• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

हैदराबाद डॉक्टर मर्डर: वीसी सज्जनार ने किए 3 एनकाउंटर, तीनों का तरीका भी एक और दलील भी

|

हैदराबाद। तेलंगाना के हैदराबाद में महिला डॉक्टर की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। बाद में पीड़िता को मरा समझ चारों आरोपियों ने जिंदा जला दिया था। घटना के करीब सात दिन बाद शुक्रवार को सभी आरोपी एनकाउंटर में मारे गए। इसे लेकर देश के कई हिस्सों में जश्न मनाया गया, महिलाओं ने पुलिस को राखी बांधी, उन्हें मिठाई दी गई, तो कहीं उनपर फूल बरसाए गए।

एनकाउंटर पर सवाल भी उठाए

एनकाउंटर पर सवाल भी उठाए

लेकिन इसी बीच कुछ लोगों ने एनकाउंटर पर सवाल भी उठाए, जिनमें कुछ राजनेता, कानून विशेषज्ञ और मानवाधिकार कार्यकर्ता शामिल हैं। इन लोगों ने इस एनकाउंटर की जांच की मांग की है। साथ ही कहा है कि पुलिस के खिलाफ कार्रवाई हो।

घटनास्थल पर लाए गए थे आरोपी

घटनास्थल पर लाए गए थे आरोपी

आरोपियों को जहां मारा गया वो जगह वारदात वाली जगह से महज 500 मीटर की दूरी पर स्थित है। पुलिस ने एनकाउंटर को लेकर कहा कि वह मामले की जांच कर रहे थे और आरोपियों को घटनास्थल पर लेकर आए। वारदात के घटनाक्रम को समझने के लिए इन्हें यहां लाया गया था। लेकिन इनमें से दो आरोपियों ने पुलिस से हथियार छीन लिए और उनपर फायरिंग कर भागने की कोशिश करने लगे। जिससे पुलिस के दो जवान भी घायल हो गए। ऐसे में पुलिस को आत्मरक्षा के लिए इन चारों आरोपियों पर गोली चलानी पड़ी।

पहले भी किए हैं एनकाउंटर

पहले भी किए हैं एनकाउंटर

इस एनकाउंटर के बाद से ही साइबराबाद के पुलिस कमिश्नर वीसी सज्जनार सुर्खियों में हैं। इस एनकाउंटर के साथ ही अब उन एनकाउंटरों की भी चर्चा शुरू हो गई है, जो उन्होंने अतीत में किए थे। इनमें एक एनकाउंटर महिलाओं पर एसिड अटैक करने वाले तीन आरोपियों का है। जबकि एक एनकाउंटर पूर्व नक्सली नेता का भी है।

क्या है खास बात?

क्या है खास बात?

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, इन सभी एनकाउंटर में सबसे खास बात ये है कि इनमें पुलिस ने एक ही तरह का स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर (एसओपी) अपनाया है। इसके साथ ही सभी एनकाउंटर के बाद एक ही तरह की दलील दी गई है कि कैसे आरोपियों ने पुलिस पर हमला किया और किसी तरह पुलिस को जवाबी कार्रवाई में फायरिंग करनी पड़ी। हैरानी की बात ये है कि तीनों ही एनकाउंटर में पुलिस टीम की अगुवाई करने वाले भी वीसी सज्जनार ही थे।

2008 में एसपी थे

2008 में एसपी थे

वीसी सज्जनार 1996 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं, वह दिसंबर 2008 में वारंगल के एसपी थे। उस समय मोटरसाइकिल पर सवाल तीन लोगों ने महिलाओं पर तेजाब फेंक दिया था। दोनों ही महिलाएं इंजीनियरिंग की छात्रा थीं। वो घटना के वक्त दो पहिया वाहन से अपने घर जा रही थीं। इस घटना के बाद से लोगों में काफी गुस्सा था। लोगों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किए थे और न्याय की मांग की थी।

गिरफ्तारी के अगले दिन मौत

गिरफ्तारी के अगले दिन मौत

तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के अगले की दिन एनकाउंटर में मौत हो गई। एनकाउंटर की घटना वारंगल से 30 किमी दूर ममूनूर के जंगलों में देर रात को हुई थी। इस मामले में पुलिस ने कहा था कि वह आरोपियों को जंगल में इसलिए ले गई, ताकि एसिड का स्टॉक और घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल जैसे सबूत इकट्ठे किए जा सकें।

तब क्या बोले थे सज्जनार?

तब क्या बोले थे सज्जनार?

उस वक्त सज्जनार ने कहा था कि इनमें से एक आरोपी ने अपनी देसी पिस्तौल से पुलिस पर फायरिंग कर दी थी। इन्होंने पुलिस वालों पर तेजाब भी फेंका था। जिसके बाद पुलिस को आत्मरक्षा के लिए इनपर गोली चलानी पड़ी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इन आरोपियों को हथकड़ी नहीं पहनाई गई थी और ये बात भी सामने नहीं आई कि इनमें से एक के पास देसी पिस्तौल कहां से और कैसे आई थी।

जब पूर्व नक्सली नेता मारा गया

जब पूर्व नक्सली नेता मारा गया

अब बात करते हैं दूसरे एनकाउंटर की, जिसमें एक पूर्व नक्सली नेता मोहम्मद नईमुद्दीन हैदराबाद के बाहरी इलाके में मारा गया था। ये बात अगस्त 2016 की है। उस वक्त सज्जनार एक एंटी नक्सल ऑपरेशन यूनिट की अगुवाई कर रहे थे। पुलिस ने तब कहा था कि वह नईमुद्दीन को गिरफ्तार करना चाहती थी लेकिन वो पुलिस पर हमला कर वहां से भागने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने कहा था कि नईमुद्दीन ने अपनी जीप के अंदर से पुलिस पर फायरिंग की थी। जिसके बाद पुलिस को गोली चलानी पड़ी। बता दें सज्जनार स्पेशल इंटेलिजेंस ब्रांच में भी आईजी रह चुके हैं। उन्हें अपने कार्यकाल के दौरान कई बड़े नक्सलियों की गिरफ्तारी, सरेंडर और एनकाउंटर करने के लिए जाना जाता है।

हैदराबाद मामले में क्या कहा?

हैदराबाद मामले में क्या कहा?

सज्जनार ने हैदराबाद मामले में मीडिया से कहा कि पुलिस महिला डॉक्टर की दुष्कर्म कर हत्या करने वाले आरोपियों को हैदराबाद के बाहरी इलाके में ले गई थी। वह वहां इसलिए गए थे ताकि घटनास्थल से पीड़िता की घड़ी, मोबाइल फोन और पावर बैंक बरामद किया जा सके। उस वक्त आरोपियों को हथकड़ी इसलिए नहीं पहनाई गई थी, क्योंकि पुलिस ने उन्हें इस सामान को खोजने के लिए कहा था। आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के बाद ये सामान यहां छिपा दिया था। पुलिस टीम ने कहा कि आरोपियों ने पुलिस टीम के हथियार छीन वहां से भागने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस को गोली चलानी पड़ी।

Timeline: 90 फीसदी जली उन्नाव गैंगरेप पीड़िता की मौत, जानिए कब क्या हुआ

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
hyderabad doctor murder vc sajjanar done three encounter and its ways and explanations are same.
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more
X