2253 करोड़ रुपये के मनी लॉन्डरिंग केस में हवाला कारोबारी गिरफ्तार
मुंबईः प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को हवाला ऑपरेटर्स मोहम्मद फारूक उर्फ फारूक शेख को 2253 करोड़ रुपये के मनी लॉन्डरिंग के केस में गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि फारूख शेख साल 2014 से एजेंसियों के रडार पर था, लेकिन इसके बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिल पा रही थी। इसका संबंध अंडरवर्ल्ड के साथ भी है।

इसके बारे में साल 2016 में डायरेक्टरट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस ने ईडी को रिपोर्ट दी थी, जिसमें मनी लॉन्डरिंग कानून के तहत कार्रवाई करने की मांग की गई थी। शेख के साथ-साथ इसकी कंपनी स्टेलकॉन इन्फ्राटेल प्राइवेट लिमिटेड का नाम संलिप्त है।
कहा जा रहा है कि मोहम्मद फारूक उर्फ फारूक शेख के पास करीब 160 शेल कंपनियां हैं। इन्हीं कंपनियों के जरिए शेख का व्यापार चलता है। स्टेलकॉन इन्फ्राटेल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का ऑफिस झावेरी बाजार में स्थित है।
साल 2017 मई के महीने में सीबीआई ने शेख के खिलाफ एक केस रजिस्टर किया था, इस केस में कुछ बैंक अधिकारियों के घोटाले में मिले होने के आरोप लगे थे। इन आरोपों के बाद ईडी ने शेख पर मनी लॉन्डरिंग का केस दर्ज किया।
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जांच के बाद पता चला कि स्टेलकॉन ऐसी ही एक कंपनी थी जिसमें हवाल ट्रांजैक्शन किए गए थे और ये कंपनी शेख की थी। शेख की एक कंपनी का निदेशक एक ऑटो चालक था। इन सभी का फर्जी इंपोर्टर-एक्सपोर्टर कोड था।
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ईडी अधिकारियों का कहना है कि शेख फारूक ने कोऑपरेटिव बैंकों में क्लाइंट्स से आया पैसा जमा किया। कई बार ट्रांजैक्शन करने का बाद राष्ट्रीकृत बैंक के अपने खातों में पैसे डाल लिए। फिर फर्जी दस्तावेजों के जरिये पैसों की निकासी की।
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