देशमुख को 'एक्सीडेंटल गृह मंत्री' बताए जाने पर नवाब मलिक ने कही ये बात, निरुपम बोले- सीएम क्यूं है मौन
नई दिल्ली। शिवसेना के मुखपत्र सामना में संजय राउत ने एक बड़ा दावा किया है। शिवसेना सांसद का कहना है कि एनसीपी कोटे से गृह मंत्री बने अनिल देशमुख को यह पद दुर्घटनावश मिला है। इसे लेकर एनसीपी नेता और महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक ने कहा है कि अनिल देशमुख एक्सीडेंटल गृहमंत्री नहीं हैं। यदि संपादकीय (सामाना) में कमियों को आगे लाया गया है तो इसे सकारात्मक तरीके से लिया जाना चाहिए। मुझे लगता है कि गृह मंत्री उन कमियों को दूर करने की दिशा में काम करेंगे।
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क्या लिखा गया है सामना के संपादकीय में
शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में अनिल देशमुख पर हमला बोलते हुए संपादकीय में लिखा है कि अनिल देशमुख ने वरिष्ठ अधिकारियों से वेवजह पंगा लिखा। सामना में लिखा गया है कि एक राज्य के गृहमंत्री को आवश्यकता पड़ने पर ही बोलना चाहिए। अनावश्यक रूप से कैमरे के सामने जाना उचित नहीं है। राज्य के गृह मंत्री का पद संभालने वाला कोई भी व्यक्ति संदेह के घेरे में रहकर काम जारी नहीं रख सकता। सामना में आगे लिखा गया है कि पुलिस विभाग तो पहले से ही बदनाम है और उपर से इस तरह की बातें मामले को और भी संदिग्ध बनाती हैं।
हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज करेंगे देशमुख पर लगे आरोपों की जांच
महाराष्ट्र में राजनीतिक भूचाल को देखते हुए सीएम उद्धव ठाकरे ने देशमुख पर लगाए गए आरोपों की हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज से कराने का फैसला किया है। खुद अनिल देशमुख ने इस बात की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुंबई के पूर्व कमिश्नर ने जो आरोप लगाए है उसे लेकर देशमुख ने खुद जांच की बात कही थी। ठाकरे ने कहा कि अब जांच हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज करेंगे और जो भी सच होगा वो सामने आएगा। वहीं इस पूरे मामले को लेकर संजय निरुपम ने कहा कि शिवसेना ने महाराष्ट्र के गृह मंत्री के चाल-चलन पर शक जाहिर किया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस के मुखिया कह चुके है कि गृह मंत्री के भविष्य का फ़ैसला मुख्यमंत्री करें। मुख्यमंत्री शिवसेना के हैं और मौन साधे हैं। फिर एक्शन लेने से मुख्यमंत्री को किसने रोक रखा है?












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