Hydrogen for Heritage: पहाड़ों में हाइड्रोजन ट्रेन चलाने की पहल से संसदीय पैनल खुश, रेलवे की सराहना
Hydrogen for Heritage train:रेलवे पर संसद की स्थायी समिति ने हेरिटेज ट्रेनों में हाइड्रोजन ईंधन वाले इंजन के इस्तेमाल की पहल की तारीफ की है। पहली ट्रेन दिसंबर तक चलेगी।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को पेश आम बजट में 'हाइड्रोजन फॉर हेरिटेज मिशन' की घोषणा की है। अब रेलवे पर संसद की स्थाई समिति ने इस पहल के लिए देश के सबसे बड़े ट्रांसपोर्टर की जमकर सराहना की है। संसदीय समिति की यह रिपोर्ट बजट सत्र के दूसरे भाग में दोनों सदनों में पेश की गई है। गौरतलब है कि शुरू में 35 हाइड्रोजन ईंधन वाली ट्रेनें चलाने की योजना है। पहली ट्रेन इसी साल के अंत से चलने वाली है। अभी टूरिस्ट ट्रेनों और पहाड़ी इलाकों में चलने वाली हेरिटेज ट्रेनों में हाइड्रोजन ईंधन वाले इंजन का इस्तेमाल किया जाना है। एक पायलट प्रोजेक्ट हरियाणा के जींद-सोनीपत सेक्शन पर DEMU के लिए भी दिया गया है।

ग्रीन एनर्जी की दिशा में एक बढ़िया कदम-संसदीय समिति
संसद की स्थाई समिति ने पहाड़ी रूटों पर हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाली हेरिटेज ट्रेन चलाने के भारतीय रेलवे की पहल की सराहना की है। संसद की दोनों सदनों में पेश की एक एक रिपोर्ट में समिति ने कहा है कि यह ग्रीन एनर्जी की दिशा में एक बढ़िया कदम है और ये ट्रेन एक लंबा रास्ता तय करेगी। समिति ने इस पहल की सराहना तो की ही है, साथ ही इसके लिए उचित तैयारी करने और इस दृष्टिकोण को पूरा करने के लिए रेलवे के उत्साहपूर्व काम करने से प्रभावित भी हुई है।

हाइड्रोजन फॉर हेरिटेज योजना
समिति की रिपोर्ट में आगे का गया है कि यह पहल केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साल 2023-24 के बजट भाषण के मुताबिक है, जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय हाइड्रोजन मिशन पर जोर दिया है। समिति ने इस बात का जिक्र किय है कि बजट भाषण में वित्त मंत्री ने 'हेरिटेज हिल' और 'टूरिस्ट रेलवे' में ईंधन के तौर पर हाइड्रोजन के इस्तेमाल के लिए हाइड्रोजन फॉर हेरिटेज योजना की घोषणा की है।

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दिसंबर तक चलेगी पहली हाइड्रोजन ईंधन ट्रेन
ग्रीन ट्रांस्पोर्टेशन टेक्नोलॉजी की दिशा में ईंधन के तौर पर हाइड्रोजन का इस्तेमाल काफी लाभप्रद रहने वाला है। यह एक स्वच्छ ऊर्जा स्रोत है, जिसकी सहायता से शून्य कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य को प्राप्त करने में भी सहायता मिलेगी। पहली हाइड्रोजन ईंधन ट्रेन इस साल दिसंबर तक कालका-शिमला और इसी तरह के हेरिटेज सर्किट पर चलने वाली है।

प्रत्येक ट्रेन की अनुमानित लागत 80 करोड़ रुपए
3 फरवरी की पीआईबी की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय रेलवे 'हाइड्रोजन फॉर हेरिटेज' के तहत 35 हाइड्रोजन ट्रेनें चलाएगा। इसपर प्रत्येक ट्रेन के हिसाब से 80 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत रखी गई है। इसके अलावा प्रत्येक हेरिटेज/हिल रूट पर इसके लिए जमीनी इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी 70 करोड़ रुपए खर्च किए जाने हैं।

डीजल इलेक्ट्रिक मल्टिपल यूनिट के लिए भी पायलट प्रोजेक्ट
हालांकि, हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाली ट्रेनों की रनिंग कॉस्ट शुरू में ज्यादा आने वाली है। लेकिन, जैसे-जैसे ट्रेनों की संख्या बढ़ेंगी, इसमें कमी आने की संभावना जताई जा रही है। रेल मंत्रालय ने मौजूदा डीजल इलेक्ट्रिक मल्टिपल यूनिट (DEMU) रेक में भी हाइड्रोजन फ्यूल सेल फिट करने के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट दिया है। बुनियादी ढांचे के साथ इसके लिए 111.83 करोड़ रुपए रखे गए हैं। इसे उत्तर रेलवे के जींद-सोनीपत सेक्शन पर चलाए जाने की योजना है। अगले वित्त वर्ष में इसके पहले प्रोटोटाइप पर फिल्ड ट्रायल शुरू होने की उम्मीद है।












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