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हैदराबाद डॉक्टर मर्डर मामले में बड़ा फैसला, जल्द सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट को मिली मंजूरी

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नई दिल्ली। हैदराबाद में जिस तरह से महिला डॉक्टर के साथ गैंगरेप के बाद बर्बर हत्या का मामला सामने आया, उसने देशभर के लोगों को झकझोर के रख दिया है। इस जघन्य मामले को लेकर देशभर में प्रदर्शन किए जा रहे हैं। साथ ही वारदात के आरोपियों को सख्त से सख्त सजा की मांग की जा रही है। यही नहीं लोगों का ये भी कहना है कि मामले की जल्द से जल्द सुनवाई हो, जिससे पीड़िता के परिजनों को न्याय मिल सके। इस बीच महिला डॉक्टर के गैंगरेप और हत्या के मामले में बड़ा फैसला लिया गया है। अब इस मामले में जल्द सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट को मंजूरी मिल गई है।

महिला डॉक्टर के मामले में जल्द सुनवाई के लिए बड़ा कदम

महिला डॉक्टर के मामले में जल्द सुनवाई के लिए बड़ा कदम

हैदराबाद में महिला डॉक्टर से रेप और हत्या के मामले में अब महबूबनगर डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में स्पेशल कोर्ट बनाई जाएगी, जिससे जल्द से जल्द इस मामले पर फैसला आ सके। इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने कुछ मीडिया हाउसों की ओर से हैदराबाद रेप पीड़िता की पहचान उजागर करने के खिलाफ केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। इस मामले में दायर की गई याचिका में मीडिया हाउसों पर महिला डॉक्टर की पहचान उजागर करने पर कानून के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है।

महबूबनगर डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में बनेगी स्पेशल कोर्ट

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याचिका में कहा गया है कि मीडिया हाउसेज ने पीड़‍िता का नाम उजागर कर उनकी पहचान सार्वजनिक करने की कोशिश की है। उन्‍होंने एक ऐसी महिला के बारे में जानकारी को सार्वजनिक मंच पर लाने की कोशिश की जिसकी बलात्‍कार के बाद हत्‍या कर दी गई। यह याचिका दिल्‍ली के ही एक वकील यशदीप चहल की तरफ से दायर की गई थी। उनका कहना था कि याचिका के जरिए उनका मकसद रेप पीड़‍िताओं की पहचान को जाहिर न होने देना है जो कि आईपीसी के कानूनों का उल्‍लघंन करता है और साथ ही सुप्रीम कोर्ट की तरफ से भी इस बात को स्‍पष्‍ट किया जा चुका है। चहल ने कहा कि पीड़‍िता की पहचान को सामने लाकर मीडिया हाउस आईपीसी के 228ए का उल्‍लंघन है।

हैदराबाद मर्डर: पहचान उजागर करने के खिलाफ याचिका

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सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस में भी स्‍पष्‍ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी मीडिया हाउस या व्‍यक्ति को पीड़‍िता का नाम या फिर उससे जुड़ी कोई भी ऐसी जानकारी उजागर नहीं करें जिससे बड़े उनकी पहचान सामने आए। ऐसी जानकारी सार्वजनिक करने का अधिकार नहीं है। यहां तक उनके रिश्‍तेदारों के बारे में भी कोई सूचना सामने नहीं आनी चाहिए। इन गाइडलाइंस में पुलिस को भी निर्देश दिए गए हैं कि वो भी अपनी एफआईआर में पहचान सामने लाने का कोई नैतिक हक नहीं है। ओरिजिनल रिपोर्ट को एक सीलबंद लिफाफे में जांच एजेंसी या फिर कोर्ट भेजना चाहिए।

    Hyderabad doctor case: पीड़िता की पहचान बताने पर Center-Media को Delhi HC का Notice । वनइंडिया हिंदी
    पीड़िता की मां ने कहा- जल्द से जल्द कार्रवाई हो

    पीड़िता की मां ने कहा- जल्द से जल्द कार्रवाई हो

    बता दें कि हैदराबाद के साइबराबाद टोल प्लाजा के पास पिछले हफ्ते महिला डॉक्टर के साथ गैंगरेप किया गया, फिर उनकी हत्या के बाद शव को जला दिया गया। इस खौफनाक मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सभी चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इन चारों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद देशभर के लोग इन पर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए सख्त से सख्त सजा देने की मांग कर रहे हैं। वहीं मामले में पीड़िता की मां कह चुकी हैं कि जिस तरह से उनकी बेटी को जलाया गया है, उसी तरह से अपराधियों को भी जलाया जाए। इस मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई होनी चाहिए।

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    English summary
    Hyderabad Doctor Murder: Special Court to be setup at Mahabubnagar District Court hear case woman veterinarian.
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