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हैदराबाद डॉक्‍टर मर्डर: पड़ोसियों से हमेशा हंस कर मिलती थीं डॉक्‍टर, आवारा जानवरों की मदद के लिए हमेशा रहती थी आगे

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हैदराबाद। पिछले कुछ दिनों से हैदराबाद खबरों में है। 26 साल की वेटनेरी डॉक्‍टर के पहले गैंगरेप और फिर निर्दयता के साथ उसकी हत्‍या ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। वहीं अभी तक उसके परिवार को यह यकीन नहीं हो पा रहा है कि उनकी लाडली इस दुनिया में नहीं है। पीड़‍िता के घर में रोज किसी न किसी हाई प्रोफाइल नेता तो किसी आम शख्‍स का आने का सिलसिला जारी है। गली के चाय वाले भी अब उनके घर को पहचानने लगे हैं। आपको बता दें कि 28 नवंबर को डॉक्‍टर का जला हुआ शव हैदराबाद के बाहरी इलाके में मिला था।

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अभी तक बेहोश हैं मां और बहन

अभी तक बेहोश हैं मां और बहन

पीड़‍िता के घर के बाहर एक पुलिस वैन खड़ी रहती है और मिलने आने वाले लोगों के प्‍लास्टिक की कुर्सियां रखी हुई हैं। 26 वर्ष की पीड़‍िता के चाचा ने बड़ी मुश्किल से मीडिया से बात की और अपना दर्द बांटा। अंकल ने बताया कि परिवार अभी तक सदमे में है। उन्‍होंने कहा, 'वह एक खूबसूरत इंसान है। मैं अभी तक उसके लिए 'थी' शब्‍द का प्रयोग नहीं कर पा रहा हूं। जब ऑफिशियल्‍स ने मेरा नाम पूछा तब जाकर इस घटना के बारे में हमें मालूम हुआ। मेरा दिमाग सुन्‍न हो गया था।' उन्‍होंने आगे कहा, 'हम सभी अभी तक सदमे में हैं। उसकी मां और बहन बेहोश हैं। हर कोई आता है और कहता है कि इंसाफ होकर रहेगा। लेकिन उसका क्‍या करेंगे हम? क्‍या हमारी मुस्‍कुराती हुई बेटी कभी वापस आ पाएगी?'

जानवरों से प्‍यार की वजह से बनीं वेटनेरी डॉक्‍टर

जानवरों से प्‍यार की वजह से बनीं वेटनेरी डॉक्‍टर

पीड़‍िता के चाचा ने निर्भया गैंगरेप का जिक्र भी किया। उन्‍होंने कि दिसंबर 2012 में निर्भया कांड हुआ था और उसके बाद भी आज तक कुछ नहीं बदला है। यह इस देश का दुर्भाग्‍य है। उन्‍होंने कहा कि जानवरों से लगाव की वजह से ही उसने वेटनेरी डॉक्‍टर बनने की ठानी थी। बावजूद इसके कि मेडिकल एंट्रेस एग्‍जाम में उसकी रैंक पूरे देश में अच्‍छी थी और वह चाहती थी मेडिसन की पढ़ाई भी कर सकती थी। उन्‍होंने बताया, 'जब वह बच्‍ची थी तब से ही उसे जानवरों का बहुत शौक था और वह अक्‍सर आवारा कुत्‍तों, गायों और घोड़ों को खाना खिलाती थी। उसका परिवार एक छोटे से घर में रहते थे इसलिए उसका पालूत जानवर रखने का सपना कभी पूरा नहीं हो पाया।'

किताबों की थी शौकीन

किताबों की थी शौकीन

पीड़‍िता के पिता का नौकरी में अक्‍सर ट्रांसफर होता रहता था और वह वीकएंड पर परिवार से मिलने आते थे। पिता आठ माह के बाद रिटायर होने वाले थे और उसके बाद वह अपने परिवार के साथ ही रहना चाहते थे। चाचा ने बताया कि पीड़‍िता की जिंदगी में चार चीजें काफी मायने रखती थीं- जानवरों के लिए प्‍यार, किताबें, परिवार के लिए समय और खाना पकाना। वह अक्‍सर ऑनलाइन नई-नई रेसिपी को ट्राइ करती रहती थीं और फिर सैंपल अपनी फैमिली को बनाकर खिलाती थीं। एक और रिश्‍तेदार ने कहा, 'हम एक रुढ़‍िवादी कृषि परिवार से आते हैं और उसने काफी किताबें पढ़ी हुई थीं। अगर उसे दुनिया के तरीकों के बारे में और ज्‍यादा मालूम होता तो शायद उसकी जिंदगी बच सकती थी।'

पड़ोसियों से हंसकर मिलतीं

पड़ोसियों से हंसकर मिलतीं

तीन साल पहले ही पीड़‍िता अपनी मां और बहन के साथ अपने घर में रहने आई थी और फिर उन्‍होंने काम करना शुरू कर दिया था। पड़ोस में रहने वाली एक लड़की की मानें तो परिवार अपने तक ही रहता था और मुश्किल से कभी नजर आता था। लेकिन पीड़‍िता को आसपास की लड़कियां अपनी जॉब से आते और जाते हुए देखती थीं। वह हमेशा ही मुस्‍कुरा कर उनकी तरफ देखतीं और अगर हो पाता तो कुछ सेकेंड के लिए रुक कर बात भी करती थीं।

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English summary
Hyderabad Vet gangrape: victim's uncle says she is a good can't able to believe his daughter is no more.
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