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हाथरस गैंगरेप: पीड़िता के पिता ने पुलिस के दावे को किया खारिज, बोले- हमारी गैरमौजूदगी में किया अंतिम संस्कार

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नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में हुई हैवानियत ने एक बार फिर निर्भया गैंगरेप की याद दिला दी है। हाथरस गैंगरेप पीड़िता के परिवार वालों का आरोप है कि बेटी की मौत के बाद उनकी मर्जी के खिलाफ जबरन उसका अंतिम संस्‍कार कर दिया गया। गैंगरेप कांड और परिजनों के आरोप के बाद अब यूपी सरकार के ऊपर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस बीच पुलिस का कहना है कि अंतिम संस्‍कार के समय पीड़िता के परिजन मौजूद थे। बुधवार को पीड़िता के पिता ने मीडियाकर्मी से बात करते हुए पुलिस के दावे पर बयान दिया है।

Hathras victim father rejects police claim said Cremated in our absence
    Hathras Case : Yogi Adityanath ने बनाई SIT, 7 दिन में मांगी रिपोर्ट | PM Modi | वनइंडिया हिंदी

    एनडीटीवी की खबर के मुताबिक हाथरस गैंगरेप पीड़िता के पिता ने पुलिस के दावे को खारिज कर दिया है। पुलिस का दावा है कि उनके पास एक वीडियो है जिसमें अंतिम संस्‍कार के समय पीड़िता के परिवार की तरफ से एक बुजुर्ग श्मशान घाट में मौजूद थे। इस दावे पर पीड़िता के पिता ने कहा, 'वीडियो में दिखाई दे रहे बुजुर्ग रिश्ते में चाचा लगते हैं, लेकिन पीड़िता के परिजन तो हम लोग हैं। उनको पुलिस ने बुलाकर सिर्फ दिखा दिया, हम लोग अंतिम संस्कार के समय मौजूद नहीं थे।'

    यह भी पढ़ें: हाथरस गैंगरेप-मर्डर: पीड़िता को इंसाफ के लिए प्रदर्शन, फोर्स तैनात

    पीड़िता के पिता ने आगे कहा, 'अंतिम संस्कार के दौरान हमारे परिवार से वहां कोई मौजूद नहीं था। लड़की की मां भी नहीं थी, मैं भी नहीं हूं, उन्होंने वहीं से बेटी का अंतिम संस्कार कर चले गए।' पिता ने कहा, 'हम रात के समय बेटी का अंतिम संस्कार करने के लिए राजी नहीं थे लेकिन पुलिस वाले नहीं मानें, हम लोग सुबह के समय हिंदू रीति रिवाज के अनुसार, सभी रिश्तेदारों की मौजूदगी में अंतिम यात्रा निकालना चाहते थे, लेकिन उन्होंने हमारी एक भी नहीं चलने दी।'

    सीएम योगी ने किया SIT का गठन
    मालूम हो कि 19 वर्षीय दलित युवती के साथ दरिंदगी और फिर पुलिसवालों की अमानवीयता से पूरे देश में आक्रोश है। तो वहीं, इस कांड के बाद विपक्ष के निशाने पर आई योगी आदित्यनाथ सरकार ने इस पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया है। एसआईटी की यह टीम सात दिन के अंदर रिपोर्ट सौंपेगी। बता दें कि एसआईटी में दलित और महिला अधिकारी भी शामिल हैं। गृह सचिव भगवान स्वरूप, डीआईजी चंद्र प्रकाश और सेनानायक पीएसी आगरा पूनम एसआईटी के सदस्य होंगे। सीएम योगी ने पूरे मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में लाने के निर्देश भी दिए है। बता दें इस मामले में चारों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर पहले ही जेल भेज दिया है।

    English summary
    Hathras victim father rejects police claim said Cremated in our absence
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