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अर्धसैनिक बलों में अफसर बन सकते हैं ट्रांसजेंडर, गृह मंत्रालय ने मांगी राय

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नई दिल्ली: ट्रांसजेंडर को लेकर भारत सरकार जल्द ही एक बड़ा फैसला ले सकती है। जिसके तहत अर्धसैनिक बलों में उनकी नियुक्ति पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए अर्धसैनिक बलों से राय मांगी गई है। साथ ही इस संबंध में उन्हें रिमाइंडर भेज दिया गया है। निर्देश मिलने के बाद अर्धसैनिक बल भी चिकित्सा, व्यवहार समेत कई पहलुओं की जांच कर रहे हैं। सीएपीएफ की ये भर्तियां लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा के जरिए की जाएंगी।

paramilitary forces

गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक मंत्रालय सीएपीएफ यानी सहायक कमांडेंट परीक्षा 2020 में महिला, पुरुष के अलावा ट्रांसजेंड को भी शामिल करने का विचार कर रहा है। इसके लिए सभी बलों से राय मांगी गई है। उनकी राय के आधार पर इस मामले में कोई फैसला लिया जाएगा। वहीं गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद अर्धसैनिक बल जैसे- आईटीबीपी, सीआरपीएफ, एसएसबी ने भी इस पर योजना पर काम शुरू कर दिया है। वो चिकित्सा, शारीरिक, व्यवहार संबंधी मुद्दों की जांच कर रहे हैं। जल्द ही इसकी विस्तृत रिपोर्ट मंत्रालय को भेज दी जाएगी।

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देश में 4.90 लाख से ज्यादा ट्रांसजेंडर

आपको बता दें कि 10 जनवरी 2020 से देश में 'ट्रांसजेंडर पर्सन एक्ट' लागू हुआ है। लोकसभा में एक सवाल के जवाब में सामाजिक न्याय मंत्री रतन लाल कटारिया ने कहा था कि सरकार ट्रांसजेंडर के मुद्दे पर गंभीर है। इस एक्ट के तहत उनके लिए कई बड़ी योजनाएं शुरू की जाएंगी। साथ ही सरकारी विभागों में भी उनकी भर्ती की जाएगी। एक रिपोर्ट के मुताबिक देश में ट्रांसजेंडर की संख्या 4.90 लाख से ज्यादा है। इसमें से 92 प्रतिशत ट्रांसजेंडर आर्थिक गतिविधियों में भाग लेने से वंचित रह जाते हैं।

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English summary
Home Ministry is considering the inclusion of transgender in paramilitary forces
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