Himachal Rains: पहाड़ों पर भारी बारिश, 216 सड़कें बंद, IMD ने जारी किया येलो अलर्ट
हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में मंगलवार को तेज बारिश के चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। मूसलाधार बारिश के कारण राज्य में यातायात बंद होने वाली सड़कों की संख्या 126 हो गई। इस बीच मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए अपने ताजा पूर्वानुमान में और बारिश होने की संभावना जताई है।
मंगलवार को हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई, जिसके कारण राज्य की राजधानी में 126 सड़कें बंद हो गईं और पेड़ उखड़ गए। स्थानीय मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए राज्य के अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश, गरज के साथ बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी जारी करते हुए येलो अलर्ट जारी किया है।

शिमला में मंगलवार को तेज बारिश के चलते उन सड़कों की संख्या 41 हो गई जिन पर आवागमन बंद है। प्रदेश की 126 अवरुद्ध सड़कों में से, सबसे अधिक 50 मंडी में हैं। जिसेके बाद सोलन में 12, कांगड़ा में 10, कुल्लू में छह, सिरमौर में चार और ऊना, किन्नौर और लाहौल और स्पीति जिलों में एक-एक बंद है।
राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के अनुसार, सोमवार सुबह 41 सड़कें बंद थीं, और मंगलवार को भूस्खलन और उखड़े हुए पेड़ों के कारण यह संख्या बढ़कर 126 हो गई। शिमला शहर में भारी बारिश के बाद टॉयलैंड के पास पेड़ उखड़ने से सुबह के समय स्कूल और ऑफिस जाने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शिमला जिले में कुल 41 सड़कें वाहनों की आवाजाही के लिए बंद हैं।
बद्दी से बुनियादी ढांचे, खासकर सड़कों को नुकसान पहुंचने की खबरें भी आई हैं। कुल 126 अवरुद्ध सड़कों में से सबसे अधिक 50 मंडी में, उसके बाद सोलन में 12, कांगड़ा में 10, कुल्लू में छह, सिरमौर में चार और ऊना, किन्नौर और लाहौल और स्पीति जिलों में एक-एक बंद हैं। इसके अतिरिक्त, राज्य भर में 1,191 बिजली और 27 जल आपूर्ति योजनाएं भी बाधित हैं, आपातकालीन संचालन केंद्र ने कहा।
सोमवार शाम 5 बजे से पिछले 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में मध्यम बारिश देखी गई, जिसमें शिमला शहर के उपनगरीय इलाके जुब्बरहट्टी में मंगलवार शाम तक 101 मिमी बारिश दर्ज की गई। जुब्बरहट्टी के बाद काहो में 83 मिमी बारिश दर्ज की गई, कुफरी में 73 मिमी, शिमला में 72.8 मिमी, नारकंडा में 62.5 मिमी, पच्छाद में 59 मिमी, चोपाल में 42.6 मिमी, नगरोटा सूरियां में 42.2 मिमी, सोलन में 42.4 मिमी, सुंदरनगर में 40.1 मिमी, नाहन में 27.4 मिमी और बिलासपुर में 26 मिमी।
27 जून को मानसून शुरू होने के बाद से अब तक हिमाचल प्रदेश में बारिश की कमी 23 प्रतिशत दर्ज की गई है, राज्य में 591.8 मिमी की औसत बारिश के मुकाबले 453.4 मिमी बारिश हुई है। मानसून शुरू होने से लेकर सोमवार तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में 144 लोगों की मौत हो गई है और राज्य को 1,217 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
मंगलवार को शिमला जिले के नारकंडा में राज्य का सबसे ठंडा स्थान था, जहां 11.4 डिग्री सेल्सियस का न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया, जबकि ऊना सबसे गर्म स्थान था, जहां अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।












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