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यहां हर दिन होते हैं औसतन 1400 बलात्कार, रेप कंट्री में शुमार हो चुका है नाम?

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बेंगलुरू। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में एक वेटनरी डॉक्टर से रेप के बाद हत्या की घटना को करीब एक हफ्ते होने को हैं, लेकिन देश में रेप और उससे जुड़ी घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। हैदराबाद में रेप और मर्डर केस में गिरफ्तार 4 आरोपियों ने जिस वहशीपन तरीके से घटना को अंजाम दिया, उससे पूरे देश की रूहें कांप गईं।

    Hyderabad case: Top 10 most dangerous countries for Women including India and US। वनइंडिया हिंदी

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    आज हर कोई रेप आरोपियों को तुरंत फांसी पर लटकाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन दिल्ली की निर्भया रेप और मर्डर के चारों आरोपी जब अभी जेल में फांसी का इंतजार कर रहे हों, तो हैदराबाद और उसके बाद रिपोर्ट हुईं दर्जनों रेप और मर्डर की घटनाओं के आरोपियों को फांसी पर लटकाने की डिमांड बेमानी हो जाती है।

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    हैदराबाद की वेटरनी डाक्टर के साथ हुई दर्दनाक घटना के बाद झारखंड की राजधानी रांची की एक छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार की खबर बताती है कि यौन से जुड़े अपराधियों में कानून और सजा कोई खौफ नहीं है। अलबत्ता अपराधियों को कानूनी और अदालतीय लूप होल्स के बारे में अच्छी तरह से पता है।

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    यही कारण है कि यौन अपराधों से जुड़े अपराधी कानूनी पहलुओं को देखते हुए अपराध के बाद अब सुबूत में नष्ट करने लगे हैं। हैदराबाद जैसी अनेक घटनाएं इसका उदाहरण हैं जब अपराधी रेप और गैंगरेप की घटना के बाद पीड़ित की पहचान मिटाने, जलाने और उसकी हत्या करने से नहीं कतरा रहे हैं। हैदराबाद वेटनरी डाक्टर के साथ भी यही हुआ।

    निः संदेह एक सभ्य समाज के लिए बलात्कार जैसी घटनाएं एक कलंक की तरह है और भारत जैसे देश में यह एक घृणित पाप के रूप में देखा जाता है, जहां स्त्रियों को देवी का दर्जा हासिल हैं। हालांकि यौन हिंसा, जिसमें बलात्कार और छेड़छाड़ शामिल है, किसी एक देश की समस्या नहीं है।

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    गौरतलब है यौन हिंसा से जुड़ी घटनाओं में शामिल बलात्कार और छेड़छाड़ की वारदात से वर्तमान में पूरी दुनिया त्रस्त है। खुद को सभ्य दायरों से ऊपर का देश मान चुके देशों में भी महिलाओं के साथ बलात्कार की घटनाएं आम हो चली हैं। इनमें अमेरिका, कनाडा, स्वीडन और ब्रिटेन जैसे सबसे विकसित देश भी शामिल हैं।

    आंकड़े पर गौर करने पर पाएंगे कि दुनिया भर में करीब 36 फीसदी महिलाएं शारीरिक या यौन हिंसा की शिकार होती हैं। अमेरिका में 12 से 16 साल की 83 फीसदी लड़कियों यौन हिंसा, यौन उत्पीड़न और यौन शोषण से जुड़ी घटनाओं की शिकार होती है।

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    कुछ ऐसा ही आंकड़ा ग्रेट ब्रिटेन का है, जहां हर 5 में एक महिला किसी न किसी रूप में यौन हिंसा का शिकार होती हैं। विकसित देशों में शुमार अमेरिका और ग्रेट ब्रिटेन में रेप क्राइम के मामले चौंकाते है, जो खुद को दुनिया का सबसे सभ्य देश का तमगा देती आई हैं। स्वीडन दूसरा ऐसा देश है, जहां सबसे ज्‍यादा रेप के मामले सामने आए हैं।

