अचानक क्यों रुक रही युवाओं की धड़कन, कहीं पोस्ट कोविड इफेक्ट तो नहीं? ICMR कर रहा अध्ययन
कोरोना के बाद हर्ट अटैक से मरने वाले युवाओं में अचानक वृद्धि देखने को मिल रही है। कहीं यह पोस्ट कोविड इफेक्ट तो नहीं है? इस तरह से युवाओं की मौत ने सरकार की भी चिंता बढ़ा दी है। अब सरकार ने इस पर शोध करने के लिए भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) को जिम्मेदारी दी है। आईसीएमआर ने अध्ययन भी शुरू कर दिया है और कुछ महीनों में नतीजे आने की उम्मीद है। यह अध्ययन 18 से 45 एज ग्रुप पर किया जाएगा।
क्या कोरोना ने हृदय-फेफड़ों को बुरी तरह से किया प्रभावित
आईसीएमआर यहां जांच करने की कोशिश करेगा कि क्या जिन युवाओं की मौत हर्ट अटैक से हुई है, क्या वह कोरोना की चपेट में भी आए थे। क्या कोरोना की वजह से उनके हृदय और फेफड़ों को भी नुकसान पहुंचा था। हालांकि, कोरोना के बारे में शोध में पता चला है कि यह जानलेवा वायरस डायरेक्ट फेफड़ों को प्रभावित करता है। वैसे इसके पहले के अध्ययनों में भी यह स्पष्ट किया गया था कि कोरोना वायरस हृदय के लिए समस्याएं बढ़ा रहा है।

इन लक्षणों पर गौर कर रहा आईसीएमआर
आईसीएमआर युवा लोगों की अचानक मौतों में वृद्धि के पीछे उम्र, गंभीर कोविड' और 'लगातार कोविड' लक्षण जैसे कारकों की भूमिका पर भी गौर कर रहा है, जिन्हें अक्सर हृदय गति रुकने के लिए जिम्मेदार ठहराया जाता है। सूत्रों ने कहा कि अध्ययन के हिस्से के रूप में, शोधकर्ता युवा लोगों में अचानक हुई मौतों के कुछ हालिया मामलों की समीक्षा कर रहे हैं। वे किसी मृत व्यक्ति की मृत्यु का कारण निर्धारित करने के लिए उसके लक्षणों और परिस्थितियों के बारे में जानकारी एकत्र कर रहे हैं।












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