अब रेस्टोंरेंट और होटल के किचन में गंदगी पड़ेगी महंगी
लखनऊ। रेस्टोरेंट और होटल में खराब खाना परोसना अब होटल मालियों को काफी महंगा पड़ सकता है। लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर लखनऊ के डीएम राजशेखर ने इन रेस्टोरेंट और होटल के खिलाफ कार्यवाही करने का ऐलान किया है। प्रेमी जोड़ों को इज़हार ए इश्क के लिए कुछ घंटे किराए पर कमरा देगा 'स्टेअंकल'

राजशेखर ने हाइजीन को महत्ता देते हुए ऐसे रेस्टोरेंट और होटल के किचन में ताला जड़ने का आदेश दिया है जहां गंदगी रहती है या फिर खाने की गुणवत्ता अच्छी नहीं है। डीएम के इस आदेश के बाद रेस्टोरेंट और होटल के किचन में सफाई अभियान शहो गया है।
खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की टीम अब किचन की जांच के लिए जाएगी। इसके लिए पांच टीमों का गठन किया गया है जो इसकी जांच करेगी। क्लीन किचन अभियान के जरिए शहर के रेस्टोंरेंट और होटलों में सफाई अभियान शुरु किया जाएगा।
डीएम राजशेखर ने एफएसडीए के अधिकारियों के साथ बैठक में रेस्टोरेंट के अंदर सफाई की बात कही। उन्होंने 31 मई तक सभी दुकानों प्रतिष्ठानों के लिए अनिवार्य फूड पंजीयन अथवा फूड लाइसेंस के काम को पूरा कराने को भी कहा है। ऐसे में एक जून के बाद जिन जगहों पर फूड लाइसेंस नहीं है उन्हें बंद करा दिया जाएगा।
जो आंकड़े सामने आये हैं उसके अनुसार 75 फीसदी होटल और रेस्टोरेंट में सफाई या खाने की गुणवत्ता की समस्या है। इसके अंदर किचन में काम करने वाले कारीगरों के गंदे कपड़े, किचन में जरूरी मानकों का पालन नहीं होना आदि हैं। जिन रेस्टोरेंट में 20 से अधिक कर्मचारी हैं वहां किचन सुपरवाईजर का होना अनिवार्य है।
किचन सुपरवाइजर के पास होमसाइंस, माइक्रो बायोलॉजी या होटल मैनेजमेंट से तीन साल का डिग्री या फिर डेढ़ साल का एफएंडबी सर्टिफिकेट कोर्स होना अनिवार्य है। लखनऊ में दस फीसदी से भी कम ऐसे रेस्टोरेंट या होटल हैं जहां इसका पालन होता है।












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