    वहीं, अफ्रीकी देश दक्षिण अफ्रीका की बात करें तो रेप कंट्री में शुमार हो चुके दक्षिण अफ्रीका में हर दिन औसतन 1400 रेप की घटनाए होती है, जो यौन हिंसा के मामले में दुनिया में सबसे ऊपर पहुंच चुका है। यहां महिलाएं ही नहीं, पुरूष भी यौन हिंसा का शिकार होते हैं, जिसका आंकड़ा दर्ज हुए कुल रेप के मामलों में करीब 20 फीसदी हैं। रेप के शिकार 4 फीसदी से ज्‍यादा पुरुषों को दूसरे पुरुषों के साथ यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर किया गया।

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    अफ्रीकी देश दक्षिण अफ्रीका में प्रति वर्ष 5,00,000 बलात्कार की घटनाएं होती हैं। मसलन, दक्षिण अफ्रीका की 40 फीसदी से ज्‍यादा महिलाएं अपने जीवनकाल में कम से कम एक बार रेप की शिकार हो चुकी होती हैं, लेकिन प्रत्येक 9 रेप की घटनाओ में से सिर्फ 1 घटना की की रिपोर्ट दर्ज कराई कराती है।

    दक्षिण अफ्रीकी पुलिस के अनुसार, 41 फीसदी बच्चे रेप के शिकार होते हैं। रेप पीड़ितों में करीब 15 फीदी बच्चे 11 साल से कम उम्र के होते हैं। दक्षिण अफ्रीका के टीयर्स फाउंडेशन और मेडिकल रिसर्च काउंसिल के मुताबिक, 18 वर्ष की आयु से कम आयु के 50 फीसदी बच्चों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है।

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    नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के अनुसार भारत में हर 6 घंटे में एक लड़की का रेप की शिकार होती है। महिलाओं के साथ रेप के मामले में 4,882 की संख्या के साथ वर्ष 2017 में मध्य प्रदेश सबसे आगे था। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2017 में देश में कुल 28,947 महिलाओं के साथ बलात्कार की घटनाएं दर्ज की गईं। इसमें पहले नंबर पर मध्य प्रदेश, दूसरे नंबर उत्तर प्रदेश और तीसरे नंबर महाराष्ट्र थे, जहां सबसे ज्यादा रेप के मामले दर्ज किए गए।

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    हर 6 घंटे में एक महिला भारत में होती है रेप की शिकार!

    हर 6 घंटे में एक महिला भारत में होती है रेप की शिकार!

    नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के अनुसार वर्ष 2010 के बाद से महिलाओं के खिलाफ अपराधों में 7.5 फीसदी वृद्धि हुई है। साल 2012 के दौरान देश में 24,923 मामले दर्ज हुए और वर्ष 2013 में यह आंकड़े बढ़कर 33,707 पार कर गए। रेप पीड़ितों में ज्‍यादातर की उम्र 18 से 30 साल के बीच थी। यानी हर तीसरे पीड़ित की उम्र 18 साल से कम पाई गई। वहीं, 10 में एक पीड़ित की उम्र 14 साल से भी कम दर्ज की गई। एससीआरबी आकंड़ों के मुताबिक भारत में हर 6 घंटे में एक लड़की का रेप की शिकार होती है। महिलाओं के साथ रेप के मामले में 4,882 की संख्या के साथ वर्ष 2017 में मध्य प्रदेश सबसे आगे था। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2017 में देश में कुल 28,947 महिलाओं के साथ बलात्कार की घटनाएं दर्ज की गईं। इसमें पहले नंबर पर मध्य प्रदेश, दूसरे नंबर उत्तर प्रदेश और तीसरे नंबर महाराष्ट्र थे, जहां सबसे ज्यादा रेप के मामले दर्ज किए गए।

