'समाज क्या कहेगा, पड़ोसी क्या बोलेगा', छात्रों और माता-पिता से जो IAS अवनीश शरण ने कहा, वो सबको सुनना चाहिए
IAS Awanish Sharan: छत्तीसगढ़ कैडर के 2009 बैच के आईएएस अवनीश शरण हमेशा अपने सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर चर्चाओं में रहते हैं। देश में फिलहाल 10वीं और 12वीं बोर्ड के रिजल्ट निकलने का सिलसिला जारी है, ऐसे में IAS अवनीश शरण छात्रों और माता-पिता से जो कहा है, वो सबको सुनना चाहिए।
IAS अवनीश शरण इंटरव्यू वीडियो में 10वीं-12वीं के परीक्षा परिणामों में कम नंबर लाने वाले या फेल हो जाने वाले छात्रों को निराश ना होने की सलाह दे रहे हैं। उनका कहना है कि वो इन घटनाओं के देखकर दुखी और परेशान होते हैं। वो ये भी बता रहे हैं कि कैसे माता-पिता को बच्चों पर नंबर लाने का प्रेशर नहीं देना चाहिए।

IAS अवनीश शरण बोले- 'बोर्ड एग्जाम, पास-फेल, नंबर गेम...'
IAS अवनीश शरण का ये वीडियो वायरल हो गया है। IAS अवनीश शरण ने इस वीडियो को शेयर कर कहा, ''बोर्ड एग्जाम, पास-फेल, नंबर गेम, सफलता-असफलता को लेकर मेरा साक्षात्कार। आशा है बच्चों, पैरेंट्स और शिक्षकों के लिए कुछ लाभकारी होगा।''
अवनीश शरण वीडियो में कहते हैं उन्हें बहुत दुख होता है, जब वो ये देखते हैं, कैसे कोई बच्चा 10वीं-12वीं में कम नंबर लाने या फेल हो जाने की वजह से सुसाइड कर लेता है।
IAS अवनीश शरण बोले- ''एक परीक्षा जिंदगी तय नहीं करती'
IAS अवनीश शरण ने कहा, ''मैं बच्चों और उनके माता-पिता से कहना चाहता हूं कि, 10वीं-12वीं या एक परीक्षा जिंदगी तय नहीं करती है। बस छात्रों को खुद पर भरोसा होना चाहिए और पैरेंट्स को भी बच्चों पर भरोसा होना चाहिए। आपको ज्यादा नंबर लाकर, परिवार, घरवाले, स्कूल-शिक्षक किसी को सबूत देने की जरूरत नहीं है। आपको अपने आप को दूसरों के लिए साबित करने की भी जरूरत नहीं है।''

IAS अवनीश शरण बोले- 'ये मत सोचिए कि समाज क्या कहेगा'
IAS अवनीश शरण ने आगे कहा, ''हम लोग आमतौर पर इसलिए दुखी हो जाते हैं...क्योंकि समाज क्या कहेगा, टीचर क्या बोलेंगे, पड़ोसी वाले अंकल क्या कहेंगे...। पैरेंट्स भी यही बोलते हैं कि अरे मैं उसको मुंह कैसे दिखाऊंगा...। हमें बच्चों से ऐसा बर्ताव नहीं करना चाहिए। अगर आपके बच्चे का नंबर अच्छा आया है तो इसको स्टेटस सिंबल भी नहीं बनाना चाहिए। इससे बच्चों पर अनचाहा दबाव बनने लगता है। वो हमेशा यही सोचता है कि मुझे पहले से बेहतर नंबर लाना है।''

IAS अवनीश शरण ने दिया अपना उदाहरण
IAS अवनीश शरण ने अपना उदाहरण देते हुए कहा कि उनके भी 10वीं में सिर्फ 44 फीसदी नंबर आए थे, वे थर्ड डिवीजन पास हुए थे। लेकिन उनके माता-पिता ने उनपर भरोसा किया और किसी बात के लिए दबाव नहीं बनाया। इसी का नतीजा है कि आज मैं यूपीएससी में पास कर पाया और आज जिला कलेक्टर हूं।

बता दें कि IAS अवनीश शरण वर्तमान में छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में बतौर जिला कलेक्टर कार्यरत हैं। गौरतलब है कि IAS अवनीश शरण इससे पहले यूपीएससी रिजल्ट 2023 में सफल ना करने वाले उम्मीदवारों को भी सकारात्मक रहने की सलाह दी थी। अवनीश शरण हमेशा छात्रों की परेशानियां को लेकर सोशल मीडिया पर बात करते हैं।












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