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आर्मी के कुली का सिर काट कर ले गया पाकिस्तान?

By माजिद जहांगीर

MAJID

जम्मू-कश्मीर के पुंछ ज़िले में नियंत्रण रेखा पर सोमवार को भारत और पाकिस्तान के बीच गोलीबारी बंद थी.

लेकिन 28 साल के सेना के कुली मोहम्मद असलम की हत्या से पूरे इलाक़े के लोग सदमे में हैं. पिछले शुक्रवार को नियंत्रण रेखा पर पुंछ ज़िले के कसालियान गाँव के मोहम्मद असलम की हत्या कर दी गई थी.

सोमवार को जब मैं मोहम्मद असलम के गाँव पहुंचा तो तेज़ बारिश हो रही थी. उनका गाँव नियंत्रण रेखा से मुश्किल से दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित है.

असलम का जितना छोटा घर उतनी ही बड़ी ख़ामोशी पसरी थी. घर वाले असलम की हत्या के सदमे में हैं तो गाँव वाले डरे हुए हैं. पड़ोस की महिलाएं असलम के घर बैठी हैं और उनके माता-पिता के दुख को बाँटने की कोशिश कर रही हैं. सबसे बुरी हालत असलम की पत्नी की है.

पिछले शुक्रवार को असलम समेत पाँच कुलियों पर नियंत्रण रेखा के पास कथित रूप से पाकिस्तान बॉर्डर एक्शन टीम ने हमला किया था. तब ये भारतीय सेना के लिए कुछ सामान लेकर जा रहे थे. इस हमले में दो कुली मोहम्मद असलम और अल्ताफ़ हुसैन की मौत हो गई और बाक़ी के तीन ज़ख़्मी हुए हैं.

नियंत्रण रेखा के आसपास के गाँव भारतीय सेना की कड़ी निगरानी में रहते हैं. आर्मी की कड़ी चौकसी रहती है. आर्मी ने गाँव तक सड़क भी ठीक करवाई है. नियंत्रण रेखा पर युद्धविराम के उल्लंघन से ये गाँव अक्सर पीड़ित रहते हैं. हमेशा इनकी जान हथेली पर रहती है.

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आर्मी के कुली का काम उनके सामान को बिना कोई यूनिफॉर्म में सरहद तक पहुंचाना होता है. इन्हें मंथली पेमेंट भी किया जाता है.

असलम की माँ आलम बी ने कहा कि पहले यह नहीं बताया गया था कि असलम का शव बिना सिर के है. उन्होंने कहा, ''शव जब घर आया तो मैं देख सकती थी लेकिन शव उस हालत में नहीं था कि मैं जाकर देखूं. शुक्रवार की सुबह मैंने अपने बेटे को आख़िरी बार देखा था. मुझे नहीं पता कि वो कहां गया. ग़रीबी के कारण वो मज़दूरी करने जाता था. मैं शव को देखने की हालत में नहीं थी.''

जब उनकी मां से असलम के काम के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा, ''वो सेना के लिए काम करता था. उसने सेना के लिए जान दे दी लेकिन अब तक सेना से कोई भी दुख की इस घड़ी में नहीं आया. कोई नेता भी नहीं आया. मुझे बेटा वापस चाहिए. मेरे बेटे की ज़िम्मेदारी सेना की थी.''

असलम के पिता मोहम्मद सिदिक़ ने कहा, ''मैं कुछ काम के लिए गया था. मुझे छोटे बेटे ने फ़ोन कर घर आने के लिए कहा. मैं घर पहुंचा तो बताया गया कि सरहद पर आर्मी के कुछ कुली ज़ख़्मी हुए हैं. इसके बाद गाँव से हमलोग घटनास्थल पर पहुंचे. वहां लोगों ने बताया कि हमले के दौरान ये मदद के लिए रो रहे थे लेकिन कोई सामने नहीं आया. मेरे बेटे का सिर का नहीं था. वो लेकर चले गए थे. मैं क्या करता?''

मैंने उनसे पूछा कि सिर काटकर कौन ले गया? उन्होंने कहा, ''पाकिस्तान ले गया. पाकिस्तान ऐसा कर सकता है. जिस जगह पर ये हुआ, वहां ऐसा कौन कर सकता है? असलम की कमाई से ही पूरे परिवार का भरण-पोषण होता था.''

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सिदिक़ ने कहा कि पिछले चार सालों से उनका बेटा सेना के लिए काम कर रहा था. वो कहते हैं, ''ये सच है कि मेरा बेटा कुली था लेकिन वो किसी नियमित जवान से ज़्यादा काम कर रहा था. जब औरंगज़ेब को लोगों ने मार दिया था तो पूरा सम्मान मिला था लेकिन मेरे बेटे की उपेक्षा की गई. सेना के कुली भी आर्मी के लिए ही काम करते हैं. सरकार को चाहिए कि वो दुश्मनों को सबक़ सिखाए लेकिन मुझे पता है कि ये नहीं होगा.''

असलम की पत्नी नसीमा अख़्तर ने बीबीसी से कहा, ''मौत के बाद भी अपने पति का चेहरा तक नहीं देख सकी. इसका दर्द तो मेरे लिए आजीवन रहेगा. मेरे दो बच्चे हैं. इनका अब लालन-पालन कैसे होगा?

असलम के चाचा ने कहा, ''अगर सेना अपने कुलियों की जान नहीं बचा सकती है तो देश की सुरक्षा कैसे करेगी?''

एक ज़ख़्मी कुली ने कहा, ''हमलोग सामान लेकर जा रहे थे तभी अचानक से बारूदी सुरंग फटा. इसके पहले तीन लोग सेना की वर्दी में आए थे. एक कुली ज़मीन पर गिर गया. असलम मेरी तरफ़ देखने लगा. वो तीनों एक कुली की तरफ़ बढ़े और कहा कि गर्दन काट लो. वो हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाता रहा और कहा कि छोड़ दो. इसके बाद उनलोगों ने गोली मार दी. इसके बाद वो असलम की तरफ़ बढ़े. तब असलम के कंधे पर सेना के सामान बंधे थे. असमल बहुत डरा हुआ था. उसे वहां से घने जंगल में ले गए और उसकी गर्दर को शरीर से अलग कर दिया.''

पुंछ के उपायुक्त राहुल यादव ने कहा, ''यह पहली बार है जब किसी आम नागरिक का सिर काटा गया है. जो सेना के लिए कुली का काम कर रहे हैं वो आम लोग ही होते हैं. इससे पहले सिरकलम जम्मू-कश्मीर में किसी आम नागरिक का नहीं हुआ. मैं हमेशा कहता हूं कि जो लोग सरहद पर रहते हैं वो बिना वर्दी के सैनिक हैं.'' पाकिस्तान के बॉर्डर एक्शन फ़ोर्स से पूछा तो कहा कि यह जांच का विषय है.''

{image- hindi.oneindia.com}

BBC Hindi
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English summary
Has Pakistan beheaded army porter
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