Howrah Guwahati Vande Bharat Sleeper: पूर्वोत्तर को मिलेगी नई रफ्तार, जानें बुकिंग नियम और खास सुविधाएं
Howrah Guwahati Vande Bharat Sleeper: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से महज कुछ महीने पहले सौगातों की बौछार हो रही है। 17 जनवरी को पीएम मोदी बंगाल से हावड़ा तक पहली स्लीपर वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। पूर्वोत्तर भारत की कनेक्टिविटी को नई रफ्तार मिलने जा रही है। इस सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन के शुरू होने से खास तौर पर उत्तरी बंगाल और असम के बीच रेल संपर्क मजबूत होगा।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव पहले ही कह चुके हैं कि भारतीयों को लिए वंदे भारत स्लीपर ट्रेन एक महत्वाकांक्षी परियोजना है। रेलवे के मुताबिक, ट्रेन का ट्रायल, सुरक्षा जांच और तकनीकी प्रमाणीकरण पूरा हो चुका है। 17 जनवरी से यह ट्रेन गुवाहाटी-हावड़ा मार्ग पर नियमित सेवा में आ जाएगी।

Vande Bharat Sleeper Train: केवल कन्फर्म टिकट पर ही यात्रा
- वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें केवल कन्फर्म टिकट ही जारी किए जाएंगे। रेलवे बोर्ड के 9 जनवरी 2026 के परिपत्र के अनुसार, इस ट्रेन में न तो RAC और न ही वेटिंग लिस्ट की सुविधा होगी।
- पहले से रिजर्वेशन कराने वाले यात्रियों को बर्थ टिकट बुक करने की सुविधा मिलेगी। इस ट्रेन से पूर्वोत्तर को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
- इस ट्रेन में वेटिंग टिकट और आरएसी से सफर करने की सुविधा नहीं होगी। यह लग्जरी और प्रीमियम कैटेगरी की ट्रेन है।
Howrah Guwahati Vande Bharat Sleeper: किराया और दूसरी डिटेल
इस ट्रेन में 1AC, 2AC और 3AC श्रेणियों में यात्रा की सुविधा मिलेगी। किराया न्यूनतम 400 किलोमीटर की दूरी के आधार पर तय किया जाएगा और लागू होने पर GST अलग से जोड़ा जाएगा। किराए को मौजूदा रेलवे नियमों के अनुसार राउंड-ऑफ किया जाएगा। वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस में महिला यात्रियों, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजन (PwD) और ड्यूटी पास धारकों के लिए निर्धारित कोटा लागू रहेगा। इसके अलावा किसी अन्य विशेष आरक्षण कोटे की व्यवस्था नहीं होगी।
Vande Bharat Sleeper Train आधुनिक सुविधाओं से लैस
यह वंदे भारत स्लीपर ट्रेन 180 किमी प्रति घंटे की डिज़ाइन स्पीड के साथ आएगी। इसमें एर्गोनॉमिक बर्थ, ऑटोमैटिक दरवाजे, बेहतर सस्पेंशन, कम शोर तकनीक, CCTV कैमरे, उन्नत अग्नि सुरक्षा प्रणाली और दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष सुविधाएं दी गई हैं। आपात स्थिति में टॉक-बैक यूनिट के जरिए लोको पायलट से सीधा संपर्क भी संभव होगा।












Click it and Unblock the Notifications