जानिए सिद्धू ने क्यों कहा..सितम की इंतहा क्या है?
नई दिल्ली। आज राज्यसभा से बीजेपी सांसद पद से इस्तीफा देकर लोगों को चौंकाने वाले पूर्व क्रिकेटर और मशहूर कमेंटेटर नवजोत सिंह सिद्धू पार्टी छोड़ने के बाद पहली बार मीडिया से रूबरू हुए और अपने इस्तीफे का कारण बताया। हालांकि सिद्धू ने ये नहीं बताया कि उनके आगे का प्लान क्या है, वो 'आप' पार्टी में जा रहे हैं या नहीं या फिर वो कोई नई पार्टी गठित करने जा रहे हैं।
मिनी स्कर्ट से ठोंको ताली तक.. सिद्धू हर जगह रहे सुपरहिट
ऐसे बहुत सारे सवाल हैं जिनका उत्तर नवजोत ने नहीं दिया लेकिन इसमें कोई शक नहीं कि आज की प्रेसवार्ता में सिद्धू अपने पुराने ही अंदाज में नजर आयें। उनके दिल का दर्द उनकी आंखों से तो छलका नहीं लेकिन शायरी और लतीफे के रूप में जरूर लफ्जों से बयां हुआ।
Love Story: पहली नजर में नवजोत ने किया था सिद्धू को क्लीन बोल्ड..
मालूम हो कि सिद्धू ने आज कहा कि उन्हें बीजेपी पंजाब से दूर कर रही थी इस कारण उन्होंने बीजेपी को ही छोड़ दिया। आईये आपको स्लाइडों के जरिये बताते हैं कि सिद्धू ने कैसे अपना दर्द लोगों से बयां किया।

दिल दिया है तो जान भी देंगे
सिद्धू ने कहा कि उन्होंने पंजाब को अगर दिल दिया है तो उसके लिए जान भी देने का दम रखते हैं।

मोदी लहर ने मुझे डुबो दिया
सिद्धू ने कहा कि जब आंधी चली तब मुझे उठाया गया और जब लहर चली तब मुझे उसमें डुबोया गया, मैंने अटल जी के कहने पर चुनाव लड़ा और मोदी लहर ने मुझे डुबो दिया।

पंजाब से दूर रहो
पंछी भी उड़ता है तो शाम को अपने घर वापस जाता है, चार चुनाव जीतने के बाद राज्यसभा देकर यह कहा जाता है कि सिद्धू पंजाब से दूर रहो, आखिर क्यों?

राष्ट्र धर्म से बड़ा कुछ भी नहीं
मेरे लिए राष्ट्र धर्म से बड़ा कुछ भी नहीं, इसलिए पंजाब से मैं कैसे अलग हो सकता हूं, पंजाब की माटी मेरी मां है और कोई बच्चा अपनी मां से कैसे अलग हो सकता है।

सितम की इंतहा क्या है..
उसे ये फिक्र है हरदम नया तर्जे-ज़फ़ा* क्या है,
हमें यह शौक है देखें सितम कि इन्तहा क्या है।

जिसमें स्वदेश का प्यार नहीं
जो भरा नहीं है भावों से, बहती जिसमे रसधार नहीं।
वो हृदय नहीं वो पत्थर है, जिसमें स्वदेश का प्यार नहीं ।।जय हिन्द












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