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हैदराबाद डॉक्‍टर गैंगरेप: कैसे सिर्फ 48 घंटे के अंदर पुलिस ने दबोचा गैंगरेप के आरोपियों को

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हैदराबाद। हैदराबाद में 26 साल की वेटनेरी डॉक्‍टर के गैंगरेप और निर्ममता से उसकी हत्‍या की घटना ने देश में हर किसी को दहला दिया है। गुरुवार को डॉक्‍टर का जला हुआ शव पुलिस को मिला। जहां इस केस के बाद हर किसी में गुस्‍सा है तो सिर्फ एक चीज है जिसकी तारीफ की जा रही है। पुलिस ने अपराध के 48 घंटे के अंदर ही इसे अंजाम देने वालों को पकड़ लिया। आपको बता दें कि हैदराबाद के बाहरी इलाके में शुक्रवार को सुबह करीब दो बजकर 43 मिनट पर पुलिस को महिला डॉक्‍टर का जला हुआ शव बरामद हुआ था।

तीन जगहों की पुलिस ने किया एक साथ काम

तीन जगहों की पुलिस ने किया एक साथ काम

साइबराबाद पुलिस ने शुक्रवार को चार आरोपियों 26 साल के मोहम्‍मद आरिफ, 20 साल के जोलू शिवा, 20 साल के जोलू नवीन और 20 के साल के चिंताकुंटा चिन्‍नाकेशवाउलू को पकड़ लिया। ये सभी नारायणपेट जिले के रहने वाले हैं। साइबराबाद के कमिश्‍नर वी सज्‍जानर ने बताया कि साइबराबाद, शादनगर और शम्‍शाबाद पुलिस ने इस निर्मम रेप और मर्डर को सुलझाने के लिए एक साथ मिलकर काम किया। इसका ही नतीजा है कि बस 48 घंटे के अंदर सभी आरोपियों को पकड़ लिया गया।

ह्यूमन इंटेलीजेंस ने की पुलिस की मदद

ह्यूमन इंटेलीजेंस ने की पुलिस की मदद

इसके अलावा क्राइम सीन पर मौजूद संकेतों, सीसीटीवी कैमरा और उन रास्‍तों से भी पुलिस को काफी मदद मिली जिसे आरोपियों ने चुना था। गवाहों और ह्यूमन इंटेलीजेंस ने भी पुलिस की काफी मदद की। चारों आरोपी इस समय पुलिस की हिरासत में हैं और शादनगर पुलिस स्‍टेशन में उन्‍हें रखा गया है। पुलिस की मानें तो मोहम्‍मद आरिफ जो लॉरी का ड्राइवर है, वह इस केस का मुख्‍य अभियुक्‍त है। उसे मंगलवार को हैदराबाद में एक डिलीवरी करनी थी। जिसके घर पर सामान डिलीवर होना था वह मिला नहीं। आरिफ ने अपने क्‍लीनर जोलू शिवा के साथ बाकी दो अभियुक्‍तों को बुलाया और तोंडुपाली टोल गेट के करीब लॉरी को पार्क कर दिया। यह जगह हैदराबाद से बाहर है।

'मुझे बहुत डर लगा रहा'

'मुझे बहुत डर लगा रहा'

प्‍लान के तहत नवीन ने पीड़‍िता की स्‍कूटी का टायर पंचर किया और फिर उसके वापस लौटने का इंतजार किया। रात करीब 9 बजकर 15 मिनट पर जब पीड़‍िता अपनी स्‍कूटी लेने के लिए वापस आईं तो इसी समय आरिफ अपनी लॉरी से बाहर आया। उसने बताया कि उनकी स्‍कूटी का टायर पंचर है। इसके बाद उसने इसकी मरम्‍मकी पेशकश की। आरिफ ने इसके बाद क्‍लीनर शिवा को स्‍कूटी की मरम्‍मत कराने के लिए भेजा। इसी समय पीड़‍िता ने अपनी बहन को कॉल किया और कहा कि उसे काफी डर लग रहा है।

 पेट्रोल पंप पर लोगों को हुआ शक

पेट्रोल पंप पर लोगों को हुआ शक

15 मिनट की फोन कॉल के बाद करीब 9 बजकर 40 मिनट पर उनका फोन स्विच ऑफ हो गया। इसके बाद आरिफ, नवीन और चिन्‍नाकेशवाउलू उन्‍हें जबरदस्‍ती करीब के कंपाउंड में ले गए और यहां पर उनका बलात्‍कार किया। पीड़‍िता की मौत के बाद आरिफ ने उनका शव कंबल में लपेट कर लॉरी के केबिन में रख दिया। पुलिस के मुताबिक लॉरी करीब 10 बजकर आठ मिनट पर टोल गेट से निकली थी। 10:33 मिनट पर शादनगर की तरफ बढ़ी थी। रात करीब एक बजे आरोपी एसआर पेट्रोल पंप पर रुके थे। पेट्रोल पंप पर जो लोग थे उन्‍हें उन पर शक हो गया था। इसकी वजह से उन्‍हें पेट्रोल देने से इनकार कर दिया गया।

 रात ढाई बजे जलाया शव

रात ढाई बजे जलाया शव

पेट्रोल पंप पर जो लोग मौजूद थे उन्‍हें इस केस का अहम गवाह माना जा रहा है। इसके बाद उन्‍होंने कोथूर के करीब इंडियन ऑयल के पेट्रोल पंप से फ्यूल खरीदा। साथ ही एक बोतल में डीजल भी भरवाया। इसके बाद आरोपी यू-टर्न लेकर अंडरपास के करीब आए लॉरी को पार्क करने के बाद उन्‍होंने रात दो और ढाई बजे के आसपास अंडरपास के नीचे शव को जला दिया। इसके बाद ये सभी यहां से निकल गए और कोथूर के करीब स्‍कूटी को ठिकाने लगाया और फिर आरामघर जंक्‍शन गए। यहां से चारों अलग-अलग हो गए। आरीफ ने लॉरी का सामान डिलीवर किया। टोल गेट से मिली सीसीटीवी फुटेज, पेट्रोल पंप और जो रास्‍ता लिया गया वह इस केस में सबसे अहम सुराग माना गया।

English summary
How the four accused in brutal gangrape and murder of Hyderabad doctor were nabbed in 48 hours.
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