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हाथरस: पुलिस के सख्त पहरे में पीड़िता का परिवार, शौचालय के बाहर भी खड़े हैं पुलिसवाले, गांव वाले ने बताई आंखों देखी

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हाथरस: हाथरस गैंगरेप और हत्या के केस में उत्तर प्रदेश की पुलिस सवालों के घेरे में है। पीड़िता के गांव में घेराबंदी की गई है। किसी भी गांव में आने नहीं दिया जा रहा है और नाही गांव से कोई बाहर जा सकता है। हाथरस पीड़िता के गांव में भारी पुलिस बल तैनात है। पत्रकारों को परिवार के सदस्यों से मिलने से रोकने के आरोपों के बावजूद अधिकारियों ने पीड़ित के फोन को जब्त कर लिया है। पीड़िता के परिवार वाले और रिश्तेदार पुलिस की निगरानी में हैं। पुलिस ने पीड़िता के परिवार को उनके ही घर में कैद कर लिया है। बाथरूम के बाहर भी पुलिस खड़े किए गए हैं, जिसकी वजह से महिलाओं को काफी दिक्कत हो रही है।

पीड़िता का गांव सील, घरवालों के छीने गए मोबाइल फोन

पीड़िता का गांव सील, घरवालों के छीने गए मोबाइल फोन

गांव से छिपकर मीडिया के पास आए एक लड़के ने पुलिस-प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। लड़के ने कहा है कि पीड़िता के घरवाले मीडिया से बात करना चाहते हैं लेकिन उन्हें घर में ही कैद कर दिया गया है। सबके मोबाइल छीन लिए गए हैं और उसके ताऊ की छाती पर पुलिस द्वारा लात मारी गई है। गुरुवार (1 अक्टूबर) की सुबह से, पुलिस ने मुख्य सड़क पर गांव से लगभग 2 किमी की दूरी पर बैरिकेड्स लगा दिए। गांव तक जाने वाले सभी रास्ते बंद कर दिए गए हैं। किसी भी बाहरी व्यक्ति को गांव में पहुंचने से रोकने के लिए पुलिसकर्मियों को खेतों में तैनात कर दिया है।

दावा- पुलिस घर के बाथरूम के बाहर भी तैनात

दावा- पुलिस घर के बाथरूम के बाहर भी तैनात

हिन्दुस्तान टाइम्स के मुताबिक एक गांव वाले ने नाम ना छापने की शर्त पर कहा है कि गांव में पुलिस सड़कों के अलावा, पीड़ित के घर के शौचालयों के बाहर भी डेरा डाले हुए है। डॉक्टर से मिलने के बहाने गांव से निकले व्यक्ति ने कहा, "घर की महिलाओं को बाहर खड़े पुलिसकर्मियों के सामने ही बाथरूम जाना पड़ रहाा है, महिलाओं के लिए ये काफी मुश्किल है।

पुलिस ने सबको एक कमरे में किया बंद

पुलिस ने सबको एक कमरे में किया बंद

पीड़िता के चचेरे भाई ने दावा किया है कि घर में सभी के फोन छीनने के बाद एक कमरे में बंद कर दिया गया है। घर वाले काफी परेशान हैं, रो रहे हैं लेकिन उनकी कोई सुन नहीं रहा है। लड़के ने कहा, मेरे चाचा (पीड़िता के पिता) ने भी मेरे साथ गांव से भागने की कोशिश की लेकिन वह सफल नहीं हो पाए। मुझे पता है कि खेतों के रास्ते गांव से सबसे छिपकर कैसे निकलना है।

पुलिस ने इन सभी आरोपों का खंडन किया है और कहा है कि भारतीय दंड संहिता की धारा 144 के तहत हम अपना काम कर रहे हैं, जिसके तहत चार या अधिक लोगों के एक साथ रहने पर मनाही है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि एक विशेष जांच दल (SIT) की टीम गांव में जांच कर रही है। तब तक वहां मीडिया का जाना बैन रहेगा। हम कानून व्यवस्था भी बनाए हुए हैं।

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English summary
Hathras villager said UP police are also camping outside the toilets of the victim’s house. The women of the house are finding it difficult to visit the toilet with policemen standing right outside.
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