Himachal Election 2022 : 48 घंटे बाद 68 उम्मीदवारों के भाग्य का अब वोटर करेंगे फैसला
Himachal Election 2022, हिमाचल में गुरुवार की शाम चुनाव प्रचार थाम गया। अब प्रत्याशी शुक्रवार को डोर टू डोर जनसम्पर्क करेंगे। शनिवार को राज्य की 68 सीटों पर मतदान होगा। चुनाव प्रचार के अंतिम दिन गुरुवार को भाजपा और कांग्रेस ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने तीन सभाएं कीं। केन्द्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने दो सभाएं कीं। इसके पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने बाजपा के प्रत्याशियों का प्रचार किया था। कांग्रेस की तरफ से राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे गुरुवार को कांग्रेस ने सभी 68 सीटों पर 'विजय आशीर्वाद रैली’ निकाली। प्रियंका गांधी ने शिमला में रोड शो किया। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हिमाचल में कांग्रेस के लिए जी-जान से मेहनत की। कांग्रेस और भाजपा दोनों जीत का दावा कर रही हैं। इस चुनाव में आम आदमी पार्टी भी अपनी जगह बनाने की कोशिश में है। अब जनता के फैसले का इंतजार है।

आप के 68 उम्मीदवार, चार-पांच मजबूत स्थिति में
आम आदमी पार्टी राज्य की सभी 68 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। वह दिल्ली और पंजाब के विकास मॉडल के साथ हिमाचल प्रदेश के चुनाव में उतरी है। चूंकि आप का हिमाचल में कोई मजबूत संगठन नहीं था इसलिए दूसरे दलों के कई नेता इसमें शामिल हुए थे। भाजपा नेता राजन सुशांत धूमल सरकार में मंत्री रहे थे। वे भाजपा से चार विधायक बने थे। 2009 में सांसद भी चुने गये थे। लेकिन 2022 में वे आप के टिकट पर वे फतेहपुर से विधानसभा का चुनाव लड़ रहे हैं। उमाकांत डोगरा भी पहेल भाजपा में थे। लेकिन अब वे नगरोटा बंगवा से आप के उम्मीदवार हैं। इसी तरह मनीष ठाकुर पहले युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष थे। अब वे आप के टिकट पर पांवटा साहिब से चुनाव लड़ रहे हैं। आप ने माकपा के पूर्व नेता सुदर्शन जस्पा को लाहौल स्पीति से उम्मीदावार बनाया है। मौजूदा चुनावी हालात के मुताबिक आप चार से छह सीटों पर मजबूत दिख रही है। आप के चुनाव लड़ने से कांग्रेस को नुकसान होता दिख रहा है।

मोदी की सभा से भाजपा आशान्वित
सत्तारुढ़ भाजपा को इस बार मजबूत चुनौती झेलनी पड़ रही है। लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की चुनावी रैलियों ने उसकी उम्मीदों को उड़ान दे दी है। बुधवार को नरेन्द्र मोदी ने हमीरपुर और सुजानपुर में भवनात्मक भाषण दिया। उन्होंने कहा, ये मेरी इस राज्य में अंतिम चुनावी सभा है। क्या आप लोग इस बार रिवाज ( 5-5 साल पर सत्ता परिवर्तन) बदलने के लिए तैयार है ? इस सवाल के जवाब में जनता ने नारा लगाया, हां जी ! हां जी ! जनता की इस सोच से भाजपा को एक हद तक राहत मिली है। महंगाई, रोजगार, अग्निवीर योजना, पुरानी पेंशन योजना जैसे कई मुद्दे हैं। लेकिन इसके बावजूद भाजपा को उम्मीद है कि मोदी का नाम उसके लिए जीत का रास्ता तैयार कर देगा। 2017 में भाजपा को 18 सीटों का फायदा हुआ था। वह 26 से 44 पर आ गयी थी जिसकी वजह से सत्ता नसीब हुई थी। नरेन्द्र मोदी की वजह से 2022 में भी वह ऐसी ही आस लगाये हुए है।

कांग्रेस के लिए कैसा है माहौल ?
हिमाचल प्रदेश एक छोटा राज्य है। इस राज्य में केवल 12 जिले हैं। कांगड़ा और मंडी जिले सबसे बड़े हैं जहां पिछले चुनाव में भाजपा को बड़ी जीत मिली थी। कांगड़ा जिले की 15 विधानसभा सीटों में से भाजपा ने 11 पर कब्जा जमाया था। जब कि कांग्रेस को केवल तीन सीटें मिलीं थीं। मंडी जिले की 10 विधानसभा सीटों में भाजपा को 9 और एक सीट अन्य को मिली थी। कांग्रेस का इस जिले में खाता भी नहीं खुला था। कांग्रेस को 12 जिलों में केवल 4 में बढ़त मिल पायी थी। लेकिन इस बार कांग्रेस की कुछ चुनावी घोषणाओं की जनता में काफी चर्चा है। प्रदेश की हर महिला को 1500 रुपये महीना देने का वायदा गेम चेंजर साबित हो सकता है। महिलाओं पर कांग्रेस की इस घोषणा का असर दिख रहा है। हिमाचल में महिला साक्षरता दर 73.5 फीसदी है। इस राज्य की पढ़ी-लिखी महिलाएं राजनीतिक रूप से काफी जागरूक हैं। कोई भी राजनीतिक दल उन्हें झांसा नहीं दे सकता। सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी वोटर भी कांगरेस की बात कर रहे हैं। उन्हें लगता है कि कांग्रेस के जीतने से पुरानी पेंशन योजना बहाल हो सकती है। अब किसकी जीत होगी और किसकी हार, 48 घंटे बाद इस फैसले पर मुहर लग जाएगी।












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