‍होंने 71 की जंग में हिस्‍सा लिया था। दिसंबर 1971 को हुई इस जंग का मकसद पाकिस्‍तान से बांग्‍लादेश को आजाद कराना था। इसे बांग्‍लादेश लिब्रेशन वॉर का नाम दिया गया था और इसकी शुरुआत तत्‍कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने की थी। इंडिया गेट जो ब्रिटिश काल में बनाया गया था, वह प्रथम विश्‍व युद्ध और और एंग्‍लो-अफगान वॉर में हि‍स्‍सा लेने वाले एक मिलियन से भी ज्‍यादा सैनिकों को सम्‍मानित करने के लिए बनाया गया था।

पिछले वर्ष हुआ वॉर मेमोरियल का उद्घाटन

पिछले वर्ष हुआ वॉर मेमोरियल का उद्घाटन

नेशनल वॉर मेमोरियल का उद्घाटन पिछले वर्ष फरवरी में किया गया है। यह स्‍मारक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चुनावों के दौरान किया गया एक अहम वादा था। यह मेमोरियल करीब 25,942 भारतीय सैनिकों के सम्‍मान में बना है जिन्‍होंने आजादी के बाद हुए युद्ध में अपने प्राण गंवा दिए थे। नेशनल वॉर मेमोरियल इंडिया गेट के सी-हेक्‍सागॉन में है और करीब 40 एकड़ के इलाके में फैला है। इसके चारों ओर अमर, वीर, त्‍याग और रक्षा के नाम से सर्किल्‍स बने हुए हैं। यहां पर परमवीर चक्र विजेताओं के बस्‍ट भी लगे हुए हैं।

लेकिन जलती रहेगी अमर ज्‍योति

लेकिन जलती रहेगी अमर ज्‍योति

पिछले वर्ष इस वॉर मेमोरियल को गणतंत्र दिवस के पहले खोलने का प्‍लान था लेकिन सरकार ने इसमें बदलाव कर दिए। लोकसभा चुनावों को ध्‍यान में रखते हुए सरकार किसी भी तरह का विवाद नहीं चाहती थी और इसलिए गणतंत्र दिवस पर इसे खोलने का फैसला किया गया।पिछले वर्ष गणतंत्र दिवस के बाद वॉर मेमोरियल को आम जनता के लिए खोल दिया गया था। अमर जवान ज्‍योति पर जो ज्‍योति जलती है, वह उसी तरह से जलती रहेगी और यहां पर बाकी कार्यक्रम भी पहले की ही तरह होते रहेंगे।

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
In a first PM Modi to wreath at National War Memorial not at Amar Jawan Jyoti on Republic Day.
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more
X