हेडली का कुबूलनामा, पाक को सच का आईना दिखानेवाला
मुंबई। लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी डेविड हेडली ने सोमवार को अमेरिका की शिकागो कोर्ट से एक ऐसे सच का सामना शायद पाकिस्तान को कराया जिससे वह हमेशा मुंह चुराता आया है।
कौन है पाक का खास आदमी साजिद मीर
मुंबई की स्पेशल कोर्ट में हेडली एक-एक करके पाकिस्तान की असलियत को सबके सामने ला रहा था। पाकिस्तान में जहां मुंबई आतंकी हमलों को लेकर कुछ खास नहीं हो रहा तो वहीं पाक सरकार हमेशा इन आतंकी हमलों पर सच से मुकरती रही है।
मुंबई कोर्ट को क्या-क्या बताया हेडली ने
इस हमले का मास्टरमाइंड जकी-उर-रहमान लखवी आजाद है तो वहीं लश्कर और जमात-उद-दावा का मुखिया हाफिज सईद खुली चुनौती देता और कहता है कि भारत मरते दम तक मुंबई हमलों में उसका गुनाह साबित नहीं कर पाएगा।
आइए आपको हेडली के कुबूलनामे के बाद सामने आए उन प्वाइंट्स के बारे में बताते हैं जिनसे साबित है कि आतंकियों के लिए पाकिस्तान एक सुरक्षित जगह है।

हेडली ने बताया सईद के बारे में
हेडली ने मुंबई की कोर्ट को बताया है कि उसकी मुलाकात हाफिज सईद से कराई गई थी। सईद ने उसे बताया था कि वह लश्कर का प्रमुख है। सईद जो कि मोस्ट वांटेंड आतंकी है, उसने खुद को लश्कर का प्रमुख बताया था लेकिन पाक हमेशा लश्कर और सईद को आतंकी मानने से इंकार कर देता है।

कश्मीर पर आतंकियों का एजेंडा
पाक जिस हाफिज सईद को एक समाज सेवक मानता है उसी हाजिफ सईद के बारे में हेडली ने कोर्ट को बताया है। हेडली ने कहा है कि सईद का मकसद कश्मीर के लोगों के समर्थन से यहां पर भारतीय सेना के खिलाफ युद्ध को आगे बढ़ाना है।

मौजूद हैं सेना समर्थित कई कैंप्स
हेडली ने कोर्ट को बताया है कि उसे मुजफ्फराबाद स्थित लश्कर के कैंप्स में ट्रेनिंग मिली। मुजफ्फराबाद पीओके में आता है और हेडली की गवाही पाक को यह बताने के लिए काफी है कि उसकी सेना के समर्थन से लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठन खुलेआम आतंकी कैंप्स को संचालित कर रहे हैं।

मुंबई हमलों की जिम्मेदारी साजिद मीर
हेडली के मुताबिक साजिद मीर ने इस हमले की पूरी योजना तैयार की थी। साजिद मीर पाकिस्तान की इंटेलीजेंस एजेंसी आईएसआई का हिस्सा था। पाक हमेशा से आईएसआई के आतंकी गतिविधियों में शामिल होने वाली बात से इंकार करता आया है।

कराची कंट्रोल रूम में मौजूद पाक आर्मी ऑफिसर
हेडली ने साफ-साफ बताया है कि हमले के लिए पाक के कराची में जो कंट्रोल रूम बनाया गया था, वहां पर पाक सेना के ऑफिसर्स भी मौजूद थे। पाक सेना हमेशा भारत के खिलाफ आतंकी ताकतों को बढ़ावा देती है, हेडली के कुबूलनामे से यह बात साबित हो गई है।

आतंकवाद पर पाक सरकार का लचर रवैया
हेडली ने कहा है कि मुंबई हमलों की साजिश पाक सरकार और आईएसआई की मदद से अंजाम तक पहुंची। पाक की सरकार हर बार यह बात कहती आई है कि वह आतंकी ताकतों को लेकर सख्त है। पहले मुंबई हमलों में कोई कार्रवाई न होना और फिर पठानकोट हमले की जांच में टाल-मटोल से साफ है कि पाक सरकार भी भारत के खिलाफ आतंकी ताकतों को लेकर सख्त नहीं है।

भारत के खिलाफ आतंकी ताकतों की मदद
मुंबई हमलों में तहव्वुर राणा वह व्यक्ति था जिसने हेडली को भारतीय वीजा दिलाने में मदद की। हेडली पाक की सेना में डॉक्टर था और इस बात से साफ है कि पाक की सेना हर सेकेंड भारत के खिलाफ किसी न किसी साजिश को अंजाम देने में जुटी हुई है।

वजूद ही मानने से किया इंकार
पाक हमेशा से इस बात को ही मानने से इंकार करती आई है कि साजिद मीर जैसा कोई शख्स उसके यहां पर है। इस तरह के एक नई बल्कि कई नाम पाक में मौजूद होंगे लेकिन पाक हर बार इंकार कर देता है। हेडली का कुबूलनामा शायद पाक को आईना दिखाने की तरह है।

न जाने कितने कसाब
हर बार सुबूतों से मुकरने वाले पाकिस्तान ने अजमल कसाब को अपने यहां का आतंकी मानने से ही इंकार कर दिया था। अगर आपको याद हो जो वर्ष 2015 में ऊधमपुर आतंकी हमले में जो आतंकी मोहम्मद नावेद पकड़ा गया था उसे भी पाक ने अपना नागरिक मानने से साफ इंकार कर दिया था। इससे साफ है कि पाक आतंक पर दोहरा रवैया अपनाता है।












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