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जानिए कैसे दो अन्य दोषियों ने नाबालिग संग रेप में आसाराम की मदद की थी

By Ankur Singh
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    नई दिल्ली। नाबालिग लड़की के साथ रेप मामले में जोधपुर की कोर्ट ने आसाराम के अलावा दो अन्य आरोपियों को भी दोषी करार दिया है। इस मामले में कोर्ट के फैसले के बाद पीड़िता के पिता ने खुशी जाहिर की है और उन्होंने भरोसा जताया है कि इस मामले में आसाराम को दोषी करार दिए जाने के बाद उसे सख्त से सख्त सजा दी जाएगी। 2013 में राजस्थान में हुए इस रेप में आसाराम के साथ दो अन्य लोग भी शामिल थें। ऐसे में इनकी भूमिका को भी जानना काफी अहम है कि आखिर कैसे इन लोगों ने इस रेप में आसाराम की मदद की।

    शिल्पी और शरतचंद्र की साजिश

    नाबालिग संग रेप मामले में पुलिस ने 1011 पन्नों की चार्जशीट कोर्ट में दायर की थी, जिसमे आसाराम के अलावा चार अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया था जिसमे से दो आरोपियों को कोर्ट ने निर्दोष मानते हुए बरी कर दिया है जबकि दो अन्य आरोपियों को कोर्ट ने दोषी करार दिया है। जिन दो लोगों को कोर्ट ने दोषी करार दिया है उनके नाम शिल्पा और शरतचंद्र है। इन दोनों पर आरोप है कि इन लोगों ने आसाराम को रेप में मदद की जिसमें कोर्ट ने इन्हे दोषी पाया है।

    फोन डिटेल से हुआ खुलासा

    पुलिस का दावा है कि शरत और शिल्पी मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा स्थित आसाराम के आश्रम द्वारा चलाए जा रहे स्कूल के वार्डन थे। यह स्कूल रेजिडेंशियल स्कूल है, जहां तमाम आसाराम को मानने वाले साधकों के बच्चे पढ़ते थे। लेकिन आसाराम ने अपने साधकों के विश्वास को ताक पर रखते हुए नाबालिग संग रेप जैसी घिनौनी हरकत को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार इन लोगों की फोन डिटेल से साफ हुआ है कि ये लोग आसाराम से संपर्क में थे और इन लोगों ने पीड़िता को आसाराम के पास पहुंचाने में मदद की।

    भूत प्रेत का दिखाया डर

    दअरसल शरत और शिल्पी ने ही पीड़िता के घरवालों को बताया था कि उनकी बेटी किसी आत्मा की वशीभूत हो गई और उसका इलाज कराने की जरूरत है, लिहाजा उसे आसाराम के पास इलाज के लिए ले जाया जा रहा है। लेकिन कोर्ट में पुलिस का यह दावा सच साबित हुआ और कोर्ट ने इन दोनों को इस षड़यंत्र में दोषी पाया है। इन दोनों ही दोषियों ने पीड़िता के परिवार को भूत प्रेत का भय दिखाकर उसका इलाज कराने के लिए पीड़िता को आसाराम के पास भेजा था।

    पीड़िता को मजबूर किया

    शरतचंद्र ने पीड़िता की तबियत खराब होने के बाद उसका इलाज कराने की बजाए हॉस्टल में हवन कराया और पीड़िता को यह मानने के लिए मजबूर किया कि उसका इलाज सिर्फ आसाराम ही कर सकते हैं। उसी ने पीड़िता के परिवार को यह जानकारी दी कि उनकी बेटी भूत प्रेत के साए में है। इस पूरे षड़यंत्र में शिल्पी भी बराबर की भागीदार थी। इस मामले में 19 अगस्त 2013 को केस दर्ज किया गया था। जिसके बाद से आसाराम व अन्य आरोपी जेल में हैं।

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    English summary
    Here is how two other convicted helped Asaram to rape minor. Police charge sheet exposes the reality.

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