CARE India: गृह मंत्रालय का एक्शन, NGO केयर इंडिया का FCRA लाइसेंस किया निलंबित
CARE India Licence: भारत सरकार ने सख्त एक्शन लेते हुए एनजीओ केयर इंडिया के विदेशी फंडिंग लाइसेंस को निलंबित कर दिया है। गृह मंत्रालय ने विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम, 2010 के कथित उल्लंघन को लेकर यह कड़ा कदम उठाया है।
एनजीओ केयर इंटरनेशनल कंडरेशन का हिस्सा है, जो पिछले 70 वर्षों से गरीबी उन्मूलन और सामाजिक बहिष्कार जैसे उद्देश्यों के साथ भारत में काम कर रहा है।

टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक एनजीओ को अपने एफसीआरए रजिस्ट्रेशन को निलंबित करने के लिए नोटिस दिया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक केयर इंडिया, जो बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन, वर्ल्ड बैंक, मलाला फंड और यूएसएआईडी जैसे भागीदारों के साथ काम करती है, उसने निलंबन नोटिस की प्राप्ति की पुष्टि की।
CARE India Solutions for Sustainable Development (CISSD) को गृह मंत्रालय से एक नोटिस प्राप्त हुआ है, जिसके अनुसार CISSD का FCRA रजिस्ट्रेशन अस्थायी रूप से 180 दिनों की अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया है।
इस नोटिस पर केयर इंडिया ने कहा कि हम सरकार के लिए स्पष्टीकरण पर काम कर रहे हैं और आश्वस्त हैं अस्थायी निलंबन रद्द कर दिया जाएगा।
एनजीओ ने कहा कि वह "अटल प्रतिबद्धता के साथ देश की सेवा कर रहा है और हमेशा स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका और आपदा प्रतिक्रिया प्रबंधन के क्षेत्रों में समग्र और स्थायी परिवर्तन लाने के लिए नियमों का पालन करता है।"
2021-22 के लिए केयर इंडिया के लिए ऑडिटर के सर्टिफिकेट के अनुसार 2021-22 के दौरान विदेशी योगदान के रूप में 377.5 करोड़ रुपए प्राप्त करने वाले एनजीओ को आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 133ए के तहत 7 सितंबर 2022 को 'सर्वे' के अधीन किया गया था।
केयर इंडिया ने 2021-22 में 21 भारतीय राज्यों में 90 परियोजनाओं के माध्यम से 84.2 मिलियन से अधिक लोगों के जीवन को प्रभावित करने का दावा किया है।












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