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Holi 2026 Office Court Holidays: होली पर प्राइवेट ऑफिस और कोर्ट में छुट्टी होगी या नहीं? क्या है नियम

Holi 2026 Office And Court Holiday: देशभर में होली की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं, लेकिन इस बार तारीखों को लेकर थोड़ा असमंजस है। पंचांग के अनुसार, इस साल फाल्गुन पूर्णिमा की तिथि और प्रदोष काल के संयोग से 4 मार्च 2026 (बुधवार) को मुख्य होली यानी धुलेंडी खेली जाएगी। सरकारी कर्मचारियों से लेकर प्राइवेट सेक्टर में काम करने वालों के लिए यह दिन खुशियों की सौगात लेकर आने वाला है। आइए जानते हैं होली की छुट्टियों को लेकर अलग-अलग संस्थानों के क्या नियम हैं।

होली पर अवकाश के नियम अलग-अलग कार्यस्थलों के लिए अलग-अलग होते हैं। कोर्ट (Courts) में होली की छुट्टी अनिवार्य होती है। 4 मार्च को सभी कोर्ट बंद रहेंगे। हालांकि, 3 और 4 मार्च के आसपास का कैलेंडर स्थानीय जिला जज के विवेक और हाई कोर्ट के आदेश पर निर्भर करता है।

Holi 2026 Office amp amp Court Holiday

  • प्राइवेट ऑफिस (Private Offices): निजी कंपनियों में छुट्टी पूरी तरह से कंपनी की 'फेस्टिवल हॉलिडे पॉलिसी' पर निर्भर करती है। चूंकि होली एक नेशनल त्योहार है, इसलिए 90% कंपनियां 4 मार्च को अवकाश रखती हैं। कुछ जगहों पर 'हाफ डे' का भी चलन है, इसलिए अपनी कंपनी की 'हॉलिडे लिस्ट' जरूर चेक करें।
  • बैंक और सरकारी दफ्तर: 4 मार्च को राजपत्रित अवकाश (Gazetted Holiday) होने के कारण सभी सरकारी दफ्तर और बैंक पूरी तरह बंद रहेंगे।
  • शराब की दुकानें (Dry Day): सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए होली के दिन महाराष्ट्र और दिल्ली समेत कई राज्यों में 'ड्राई डे' रहता है, यानी शराब की दुकानें बंद रहेंगी।

होलिका दहन 2026: शुभ मुहूर्त और समय

होली की असली शुरुआत 3 मार्च (मंगलवार) को होलिका दहन के साथ होगी। हिंदू शास्त्रों के अनुसार, भद्रा रहित प्रदोष काल में होलिका दहन शुभ माना जाता है।

  • होलिका दहन मुहूर्त: शाम 6:22 बजे से रात 8:50 बजे तक।
  • पूर्णिमा तिथि: 2 मार्च को शाम 5:55 बजे से शुरू होकर 3 मार्च को शाम 5:07 बजे समाप्त होगी।

क्यों मनाई जाती है होली? क्या है धार्मिक महत्व

होली का त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब भक्त प्रहलाद को मारने के लिए उसकी बुआ होलिका उसे लेकर आग में बैठी, तो भगवान विष्णु की कृपा से प्रहलाद बच गए और होलिका जलकर राख हो गई। इसी खुशी में अगले दिन रंगों से उत्सव मनाया जाता है जिसे 'धुलेंडी' कहते हैं।

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