घाटी में छिड़ा लश्कर-ए-इस्लाम और हिजबुल मुजाहिद्दीन के बीच गैंगवार
श्रीनगर। अभी पिछले हफ्ते ही कश्मीर के बारामूला से पुलिस को तीन युवकों के शव मिले थे जो बुरी तरह से गोलियों से छलनी थे। अब एक बार फिर से पुलिस को एक युवक का शव मिला है जिसे बुरी तरह से गोलियां मारी गई हैं। कश्मीर के तंगमार्ग में पुलिस को आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन के कमांडर का शव मिला है।
दुश्मनी में मारे जा रहे हैं आतंकी
एक पुलिस अधिकारी की ओर से ने बताया गया है कि तांगमार्ग कस्बे के देवबग गांव से शनिवार को वेलू (पाप्तन) के स्थानीय निवासी फायज अहमद भट्ट का गोलियों से छलनी शव बरामद किया गया।
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वह हिजबुल मुजाहिद्दीन का कमांडर था और छह से अधिक साल से सक्रिय था। पुलिस ने अंतिम संस्कार के लिए शव को उसके परिजनों के सुपुर्द करने से पहले आवश्यक औपचारिकताओं के लिए इसे अपने कब्जे में ले लिया है।
गौरतलब है कि पिछले सप्ताह कश्मीर के बारामूला जिले में एक सेब के बगीचे से तीन युवकों के गोलियों से छलनी शव बरामद किए गए थे। पुलिस का कहना है कि हिजबुल मुजाहिद्दीन और लश्कर-ए-इस्लाम के बीच परस्पर दुश्मनी के कारण
तीनों युवकों की जान गई।
हालांकि हिजबुल के सुप्रीम कमांडर सैयद सलाहुद्दीन ने लश्कर-ए-इस्लाम नाम से किसी भी आतंकवादी समूह के होने की बात से इंकार किया।
क्या है लश्कर-ए-इस्लाम
- लश्कर-ए-इस्लाम (एलईएल) को हिजबुल के ही आतंकी नजर ने बनाया है।
- नजर ने करीब एक दशक पहले हिजबुल को ज्वॉइन किया था।
- कुछ समय बाद ही उसने अपना संगठन शुरू करने का फैसला किया।
- नजर ने तय किया कश्मीर में अपना संगठन लश्कर-ए-इस्लाम के नाम से शुरू करेगा।
- एलईएल को वर्ष 2004 में पाकिस्तान के खैबर में शुरू किया गया था।
- उस समय इसकी शुरुआत हाजी नामदार और मुफ्ती शाकिर ने की थी।
- खैबर पर अपना दबाव बनाने और यहां पर इस्लाम का प्रचार करने के मकसद से इसे शुरू किया गया।
- खैबर में बारेलवी ग्रुप के साथ इस संगठन के काफी झगड़े हुए।
- उस समय पाक की सरकार को इन दोनों समूहों के बीच बचाव के लिए आगे आना पड़ा।
- 2007 में इस संगठन ने खैबर में शरिया कानून को लागू करने के लिए अभियान की शुरुआत की।
- पाक में अब यह संगठन सक्रिय नहीं हैं और इसके सदस्य तहरीक-ए-तालिबान का हिस्सा हैं।
- एलईएल कश्मीर में अपने वर्चस्व की लड़ाई लड़ रहा है।
- एलईएल ने घाटी में आईएसआईएस की तर्ज पर ही प्रपोगंडा वॉर शुरू कर दिया है।
- कश्मीर में लोगों के बीच एलईएल ने आईएसआईएस की तरह खलीफा का वादा किया है।













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