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अमेरिका के अलावा यूएई और सऊदी अरब ने भी अभिनंदन के लिए पाकिस्‍तान पर डाला दबाव

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नई दिल्‍ली। गुरुवार को पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने इमरान खान ने अपने देश की संसद में इस बात का ऐलान किया कि उनके कब्‍जे में जो एक भारतीय पायलट है, उसे शुक्रवार को रिहा किया जाएगा। इमरान की मानें तो वह यह कदम 'शांति का प्रदर्शन' करने के मकसद से उठा रहे हैं। लेकिन कहीं न कहीं इमरान पर पड़े दबाव ने उन्‍हें यह करने के लिए मजबूर कर दिया। न्‍यूज चैनल एनडीटीवी की ओर से दी गई जानकारी पर अगर यकीन करें तो अमेरिका, यूएई और सऊदी अरब ने पाकिस्‍तान पर खासा दबाव बनाया था। अभी तक भारत सरकार पर इस पर कोई भी आधिकारिक बयान नहीं आया है लेकिन माना जा रहा है कि दबाव में इमरान को अभिनंदन को रिहा करने का फैसला लेना पड़ा।

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ट्रंप ने दिया था इशारा

गुरुवार को अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनान्‍ड ट्रंप ने वियतनाम की राजधानी वियतनाम से इस बात का ऐलान किया कि भारत और पाकिस्‍तान के बीच तनाव जल्‍द खत्‍म हो सकता है। उन्‍होंने बताया कि दोनों देशों की तरफ से कोई सकारात्‍मक खबर जल्‍द आ सकती है। इस बयान से कई लोगों को इस संकट के सुलझने का अंदाजा हो गया था। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपेयो ने भारत के राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) से गुरुवार को ही करीब 25 मिनट तक फोन पर बात की थी। इस पूरे प्रकरण में यूएई और सऊदी अरब ने भी एक अहम रोल अदा किया। दोनों ही देश भारत के अहम रणनीतिक साझेदार हैं। यूएई के क्राउन प्रिंस शेख मोहम्‍मद जायद ने शाम को ट्वीट किया, 'भारत और पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री को फोन किया गया है। दोनों से बातचीत में इस बात पर जोर दिया गया है कि हाल ही में जो घटनाक्रम हुए है उससे निबटने के लिए वार्ता और आपसी संपर्क को प्राथमिकता दी जाए।' आज विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज अबु धाबी में ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्‍लामिक (ओआईसी) को संबोधित करेंगी।

नहीं चला पाकिस्‍तान का दांव

यह भारत के लिए पहला मौका है जब भारत को इस कार्यक्रम के लिए गेस्‍ट ऑफ ऑनर के तौर पर बुलाया गया है। यह इसलिए भी अहम है क्‍योंकि ओआईसी हमेशा कश्‍मीर पर पाकिस्‍तान के रुख का समर्थन करता आया है। पाक विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी इस बात से खासे नाराज थे और उन्‍होंने ओआईसी से अनुरोध किया था कि वह भारत को आमंत्रित न करे। जो तीसरा देश था वह है सऊदी अरब जिसने हाल ही में सार्वजनिक तौर पर पुलवामा हमले के बाद तनाव को कम करने के लिए एक अहम बयान दिया था। सऊदी अरब के विदेश मंत्री अब्‍देल अल जुबैरी शुक्रवार को इस्‍लामाबाद जाएंगे। जुबैर पाकिस्‍तान को क्राउन प्रिंस मोहम्‍मद बिन सलमान यानी एमबीएस का एक खास संदेश देंगे। इसके साथ ही सऊदी के राजदूत ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। इसके अलावा दूसरे देश ब्रिटेन, फ्रांस और रूस ने भी भारत, पाकिस्‍तान से संयम बरतने की अपील की और इसमें चीन भी शामिल था।

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English summary
How US, UAE and Saudi Arabia put pressure on Pakistan for Abhinandan Varthaman.
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