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हैदराबाद डॉक्‍टर मर्डर: जब कोर्ट में 200 रेप पीड़‍िताओं ने कर डाली थी रेपिस्‍ट की मॉब लिचिंग, काट दिया था प्राइवेट पार्ट

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नई दिल्‍ली। सोमवार को राज्‍यसभा सांसद जया बच्‍चन ने सदन में एक अहम बयान दिया। हैदराबाद में 26 साल की डॉक्‍टर के साथ हुई बेरहमी पर बोलते हुए जया ने कहा कि किसी भी बलात्‍कारी को जनता के हवाले कर देना चाहिए ताकि भीड़ उन्‍हें मार डाले। जया की बात का कुछ लोग विरोध कर रहे हैं मगर साल 2004 में इसी तरह से एक रेपिस्‍ट को देश में सजा दी गई थी। उस केस में एक दो नहीं बल्कि 200 महिलाओं ने एक बलात्‍कारी को कोर्ट के अंदर ही मार डाला था।

यह भी पढ़ें-रेप और मर्डर के केस में 15 साल पहले हुई थी आखिरी फांसी

15 मिनट के अंदर ही जज की सीट के पीछे हुई मौत

15 मिनट के अंदर ही जज की सीट के पीछे हुई मौत

12 अगस्‍त 2004 को नागपुर में रेपिस्‍ट अक्‍कू यादव को गिरफ्तार किया जाता है। इसके अगले ही दिन यानी 13 अगस्‍त को नागपुर डिस्ट्रिक्‍ट कोर्ट में दोपहर करीब तीन बजे बलात्‍कारी 32 साल के अक्‍कू यादव की 200 महिलाओं की तरफ से की गई हत्‍या की खबर देश भर में फैल जाती है। शहर के कस्‍तूरबा नगर की महिलाओं ने अक्‍कू को बस 15 मिनट के अंदर मौत के हवाले कर दिया था। अक्‍कू ने जज की सीट के पीछे ही दम तोड़ दिया था। अक्‍कू ने 10 साल तक इन महिलाओं के साथ रेप किया था और लगातार बच रहा था। इन सभी महिलाओं का अक्‍कू ने रेप किया था।

अक्‍कू के शरीर पर थे 70 घाव

अक्‍कू के शरीर पर थे 70 घाव

इन महिलाओं ने चिली पावडर पहले उसके चेहरे पर फेंका फिर पत्‍थर मार-मार कर उसे लहूलूहान कर दिया। इसके बाद एक पीड़‍िता ने उसका प्राइवेट पार्ट को सब्‍जी काटने वाली तेज धारदार चाकू से उसके शरीर से अलग कर दिया था। अक्‍कू के शरीर पर 70 घाव थे। नागपुर डिस्ट्रिक्‍ट कोर्ट नंबर सात में संगमरमर के फर्श पर अक्कू की हत्‍या ने वर्ल्‍ड मीडिया में भी हेडलाइंस बटोरी थीं। अक्‍कू की हत्‍या के बाद सभी महिलाओं ने जज से कहा था, 'अब आप हम सबको गिरफ्तार कर सकते हैं।'

कोर्ट ने छोड़ा हर आरोपी को

कोर्ट ने छोड़ा हर आरोपी को

इस घटना में शुरुआत में पुलिस ने पांच महिलाओं को गिरफ्तार किया था लेकिन शहर में विरोध प्रदर्शन के चलते उन्‍हें छोड़ दिया गया। कस्‍तूरबा नगर, नागपुर का स्‍लम एरिया है और यहां पर रहने वाली हर महिला ने अक्‍कू की हत्‍या की जिम्‍मेदारी ली थी। इस मर्डर में उषा नारायणे को भी बाकी महिलाओं की तरह की अरेस्‍ट किया गया था। मगर साल 2012 में उन्‍हें रिहा कर दिया गया। इसके अलावा 24 और लागों को जिसमें छह महिलाएं थीं पहले गिरफ्तार किया गया और फिर सुबूतों के अभाव में छोड़ दिया गया।

कोर्ट ने कहा मॉब लिचिंग के सुबूत नहीं

कोर्ट ने कहा मॉब लिचिंग के सुबूत नहीं

कोर्ट के जज ने इस बात का जिक्र अपनी रिपोर्ट में किया कि अक्‍कू की मॉब लिचिंग हुई है इस बात के सुबूत नहीं है। साथ ही पुलिस के बयानों पर भी भरोसा नहीं किया जा सकता है। इसके अलावा कोर्ट ने अक्‍कू की ऑटोप्‍सी रिपोर्ट को अहम सुबूत के तौर पर माना जिसमें इस बात की पुष्टि हुई थी कि अक्‍कू के खून में मौत के समय एल्‍कोहल था। जज ने कहा था कि इससे साफ होता है कि अक्‍कू को जेल में पुलिस की मदद मिल रही थी।

पुलिस उड़ाती थी पीड़‍िताओं का मजाक

पुलिस उड़ाती थी पीड़‍िताओं का मजाक

अक्‍कू यादव ने साल 1991 से 2004 तक अपने अपराध को अंजाम दिया था। जब महिलाएं उसकी शिकायत करने के लिए पुलिस के पास जाती तो उनका मजाक उड़ाकर उन्‍हें भगा दिया जाता था। एक 22 साल की लड़की के पिता ने जब पुलिस के पास बेटी के रेप की रिपोर्ट लिखाने की कोशिश की तो पुलिस ने उन पर इल्‍जाम लगा दिया कि उनकी बेटी का अक्‍कू के साथ अफेयर था। साल 2013 में अक्‍कू के भतीजे अमन यादव को भी इसी तरह के हालातों में मार दिया गया था।

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English summary
200 women killed a rapist inside the court in Nagpur with knives, stones and chill powder.
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