महाराष्ट्र का स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र: आयुष्मान भारत-जन आरोग्य योजना से स्वस्थ व समृद्ध भारत का निर्माण
छत्रपति शिवाजी महाराज की धरती, महाराष्ट्र, महान संतों की विरासत से समृद्ध है। सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर को संजोते हुए, महाराष्ट्र ने देश में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। शिक्षा, रोजगार, राजनीति और संस्कृति के क्षेत्रों में महाराष्ट्र का दबदबा रहा है।
स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में भी यह प्रदेश अग्रणी है। केंद्र और राज्य सरकारों की कल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं के कारण, महाराष्ट्र की स्वास्थ्य संबंधी आधारभूत संरचना अत्याधुनिक और सुदृढ हुई है।

सर्वांगीण विकास के मार्ग पर नागपुर
महाराष्ट्र की शीतकालीन राजधानी नागपुर विकास के मार्ग पर तेज़ी से बढ रहा है। मेट्रो, सड़क, फ्लाइओवर, एमआईएचएएन (MIHAN) हवाई अड्डा, औद्योगिक क्षेत्रों और शैक्षणिक संस्थानों के साथ-साथ नागपुर स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में भी अहम स्थान बना रहा है। 2017 में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) की स्थापना ने शहर के चिकित्सा क्षेत्र पर एक अलग छाप छोड़ी है। इसके परिणामस्वरूप, नागपुर एम्स न केवल महाराष्ट्र के लिए बल्कि मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के रोगियों के लिए भी वरदान साबित हुआ है।
अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस एम्स, नागपुर:
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नागपुर MIHAN क्षेत्र में 150 एकड़ में निर्मित एक भव्य संस्थान है। यह संस्थान अपनी ख्याति के अनुरूप अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करता है। आकर्षक वास्तु-शिल्प के साथ निर्मित एम्स, नागपुर मध्य भारत का एकमात्र ऐसा संस्थान है जो गुणवत्तापूर्ण आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं और चिकित्सा शिक्षा प्रदान करता है।
नागपुर एम्स में मेडिकल और पैरा-मेडिकल विषयों में स्नातक और स्नातकोत्तर के अनेक कार्यक्रम हैं। यहां 42 विषयों में शिक्षण और शोध की सुविधा उपलब्ध है। एम्स चिकित्सा अनुसंधान में सबसे आगे इस संस्थान के प्रोफेसर और शोधकर्ता एक वर्ष में 600 से अधिक शोध-पत्र प्रकाशित करते हैं। नागपुर एम्स एक नर्सिंग कॉलेज भी चलाता है, जो छात्रों को नर्सिंग में बी.एससी (ऑनर्स) और स्नातकोत्तर की उपाधि प्रदान करता है। नागपुर एम्स में कुल 38 विभाग, 18 वार्ड और 23 सुसज्जित ऑपरेशन थिएटर हैं। फलस्वरूप, दैनिक ओपीडी संख्या बढ़कर 2,500 से अधिक हो गई है। कई जटिल सर्जरी के अलावा, नागपुर एम्स ने हाल ही में अस्थि मज्जा प्रत्यारोपण और गुर्दा प्रत्यारोपण शुरू किया है, जिससे यह न केवल महाराष्ट्र बल्कि मध्य भारत के नागरिकों के लिए भी आशा का केंद्र बन गया है।
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014-15 में प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना की घोषणा की थी। इसी योजना के अंतर्गत, 2017 में प्रधानमंत्री के द्वारा ही नागपुर एम्स की आधारशिला रखी गई थी। इस संस्थान की स्थापना में महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और नागपुर से सांसद व केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के प्रयासों की भी महत्त्वपूर्ण भूमिका रही है।
स्वस्थ और समृद्ध भारत बनाने को संकल्पित केंद्र सरकार
इसके अतिरिक्त, नागरिकों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और आयुष्मान भारत योजना चला रही है। जन आरोग्य योजना के माध्यम से पूरे देश में गरीब परिवारों को वार्षिक स्वास्थ्य लाभ प्रदान किया जाता है जिसमें लाखों रुपये की बीमा-राशि शामिल है। इसके अतिरिक्त, राज्य भर में प्रधानमंत्री जन-औषधि केंद्र स्थापित किए गए हैं ताकि जरूरतमंद लोगों को आवश्यक दवाइयाँ सस्ती दरों पर मिल सके।
"आरोग्यं धन संपदा" - अर्थात्, स्वास्थ्य ही सच्ची संपत्ति है। यह नारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए प्रेरित करता है। देश के प्रत्येक नागरिक को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा प्राप्त करने का अधिकार है। केंद्र सरकार विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से एक स्वस्थ और समृद्ध भारत बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।












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