कोर्ट ने उमर अब्दुल्ला को लगाई फटकार,12 दिसंबर को पेश होने के दिए निर्देश

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नई दिल्ली।  दिल्ली उच्च न्यायालय ने जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को उनकी पत्नी से जुड़े गुजारा भत्ता संबंधी मामले में रहात देने से इंकार कर दिया। कोर्ट ने अब्दुल्ला को बिना किसी देरी के पेश होने का निर्देश दिए हैं। जस्टिस संगीता ढींगरा सहगल ने शुक्रवार को कहा कि फैमिली कोर्ट 12 दिसंबर को मामले में सुनवाई करे। कोर्ट ने कहा है कि उमर अब्दुल्ला कोई स्थगन आदेश की मांग नहीं करेंगे और बिना देरी किये कोर्ट में हाजिर होंगे। अब्दुल्ला की पत्नी पायल अब्दुल्ला ने गुजारा भत्ता के लिये कोर्ट में याचिका दायर कर रखी है।

Omar Abdullah

अब्दुल्ला ने इस सुनवाई को रोकने व अंतरिम गुजारा भत्ता देने के आदेश को चुनौती दी थी। उमर अब्दुल्ला ने तर्क रखा था कि पायल व उनके दो बेटों द्वारा गुजारा भत्ते की याचिका सुनवाई योग्य नहीं है। उन्होंने कहा, पायल स्वयं अपना गुजारा करने में सक्षम हैं, वहीं दोनों बेटे बालिग है। ऐसे में निचली अदालत को गुजारा भत्ता का निर्देश देने से पहले यह तय करने का निर्देश दिया जाए कि पायल की अर्जी सुनवाई योग्य है या नहीं।

पायल के वकील ने उमर की याचिका का पुरजोर विरोध करते हुए कहा था कि नेशनल कांफ्रेंस के नेता की पत्नी को एक साल से अधिक समय से छोड़ दिया गया है और उन्हें अपने दो बच्चों की फीस चुकाने तक में मुश्किल आती है। उमर के वकील ने उच्च न्यायालय में दलील दी थी कि पायल का अपना कारोबार है और दिल्ली में एक घर है। इसलिए पहले उन्हें साबित करना होगा कि वह खुद का गुजारा नहीं कर पा रही हैं और उन्हें राहत मिलनी चाहिए।

वकील ने यह दलील भी दी कि उनके बेटे अब वयस्क हैं और इसलिए गुजारा भत्ता नहीं मांग सकते। उमर ने निचली अदालत के नौ सितंबर 2016 को समन जारी करने के आदेश को चुनौती दी थी। निचली अदालत में इस मामले की सुनवाई 12 दिसंबर को होनी है।

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English summary
delhi HC tells Omar Abdullah to settle marital dispute in family court
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