    दक्षिण अफ्रीका में हर साल होती हैं 5 लाख रेप की घटनाएं

    दक्षिण अफ्रीका में हर साल होती हैं 5 लाख रेप की घटनाएं

    दक्षिण अफ्रीका में हर वर्ष करीब 5 लाख रेप की घटनाएं होती हैं। दुनिया में रेप की घटनाओं में सबसे ऊपर दक्षिण अफ्रीका की 40 फीसदी से ज्‍यादा महिलाएं अपने जीवनकाल में कम से कम एक बार रेप की शिकार हो चुकी होती हैं। दक्षिण अफ्रीकी पुलिस के अनुसार दक्षिण अफ्रीका में कुल रेप पीड़ितों में 41 फीसदी पीड़ित बच्चे शिकार होते हैं। दक्षिण अफ्रीका के टीयर्स फाउंडेशन और मेडिकल रिसर्च काउंसिल के मुताबिक, 18 वर्ष की आयु से कम आयु के 50 फीसदी बच्चों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। रिपार्ट के मुताबिक दक्षिण अफ्रीका में करीब 20 फीसदी पुरुष रेप के शिकार बने हैं जबकि 80 फीसदी रेप पीड़ित महिलाएं हैं।

    स्‍वीडन में रेप के मामलों में दर्ज हुई 1472 फीसदी वृद्धि

    स्‍वीडन में रेप के मामलों में दर्ज हुई 1472 फीसदी वृद्धि

    दक्षिण अफ्रीका के बाद स्वीडन में दूसरे नंबर पर है, जहां सबसे ज्‍यादा रेप के मामले सामने आए हैं। स्‍वीडन में हर चार में से एक महिला रेप की शिकार होती है। स्‍वीडन पुलिस के मुताबिक वर्ष 1975 में स्वीडन में कुल 421 रेप के मामले दर्ज किए। वहीं, वर्ष 2014 में ऐसी घटनाओं की संख्‍या बढ़कर 6,620 हो गई यानी स्‍वीडन में रेप की घटनाओं में 1472 फीसदी की वृद्धि हुई। यही कारण है कि स्वीडन को महिलाओं के लिए खतरनाक देश माना जाता है। पूरे यूरोप में स्वीडन में रेप की दर सबसे अधिक है।

    हर डेढ़ मिनट में अमेरिका में होती है यौन हिंसा की वारदात

    हर डेढ़ मिनट में अमेरिका में होती है यौन हिंसा की वारदात

    अमेरिका में हर तीन में एक अमेरिकी महिला का यौन हिंसा की शिकार होती है। जॉर्ज मेसन यूनिवर्सिटी के वर्ल्डवाइड सेक्शुअल असॉल्ट स्टैटिस्टिक्स के मुताबिक करीब 19.3 फीसदी महिलाओं और 2 फीसदी पुरुषों को अपने जीवनकाल एक बार यौन हिंसा का शिकार हो चुके होते हैं। करीब 43.9 फीसदी महिलाओं और 23.4 फीसदी पुरुषों ने अपने जीवनकाल में यौन हिंसा को किसी न किसी रूप में अनुभव किया था। एक रिपोर्ट के मुताबिक करीब 79 फीसदी अमेरिकी नागरिकों का रेप 25 साल की उम्र से पहले ही हो गया था। वहीं, 40 फीसदी लोग 18 साल की उम्र से पहले ही यौन शोषण के शिकार बन गए थे। अमेरिका में हर डेढ़ मिनट में यौन हिंसा की वारदात घटित होती है। हैरत वाली बात यह है कि 68 फीसदी यौन हमलों की रिपोर्ट पुलिस को नहीं दी जाती है। सजा की दर के मामले में अमेरिका की स्थिति भी खराब है, जहां 98 फीसदी मामलों में रेप आरोपी एक भी दिन जेल में नहीं बिताते हैं, फांसी तो दूर की कौड़ी है।

