कुलभूषण जाधव के मामले में ICJ ने दी 17 अप्रैल और 17 जुलाई की तारीख
नई दिल्ली। हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय अदालत ने पूर्व भारतीय नौसेना अधिकारी कुलभूषण जाधव के मामले में 17 अप्रैल और 17 जुलाई की नई समय सीमा दी है। इस समय सीमा में भारत और पाकिस्तान को अपनी-अपनी लिखित बहस जमा करेंगे। इससे पहले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में जब भारत ने आतंकवाद को लेकर पड़ोसी मुल्क को लताड़ लगाई तो पाकिस्तान की बौखलाहट कुलभूषण जाधव के रूप में निकाली थी। पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव मुद्दे को यूएन में उठाते हुए कहा था कि भारत पहले अपने गिरेबान में झांक कर देखें। हाल ही पूर्व भारतीय नौसेना अधिकारी कुलभूषण जाधव से उनकी मां और पत्नी पाकिस्तान में गई, जहां उनके परिवार के साथ बुरा बर्ताव हुआ, इससे पूरा देश रोष में है। गुरुवार को इस मामले पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने बयान भी दिया और पाकिस्तान की कड़ी आलोचना दी। वहीं केस को करीब से जानने वाले लोगों का कहना है कि पाकिस्तान की कुलभूषण जाधव के परिवार के साथ की गई हरकत के कारण इंटरनैशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस में भारत का केस मजबूत हो सकता है।

कुलभूषण जाधव का मुद्दा उठाया
यूएन में पाकिस्तानी प्रतिनिधि मलीहा लोधी ने पूर्व भारतीय नौसैनिक कुलभूषण जाधव का मुद्दा उठाया था, जिन्हें तथाकथित जासूस बताकर वहां कि जेल में कैद कर दिया गया है। लोधी ने कहा कि जो हमें माइंडसेट बदलने की बात कह रहे हैं, वे पहले अपने भीतर झांककर देखें। जाधव का बगैर नाम लिए लोधी ने कहा कि हमारे देश के खिलाफ साजिश रच रहे भारतीय जासूस पर शक सही साबित हुआ है। यूएन में भारतीय राजदूत सैयद अकबरुद्दीन का आरोपों का जवाब देते हुए यह बात कही।

हुआ था खुलासा
वहीं बीते दिनों कुलभूषण जाधव को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ था। बलूचिस्तान के सामाजिक कार्यकर्ता मामा कादिर बलोच का दावा किया था कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI ने ईरान से जाधव का अपहरण करवाया था। सीएनएन न्यूज 18 को दिए इंटरव्यू में कादिर बलोच ने कहा था कि, कुलभूषण का अपहरण पाकिस्तान लाने के लिए आईएसआई ने आतंकी मुल्ला उमर बलोच ईरानी को करोड़ों रुपये दिए थे।

जाधव का ईरान के चाबहार से मुल्ला उमर ने अपहरण किया
कादिर बलोच 'वॉइस ऑफ मिसिंग बलोच' नाम की संस्था के वाइस प्रेसिडेंट हैं। कादिर बलोच पूरे बलूचिस्तान में नेटवर्क फैला हुआ है। कादिर के मुताबिक जाधव का ईरान के चाबहार से मुल्ला उमर ने अपहरण किया था। उन्होंने बताया कि इस संस्था के को-ऑर्डिनेटरों को जानकारी मिली है कि जाधव का ईरान से अपहरण किया गया था। बलोच के मुताबिक मुल्ला उमर बलूचिस्तान में ISI के आतंकी के रूप में फेमस है।












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