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हैदराबाद: महिला डॉक्टर से जहां हुई हैवानियत, गांव वालों ने वह दीवार गिरा दी

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नई दिल्ली- हैदराबाद में वेटनरी डॉक्टर से गैंगरेप और उसकी हत्या से नाराज स्थानीय गांव वालों ने उस दीवार को भी जमींदोज कर दिया है, जिसकी आड़ लेकर चारों आरोपियों ने उस काली रात में हैवानियत को अंजाम दिया था। उस दिन से गांव वाले जब भी हाइवे के पास टॉल बूथ से सटी उस दीवार के पास से गुजरते थे तो उस महिला के बारे में सोचकर ही उनकी रूह कांप उठती थी। उन्हें इस बात की काफी मायूसी होती थी कि काश वह 'दहशत' की दीवार न होती तो कोई न कोई उस पीड़िता को जरूर देख लेता और उसकी जान बचाई जा सकती थी। आखिरकार गांव वालों ने अब उस दीवार का नामो-निशान तो मिटा ही दिया है, वहां की झाड़ियों को भी अपने पैसे खर्च करके पूरी तरह से हटाने का प्रयास किया है।

गांव वालों ने 'दहशत' की दीवार गिरा दी

गांव वालों ने 'दहशत' की दीवार गिरा दी

हैदराबाद के आउटर रिंग रोड स्थित टॉल बूथ से लगी 5 फीट की ऊंची कंपाउंड वॉल को स्थानीय टोंडुपल्ली के गांव वालों ने गिरा दिया है। उन चारों दरिंदों ने इस दीवार के पीछे ही 26 साल की महिला डॉक्टर के साथ गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया था। इस घटना से गांव वाले इतने आहत हैं कि उन्होंने मजदूरों को लगाकर उस दीवार से लगी झाड़ियों को भी पूरी तरह से साफ करवाने का काम किया है, ताकि फिर कोई अपराधी ऐसी जघन्य वारदात को अंजाम न दे सके। सुरेश नाम के एक गांव वाले ने कहा कि यह उस खौफनाक घटना के विरोध करने का उनका अपना तरीका है। अपने मिशन को पूरा करने में करीब 50 गांव वालों को तीन से चार दिन लग गए, लेकिन उन्होंने तब तक इसे नहीं छोड़ा जब तक उनका काम पूरा नहीं हो गया। इस काम में गांव वालों को कुछ बाहरी लोगों की भी मदद मिली।

अपराधियों ने दीवार और झाड़ियों का उठाया था फायदा

अपराधियों ने दीवार और झाड़ियों का उठाया था फायदा

टोंडुपल्ली के लोगों के मुताबिक उन्होंने दो मजदूरों को झाड़ी की सफाई करने के लिए एक हजार रुपये के हिसाब से भुगतान भी किया है। टीओआई की एक खबर के मुताबिक इसी गांव के ही निवासी ने बताया कि 'उस रात इन्हीं झाड़ियों की वजह से आरोपियों को मदद मिली थी, जिनकी वजह से उन्हें खुद को छिपाए रखने में आसानी हुई। शंकर गौड़ नाम के एक निवासी के मुताबिक, 'हममें से कोई भी इस तथ्य से इनकार नहीं कर सकता है कि यह जघन्य घटना हमारे घर के इतने पास हुई है। हमें खुशी है कि दीवार गिर चुकी है। अगर यह यहां नहीं होती तो हो सकता है कि उस महिला को बचाया जा सकता था। यह जगह यहां से गुजरने वाले लोगों को दिख सकती थी और कोई न कोई उसे बचाने के लिए जरूर आ जाता।'

यहां से गुजरने पर भी सिहर उठती थीं महिलाएं

यहां से गुजरने पर भी सिहर उठती थीं महिलाएं

दीवार ढहा दिए जाने से इलाके की महिलाएं भी बेहद खुश हैं। शाहीन बेगम नाम की एक महिला ने कहा,'अब भी जब मैं वहां से गुजरती हूं उस वेटनरी डॉक्टर के साथ क्या हुआ होगा यह सोचकर सिहर उठती हूं। हालांकि, मुझे खुशी है कि अब दीवार पूरी तरह से गिर चुकी है और मेन रोड पर मौजूद लोगों को यह साफ दिख सकता है। दीवार और झाड़ियों की वजह से यह दिखाई नहीं देता था।' शाहीन क्राइम सीन से एक किलोमीटर की दूरी पर ही रहती हैं।

महिला डॉक्टर को मिल गया न्याय

महिला डॉक्टर को मिल गया न्याय

पिछले 27 नवंबर की रात टॉल बूथ के पास से ही 26 साल की वेटनरी डॉक्टर को चारों आरोपियों ने धोखे से अगवा करके दीवार के पीछे झाड़ियों में ले जाकर उसके साथ बर्बर तरीके से गैंगरेप किया था। वारदात के दौरान उसके मुंह में जबरन शराब भी डाली गई थी। गैंगरेप के बाद आरोपियों ने उसकी हत्या कर दी और सबूत मिटाने की नीयत से उस जगह से करीब 27 किलोमीटर दूर उसके शव को ले जाकर पेट्रोल छिड़कर उसमें आग लगा दी थी। बाद में चारों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ गए और शुक्रवार तड़के जब पुलिस क्राइम सीन रीक्रिएट करने के लिए उन्हें महिला के शव को जलाने वाली जगह पर लेकर गई तो उन्होंने वहां से भागने की कोशिश की, इस दौरान पुलिस ने मुठभेड़ में चारों आरोपियों को मौके पर ही ढेर कर दिया।

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English summary
The wall behind the gang rape of the female Veterinary Doctor of Hyderabad has been demolished by the villagers
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