आखिर क्यों मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन ने दिया इस्तीफा? ये हैं 5 बड़ी वजह
भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन जेल में हैं, दोनों ने अपने मंत्री पद से मंगलवार को इस्तीफा दे दिया है। जब दोनों ही निर्दोष होने का दावा कर रहे हैं तो आखिर इन्होंने इस्तीफा क्यों दिया?

मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र दोनों ने दिल्ली सरकार के मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है। दोनों ही मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सबसे भरोसेमंद और करीबी थे, लेकिन जिस तरह से अब दोनों जेल में हैं उसके बाद दोनों ने अपने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। मुख्यमंत्री केजरीवाल ने दोनों का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। ऐसे में एक बड़ा सवाल यह खड़ा होता है कि आखिर क्यों दोनों ही मंत्रियों ने अपने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया, बावजूद इसके कि दोनों ने यह दावा किया है कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है, उन्हें षड़यंत्र के तहत फंसाया गया है।
कामकाज प्रभावित हो रहा था
दरअसल मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन के गिरफ्तार होने के बाद उनके मंत्रालय के काम काफी प्रभावित हो रहे थे। मनीष सिसोदिया दिल्ली के उपमुख्यमंत्री, वित्त मंत्री और शिक्षा मंत्री भी थे, वहीं सत्येंद्र जैन दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री थे। दोनों के मंत्रालय काफी अहम हैं, लेकिन दोनों की गिरफ्तारी के बाद इन मंत्रालयों का काम काफी प्रभावित हो रहा था, लिहाजा सरकारी कामकाज को जारी रखने के लिए दोनों ने अपने पद से इस्तीफा देना उचित समझा।
मनीष सिसोदिया के पास 18 मंत्रालय थे
मनीष सिसोदिया ने दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और तमाम अहम मंत्रालयों का जिम्मा संभालने के बावजूद इस्तीफा दे दिया, ऐसे में सत्येंद्र जैन का इस्तीफा देना राजनीतिक मजबूरी बन गया था। सत्येंद्र जैन गिरफ्तार होने के बाद भी सत्येंद्र जैन स्वास्थ्य मंत्री थे। सत्येंद्र जैन के गिरफ्तार होने के बाद मनीष सिसोदिया 33 में से 18 मंत्रालयों का जिम्मा संभाल रहे थे।
विचारधारा पर सवाल
आम आदमी पार्टी की मुख्य विचारधारा ही भ्रष्टाचार के खिलाफ है, ऐसे में दोनों ही नेताओं की भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तारी होने के बाद उनका पद पर बने रहना आप की विचारधारा पर सवाल खड़ा करता है, जिसको लेकर भाजपा लगातार आप पर हमलावर है। अरविंद केजरीवाल भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से निकले नेता है, ऐसे में वह अपने भ्रष्ट मंत्रियों को बचाने के चलते विपक्ष के निशाने पर हैं।
सीबीआई के पास सबूत!
दिल्ली कोर्ट में सीबीआई ने आरोप लगाया है कि शराब नीति घोटाले में मनीष सिसोदिया मुख्य साजिशकर्ता थे। कोर्ट ने सीबीआई की दलील को स्वीकार करते हुए सिसोदिया की जमानत याचिका को रद्द कर दिया। जिसके बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि सीबीआई के पास उनके खिलाफ सबूत हैं। आम आदमी पार्टी को पहले ही अंदाजा हो गया था कि मनीष सिसोदिया गिरफ्तार हो सकते हैं और कई महीने उन्हें जेल में रहना पड़ सकता है। वहीं भाजपा इस बात को लेकर मुद्दा बना सकती है कि केजरीवाल ने अपने भ्रष्ट मंत्री का तबतक साथ दिया जबतक कि वह जेल नहीं चले गए।












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