    न्यूजीलैंड में पुलिस तक नहीं पहुंचते 91 फीसदी रेप केस

    न्यूजीलैंड में पुलिस तक नहीं पहुंचते 91 फीसदी रेप केस

    एक रिपोर्ट मुताबिक न्यूजीलैंड में यौन हिंसा का औसत सबसे अधिक है, लेकन 91 फीसदी यौन हिंसा से पीड़ित लोग अपनी शिकायत पुलिस में दर्ज नहीं करते हैं। न्यूजीलैंड सरकार की एक रिपोर्ट के अनुसार न्यूजीलैंड में हर दो घंटे में यौन हिंसा से जुड़े हमले होते हैं और हर तीसरी लड़की और छठा लड़का 16 वर्ष की उम्र से पहले ही यौन शोषण का शिकार हो चुका होता है। न्‍यूजीलैंड में पिछले एक साल में यौन हमले की वारदातों में 15 फीसदी वृद्धि दर्ज की गई। न्यूजीलैंड में केवल 9 फीसदी यौन अपराध के मामले पुलिस तक पहुंच पाते हैं और केवल 13 फीसदी ही अपराधी को ही सजा मिल पाती है। दिलचस्प बात है कि भारतीय पुलिस की तरह न्यूजीलैंड की पुलिस भी रेप पीड़ित को शिकायत दर्ज नहीं कराने के लिए डराती-धमकाती है।

    जिम्बाब्वे में हर दिन 16 महिलाएं होती हैं रेप की शिकार

    जिम्बाब्वे में हर दिन 16 महिलाएं होती हैं रेप की शिकार

    दक्षिण अफ्रीका के बाद जिम्बाव्वे दूसरी अफ्रीकी देश है, जहां रेप के सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं, जहां हर 90 मिनट में कम से कम एक महिला का रेप होता है। आंकड़ों के अनुसार, जिम्बाव्वे में एक महीने में करीब 500 महिलाओं का यौन शोषण और हर दिन 16 महिलाओं के साथ रेप की वारदात हुए। जिम्बाव्वे में वर्ष 2015 के पहले तीन महीनों में कुल 1,524 रेप के मामले दर्ज किए गए, जबकि 2014 के पहले तीन महीने में 1,285 यौन हिंसा के मामले सामने आए थे। जिम्बाव्बे अभी दुनिया में रेप के शिकार मामलों मे नौवे स्थान पर है, जहां रेप पीडि़तों में बच्चों की संख्या सर्वाधिक थी। यूनिसेफ के अनुसार, जिम्बाब्वे में बच्‍चों से रेप के मामले देश में होने वाली कुल ऐसी वारदातों के 42 फीसदी हैं।

    फिनलैंड में हर 20 में एक महिला रेप की शिकार

    फिनलैंड में हर 20 में एक महिला रेप की शिकार

    वर्ष 2014 में किए गए सर्वे के मुताबिक फिनलैंड में करीब 47 और डेनमार्क में 52 फीसदी महिलाओं ने शारीरिक छेड़छाड़ या यौन शोषण का अनुभव किया था। सर्वेक्षण के मुताबिक हर 10 में एक महिला को 15 साल की उम्र से पहले ही किसी बालिग ने यौन हिंसा का शिकार बनाया था। वहीं, 10 में एक ने 15 साल की उम्र में यौन हिंसा को किसी न किसी रूप में अनुभव किया था। फिनलैंड में हर 20 में एक महिला का रेप किया गया था और 5 में एक ने अपने मौजूदा या पिछले साथी के शारीरिक या यौन हिंसा करने की बात कही थी। केवल 13 फीसदी महिलाओं ने पुलिस को घटना की जानकारी दी।

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    English summary
    According to the National Crime Records Bureau (NCRB), every 6 hours in India a girl is raped. Madhya Pradesh was at the forefront in the year 2017 with the number of rapes with women being 4,882. According to the data, a total of 28,947 women were raped in the country in the year 2017. In this, Madhya Pradesh was at number 1, Uttar Pradesh at number two and Maharashtra at number three, where the highest number of rape cases were reported.
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