वर्चुअल रियलिटी के जरिए स्थानीय भाषाओं में सीखेंगे छात्र, आईआईटी गुवाहाटी का अनोखा प्रोजेक्ट 'ज्ञानधारा'
असम के पीएम श्री आदर्श विद्यालयों के छात्र अब गणित और विज्ञान को स्थानीय भाषाओं में वर्चुअल रियलिटी (वीआर) के जरिए सीखेंगे। आईआईटी गुवाहाटी ने देश का पहला वीआर-सक्षम मेटावर्स प्लेटफॉर्म विकसित किया है, जिसका नाम "ज्ञानधारा" रखा गया है।

यह पहल छात्रों की जिज्ञासा और रचनात्मकता को बढ़ावा देगी। इस साल के अंत में असम के 56 स्कूलों में इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया जाएगा।
पारंपरिक शिक्षा से आगे की पहल
इस प्रोजेक्ट का मकसद छात्रों को पारंपरिक शिक्षण से आगे ले जाना है। आईआईटी गुवाहाटी के प्रोफेसर डॉ. कीयूर सोराथिया ने बताया कि "ज्ञानधारा मेटावर्स" वीआर तकनीक का उपयोग करके इंटरैक्टिव 3डी वातावरण तैयार करेगा। इससे छात्रों को गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान जैसे जटिल विषयों को आसानी से समझने में मदद मिलेगी।
स्थानीय भाषाओं में होगी पढ़ाई
इस पहल की खास बात यह है कि पाठ स्थानीय भाषाओं में पढ़ाए जाएंगे। डॉ. सोराथिया ने कहा, "कक्षा 8 से 12 की किताबों को समझना छात्रों के लिए मुश्किल होता है। इसलिए हमने एक ऐसा मेटावर्स वातावरण बनाया है, जो उन्हें इन विषयों को बेहतर तरीके से समझने में मदद करेगा।" यह पहल पहले असम के 56 स्कूलों में शुरू होगी और बाद में इसे पूरे देश में लागू किया जाएगा।
छात्रों के लिए नई संभावनाएं
इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य छात्रों को एक गतिशील और इंटरैक्टिव शिक्षण वातावरण प्रदान करना है। डॉ. सोराथिया ने कहा, "हम चाहते हैं कि छात्र अपनी रचनात्मकता का पता लगाएं और महत्वपूर्ण सोच कौशल विकसित करें। यह पहल उन्हें दुनिया भर के छात्रों के साथ जोड़ेगी और उन्हें नई संभावनाएं प्रदान करेगी।"
देश में पहली बार ऐसी पहल
यह भारत के स्कूलों में अपनी तरह की पहली पहल है। डॉ. सोराथिया ने कहा, "हमारा लक्ष्य शिक्षा को और रोचक और प्रभावी बनाना है। यह प्रोजेक्ट छात्रों को उनकी पूरी क्षमता तक पहुंचने में मदद करेगा और उन्हें एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए प्रेरित करेगा।"












Click it and Unblock the Notifications