24 घंटे में अमित शाह ने बदले हरियाणा के समीकरण, इस 'प्लानिंग' से तोड़ दिया कांग्रेस का सपना
भाजपा के चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह ने कैसे महज 24 घंटों के भीतर हरियाणा का पूरा गेम ही पलट डाला।
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नई दिल्ली। हरियाणा चुनाव के नतीजों में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत ना मिलने के बाद त्रिशंकु विधानसभा की अटकलों के बीच भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने महज 24 घंटों के भीतर प्रदेश की राजनीति के सारे समीकरण बदल दिए। अहमदाबाद से लौटे अमित शाह ने दिल्ली पहुंचकर जननायक जनता पार्टी के अध्यक्ष दुष्यंत चौटाला से मुलाकात की और इस मुलाकात के ठीक बाद हरियाणा में भाजपा-जेजेपी के गठबंधन की सरकार बनाने का ऐलान कर दिया। इससे पहले कयास लगाए जा रहे थे कि हरियाणा में भाजपा की वापसी में जेजेपी ही सबसे बड़ा रोड़ा बन सकती है और कांग्रेस दुष्यंत चौटाला को साथ लेकर प्रदेश की कुर्सी की तरफ कदम बढ़ा सकती है। लेकिन, भाजपा के चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह ने एक खास प्लानिंग से हरियाणा का पूरा गेम ही पलट डाला।

गोपाल कांडा खुद बन बैठे किंगमेकर
दरअसल, हरियाणा में भाजपा 40 सीटें पाकर बहुमत के आंकड़े से 6 सीट दूर थी। कुछ ऐसा ही हाल कांग्रेस का था, जिसे 31 सीटें मिलीं। यानी दोनों पार्टियां अपने दम पर सरकार बनाने की हालत में नहीं थी। यहां किंगमेकर की भूमिका में जेजेपी के दुष्यंत चौटाला उभरे, जिनके खाते में 10 सीटें गईं। इसी उधेड़बुन के बीच हरियाणा की सिरसा विधानसभा सीट से जीते गोपाल कांडा ने ऐलान कर दिया कि उनका और उनके साथ बाकी 6 निर्दलीय विधायकों का समर्थन भाजपा के लिए हैं और खबरें चलने लगीं कि भाजपा निर्दलीय विधायकों को साथ लेकर सरकार बना लेगी। खबर यह भी आई कि निर्दलीय विधायकों का समर्थन लेकर मनोहर लाल खट्टर शनिवार सुबह सीएम पद की शपथ ले सकते हैं।

गोपाल कांडा के समर्थन पर भाजपा घर में ही घिरी
हालांकि शाम होते-होते गंभीर आरोपों में घिरे गोपाल कांडा के समर्थन पर भाजपा के भीतर से ही सवाल उठने लगे और पार्टी को बैकफुट पर आना पड़ा। भाजपा की दिग्गज नेता उमा भारती ने गोपाल कांडा के समर्थन के खिलाफ ट्वीट कर अपनी नाराजगी जाहिर कर दी। विवाद बढ़ता देख भाजपा ने गोपाल कांडा से किनारा कर लिया। इसके बाद शाम को जेजेपी के अध्यक्ष दुष्यंत चौटाला ने प्रेस कॉन्फ्रेस कर ऐलान किया कि जो पार्टी उनके विकास के एजेंडे को पूरा करेगी, वो उसे अपना समर्थन देंगे। जिस वक्त हरियाणा में यह सब कुछ चल रहा था, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह अहमदाबाद में थे। इसके बाद अमित शाह ने हरियाणा की कमान खुद संभाली और शुक्रवार शाम को ही दिल्ली पहुंच गए।

शाह ने खुद संभाली हरियाणा की कमान
दिल्ली में जेजेपी के अध्यक्ष दुष्यंत चौटाला शुक्रवार देर शाम केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर के साथ अमित शाह से मिलने पहुंचे और इस मुलाकात के बाद तय हो गया कि हरियाणा में अगली सरकार भाजपा-जेजेपी गठबंधन की होगी। बैठक में तय हुआ कि नई सरकार में डिप्टी सीएम का पद जेजेपी के पास रहेगा। इसके अलावा जेजेपी को तीन मंत्री पद (दो कैबिनेट और एक राज्य मंत्री) भी दिए जाएंगे। अमित शाह ने बैठक के बाद कहा कि भाजपा और जेजेपी हरियाणा में एक स्थाई सरकार बनाने के लिए साथ आए हैं। भाजपा का कहना है कि जेजेपी के अलावा निर्दलीय विधायकों का समर्थन भी उसके पास है और वो एक मजबूत सरकार बनाने जा रही है।

नतीजों के अगले ही दिन शाह ने कर दिया था ट्वीट
इससे पहले हरियाणा के चुनाव नतीजों के अगले ही दिन अमित शाह ने अपने ट्वीट में भी सरकार बनाने का इशारा कर दिया था। अमित शाह ने ट्वीट करते हुए कहा, 'गत 5 वर्षों में मोदी जी के केंद्रीय नेतृत्व में खट्टर सरकार ने हरियाणा की जनता के कल्याण के लिए हर संभव प्रयास किए। भाजपा को सबसे बड़ी पार्टी बनाकर पुनः सेवा का मौका देने के लिए जनता का अभिनंदन करता हूं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, सुभाष बराला व सभी कार्यकर्ताओं को बधाई।' अमित शाह के इस ट्वीट से स्पष्ट हो गया था कि भाजपा हरियाणा में फिर से सरकार बनाने जा रही है।












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